10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वजीराबाद जल परियोजना को मंजूरी: ₹2,574 करोड़ की ADB-समर्थित योजना से उत्तरी दिल्ली को राहत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वजीराबाद जल परियोजना को मंजूरी: ₹2,574 करोड़ की ADB-समर्थित योजना से उत्तरी दिल्ली को राहत

सारांश

2013 में परिकल्पित, वर्षों तक फाइलों में बंद — ₹2,574 करोड़ की वजीराबाद जल परियोजना को आखिरकार केंद्र की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई। ADB समर्थित यह योजना उत्तरी दिल्ली के जल-बुनियादी ढाँचे को जड़ से बदलने का वादा करती है।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार के DEA की स्क्रीनिंग कमेटी ने ₹2,574 करोड़ की वजीराबाद जल आपूर्ति सुधार परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी।
परियोजना एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा वित्त पोषित है और इसकी परिकल्पना 2013 में की गई थी।
योजना में वजीराबाद जल शोधन संयंत्र , ट्रांसमिशन नेटवर्क, भूमिगत जलाशय, पंपिंग अवसंरचना और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों का उन्नयन शामिल है।
पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनें बदली जाएंगी; औपचारिक कनेक्शन से वंचित क्षेत्रों को भी नेटवर्क में जोड़ा जाएगा।
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने इसे उत्तरी दिल्ली के जल-बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण की दिशा में 'बड़ा कदम' बताया।

केंद्र सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) की स्क्रीनिंग कमेटी ने ₹2,574 करोड़ की वजीराबाद जल आपूर्ति सुधार परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है। एशियाई विकास बैंक (ADB) समर्थित इस परियोजना की घोषणा 10 अगस्त को हुई, जो उत्तरी दिल्ली के लाखों निवासियों के लिए दशकों पुरानी जल-आपूर्ति समस्या के समाधान की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।

परियोजना की पृष्ठभूमि

दिल्ली के सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि इस परियोजना की परिकल्पना सबसे पहले 2013 में की गई थी। हालाँकि, यह योजना अगले कई वर्षों तक प्रशासनिक और वित्तीय अड़चनों के कारण योजना-चरण में ही अटकी रही। केंद्र सरकार की हालिया सैद्धांतिक मंजूरी के बाद अब यह परियोजना कार्यान्वयन की ओर बढ़ रही है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली की बढ़ती आबादी के मद्देनज़र जल-बुनियादी ढाँचे पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

परियोजना में क्या शामिल है

यह परियोजना संपूर्ण जल आपूर्ति श्रृंखला को कवर करेगी — वजीराबाद जल शोधन संयंत्र के उन्नयन से लेकर ट्रांसमिशन नेटवर्क, भूमिगत जलाशय, पंपिंग अवसंरचना और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों तक। पुरानी, क्षतिग्रस्त और अपर्याप्त क्षमता वाली पाइपलाइनों को बदला जाएगा, जबकि आवश्यकतानुसार नई ट्रांसमिशन और वितरण लाइनें बिछाई जाएंगी।

मौजूदा नेटवर्क को आपस में जोड़ा जाएगा ताकि दबाव, वितरण और आपूर्ति की विश्वसनीयता में सुधार हो सके। घरेलू सेवा कनेक्शनों को नियमित और उन्नत किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में अभी तक औपचारिक जल कनेक्शन नहीं हैं, उन्हें भी तकनीकी रूप से संभव होने पर नियोजित नेटवर्क में शामिल किया जाएगा।

मंत्री की प्रतिक्रिया

मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, 'दिल्ली के लोगों के लिए पानी रोज़मर्रा की ज़रूरत है। हमारी ज़िम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि हर नल के पीछे का बुनियादी ढाँचा मज़बूत, आधुनिक और विश्वसनीय हो।' उन्होंने आगे कहा, 'हम केवल आज के लिए योजना नहीं बना रहे — हम एक ऐसी जल प्रणाली बना रहे हैं जो दशकों तक दिल्ली की सेवा कर सके।'

आम जनता पर असर

उत्तरी दिल्ली के वे इलाके जो वर्षों से अनियमित और कम दबाव वाली जल-आपूर्ति से जूझ रहे हैं, उन्हें इस परियोजना से सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि दिल्ली में जल-वितरण का बुनियादी ढाँचा कई दशक पुराना है और शहर की मौजूदा आबादी के अनुपात में अपर्याप्त माना जाता है।

आगे की राह

सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद परियोजना की विस्तृत कार्यान्वयन योजना तैयार की जाएगी। ADB के वित्त पोषण के साथ यह परियोजना दिल्ली के जल-बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण में एक दीर्घकालिक निवेश है। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य एक ऐसी टिकाऊ जल प्रणाली तैयार करना है जो आने वाले दशकों की माँग को पूरा कर सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि यह योजना 2013 से अटकी थी — यानी एक दशक से अधिक समय तक यह केवल कागज़ों पर रही। सैद्धांतिक मंजूरी और ज़मीन पर काम शुरू होने के बीच दिल्ली की बड़ी परियोजनाओं में अक्सर लंबा फासला रहा है। असली कसौटी यह होगी कि ADB की वित्तीय शर्तें पूरी होती हैं या नहीं, और क्या कार्यान्वयन एजेंसी पिछले जल-परियोजनाओं में हुई देरी और लागत-वृद्धि से सबक लेकर समयबद्ध तरीके से काम करती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वजीराबाद जल आपूर्ति सुधार परियोजना क्या है?
यह ₹2,574 करोड़ की ADB-समर्थित परियोजना है जिसे उत्तरी दिल्ली के जल-बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाने के लिए तैयार किया गया है। इसमें वजीराबाद जल शोधन संयंत्र, ट्रांसमिशन नेटवर्क, पंपिंग अवसंरचना और घरेलू कनेक्शनों का उन्नयन शामिल है।
इस परियोजना को मंजूरी कब और किसने दी?
केंद्र सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) की स्क्रीनिंग कमेटी ने 10 अगस्त को इस परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की। परियोजना की परिकल्पना मूलतः 2013 में की गई थी।
इस परियोजना से दिल्ली के किन इलाकों को फायदा होगा?
यह परियोजना मुख्यतः उत्तरी दिल्ली के उन इलाकों को लाभ देगी जो वर्षों से अनियमित और कम दबाव वाली जल-आपूर्ति से प्रभावित हैं। जिन क्षेत्रों में अभी औपचारिक जल कनेक्शन नहीं है, उन्हें भी तकनीकी रूप से संभव होने पर नेटवर्क में शामिल किया जाएगा।
परियोजना में ADB की क्या भूमिका है?
एशियाई विकास बैंक (ADB) इस परियोजना का प्रमुख वित्तीय साझेदार है। ADB-समर्थित परियोजनाओं में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तकनीकी और वित्तीय निगरानी होती है, जो कार्यान्वयन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में सहायक होती है।
परियोजना के तहत बुनियादी ढाँचे में क्या-क्या बदलाव होंगे?
परियोजना के तहत पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनें बदली जाएंगी, नई ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनें बिछाई जाएंगी, और मौजूदा नेटवर्क को आपस में जोड़ा जाएगा। वजीराबाद जल शोधन संयंत्र, भूमिगत जलाशय और पंपिंग अवसंरचना का भी उन्नयन किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले