डीजीसीए ने इंडिगो को जारी किया वार्निंग लेटर, जनवरी 2026 की कार्गो गिरने की घटना में एसओपी उल्लंघन पाया
सारांश
मुख्य बातें
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो को 8 जुलाई 2026 को एक औपचारिक चेतावनी पत्र जारी किया, जो जनवरी 2026 में हुई कार्गो गिरने की घटना की जाँच से जुड़ा है। नियामक के ऑडिट में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और विमान (खतरनाक सामान का परिवहन) नियम, 2026 के कुछ प्रावधानों के उल्लंघन सामने आए, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
मुख्य घटनाक्रम
जनवरी 2026 में इंडिगो की एक उड़ान के उतरने के बाद जमीन पर कार्गो गिरा हुआ पाया गया था। इस घटना के बाद डीजीसीए ने एयरलाइन का विस्तृत ऑडिट किया। ऑडिट में एसओपी से संबंधित कई खामियाँ उजागर हुईं, जिनके आधार पर नियामक ने 8 जुलाई 2026 को इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को चेतावनी पत्र सौंपा।
स्टॉक एक्सचेंज को सूचना देने में देरी
इंटरग्लोब एविएशन ने स्वीकार किया कि इस घटना की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को समय पर नहीं दी जा सकी। कंपनी सचिव एवं मुख्य अनुपालन अधिकारी नीरजा शर्मा द्वारा हस्ताक्षरित फाइलिंग में कहा गया: 'सूचना देने में हुई देरी अनजाने में हुई। इसका कारण चेतावनी पत्र मिलने की जानकारी कंपनी के भीतर समय पर साझा न हो पाना था।' कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह चूक जानबूझकर नहीं थी, बल्कि आंतरिक संचार में हुई देरी का परिणाम थी।
डीजीसीए की माँग और कंपनी पर असर
डीजीसीए ने इंडिगो से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उठाए गए सुधारात्मक कदमों की एक्शन टेकन रिपोर्ट माँगी है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि इस चेतावनी के तहत कंपनी पर कोई जुर्माना, परिचालन प्रतिबंध या अन्य दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। कंपनी के अनुसार, इस चेतावनी का उसके वित्तीय प्रदर्शन, परिचालन या अन्य कारोबारी गतिविधियों पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ेगा।
वित्तीय स्थिति
गौरतलब है कि यह नियामकीय कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब इंटरग्लोब एविएशन वित्तीय दबाव में है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का समेकित शुद्ध घाटा दर्ज किया, जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में ₹3,068 करोड़ का शुद्ध लाभ था। हालाँकि, परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 1% बढ़कर ₹22,438 करोड़ रहा।
आगे क्या होगा
इंडिगो को अब डीजीसीए को एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिसमें एसओपी उल्लंघनों को दूर करने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण देना होगा। विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला कार्गो हैंडलिंग प्रोटोकॉल की समीक्षा और एयरलाइनों में आंतरिक अनुपालन तंत्र को मज़बूत करने की ज़रूरत को रेखांकित करता है।