26 जून 2026
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धनबाद भू-धंसान: कतरास टंडाबाड़ी में 20 घर जमीन में समाए, NH-32 जाम — बड़ी खबर

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धनबाद भू-धंसान: कतरास टंडाबाड़ी में 20 घर जमीन में समाए, NH-32 जाम — बड़ी खबर

सारांश

धनबाद के कतरास में भू-धंसान से टंडाबाड़ी बस्ती के 20 घर जमीन में समाए, एक घायल गंभीर। BCCL पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने NH-32 जाम किया। विधायक राज सिन्हा भी धरने पर बैठे। खतरनाक घोषित क्षेत्र में पुनर्वास न होना प्रशासनिक विफलता उजागर करता है।

मुख्य बातें

गुरुवार, 24 अप्रैल 2025 की देर रात धनबाद के कतरास, टंडाबाड़ी बस्ती में भीषण भू-धंसान हुआ।
करीब 20 घर तेज धमाके के साथ 10 से 20 फीट गहरे गड्ढे में समा गए।
सूरज राम के परिवार के सदस्य मलबे में दबे, एक घायल की हालत गंभीर, धनबाद रेफर।
पूर्व प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया का आवास समेत कई मकान पूरी तरह ध्वस्त।
आक्रोशित ग्रामीणों ने BCCL पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए NH-32 जाम किया, शुक्रवार सुबह तक जाम जारी।
धनबाद विधायक राज सिन्हा ने धनबाद-बोकारो मार्ग के 9 दिनों से बंद रहने के विरोध में बेमियादी धरना शुरू किया।

भू-धंसान की भीषण घटना से दहला कतरास

धनबाद के कतरास स्थित टंडाबाड़ी बस्ती में गुरुवार, 24 अप्रैल की देर रात अचानक भू-धंसान की दर्दनाक घटना घटी, जिसमें सोनारडीह ओपी क्षेत्र के करीब 20 घर 10 से 20 फीट गहरे गड्ढे में धंस गए। तेज धमाके की आवाज के साथ जमीन अचानक धंसने लगी, जिससे पूरे इलाके में भय और अफरातफरी फैल गई। यह घटना कोयलांचल में अनियंत्रित खनन के खतरों को एक बार फिर उजागर करती है।

रात के अंधेरे में तबाही, परिवार बाल-बाल बचे

घटना के वक्त अधिकांश निवासी या तो सो चुके थे या सोने की तैयारी में थे। सूरज राम के परिवार के कई सदस्य मलबे में दब गए, जिन्हें स्थानीय लोगों ने मिलकर सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों में एक व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसे बेहतर उपचार के लिए धनबाद रेफर किया गया है।

इस भू-धंसान में पूर्व प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया का आवास समेत कई मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए। एक घर के बाहर खड़ी कार भी जमीन में समा गई। किसी तरह लोग अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन उनकी संपत्ति और घर पूरी तरह नष्ट हो गए।

BCCL पर फूटा आक्रोश, NH-32 जाम

विस्थापित और आक्रोशित ग्रामीणों ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) प्रबंधन और जिला प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ राष्ट्रीय राजमार्ग-32 (NH-32) को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि BCCL की लापरवाही और अनदेखी के कारण दर्जनों परिवार बेघर हो गए हैं। शुक्रवार सुबह तक जाम जारी रहा और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना रहा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ (CISF) के भारी जवानों की तैनाती की गई। प्रशासन लोगों को समझाने और यातायात बहाल कराने में जुटा है, लेकिन प्रभावित परिवार सुरक्षित पुनर्वास और मुआवजे का लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं।

विधायक राज सिन्हा का बेमियादी धरना

धनबाद विधायक राज सिन्हा ने केंदुआडीह क्षेत्र में पूर्व में हुए भू-धंसान के कारण धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग के नौ दिनों से बंद रहने के विरोध में गुरुवार को बेमियादी धरना शुरू कर दिया। उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगम और BCCL पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाया। विधायक का कहना है कि गंभीर स्थिति के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।

गहरा संदर्भ: कोयलांचल में भू-धंसान का दशकों पुराना दर्द

धनबाद का कतरास और आसपास के इलाके दशकों से भू-धंसान की समस्या से जूझ रहे हैं। BCCL के अधीन खदानों में अनियंत्रित और अवैज्ञानिक खनन के कारण भूमिगत खालीपन बनता जा रहा है, जो किसी भी वक्त जमीन को निगल सकता है। टंडाबाड़ी को पहले से ही संवेदनशील और खतरनाक क्षेत्र घोषित किया जा चुका था, फिर भी वहाँ के निवासियों का पुनर्वास नहीं हुआ — यह प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट प्रमाण है।

आलोचकों का कहना है कि BCCL और सरकारी एजेंसियाँ वर्षों से इन बस्तियों को खाली कराने और पुनर्वास देने में विफल रही हैं। जो क्षेत्र 'खतरनाक' घोषित है, वहाँ लोग आज भी रहने को मजबूर हैं — यह विरोधाभास सीधे नीतिगत उदासीनता को दर्शाता है। यह 2025 में कोयलांचल में दर्ज हुई कई बड़ी भू-धंसान घटनाओं में से एक है।

आने वाले दिनों में प्रशासन पर दबाव बढ़ेगा कि वह प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा और स्थायी पुनर्वास दे। BCCL की जवाबदेही तय करने और खनन क्षेत्रों में भू-धंसान रोकने के लिए ठोस तकनीकी उपाय अपनाने की माँग भी तेज होती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दशकों की नीतिगत विफलता का परिणाम है। जो बस्ती पहले से 'खतरनाक' घोषित थी, वहाँ लोग आज भी क्यों रह रहे थे — यह सवाल सीधे BCCL और राज्य सरकार की जवाबदेही पर उठता है। कोयले से अरबों की कमाई करने वाली कंपनी यदि उन्हीं बस्तियों का पुनर्वास नहीं कर सकती जो उसकी खदानों के ऊपर बसी हैं, तो यह नैतिक दिवालियापन है। मुख्यधारा की कवरेज घटना तक सीमित रहती है — असली खबर यह है कि झारखंड में कोयला खनन से जुड़े पुनर्वास नीति की समीक्षा अब और टाली नहीं जा सकती।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनबाद के कतरास में भू-धंसान कब और कहाँ हुआ?
गुरुवार, 24 अप्रैल 2025 की देर रात धनबाद के कतरास स्थित सोनारडीह ओपी अंतर्गत टंडाबाड़ी बस्ती में भू-धंसान हुआ। तेज धमाके के साथ जमीन धंसी और करीब 20 घर 10 से 20 फीट गहरे गड्ढे में समा गए।
टंडाबाड़ी भू-धंसान में कितने लोग प्रभावित हुए?
सूरज राम के परिवार समेत कई लोग मलबे में दबे, जिन्हें स्थानीय सहयोग से बचाया गया। एक घायल की हालत गंभीर है और उसे धनबाद रेफर किया गया है। करीब 20 परिवार बेघर हो गए हैं।
NH-32 क्यों जाम किया गया और कब तक जाम रहा?
भू-धंसान से बेघर हुए ग्रामीणों ने BCCL की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के विरोध में NH-32 जाम कर दिया। शुक्रवार सुबह तक जाम जारी रहा और प्रभावित परिवार लिखित पुनर्वास आश्वासन की माँग पर अड़े हैं।
BCCL की इस घटना में क्या भूमिका है?
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के अनियंत्रित खनन के कारण यह इलाका पहले से संवेदनशील और खतरनाक घोषित था। ग्रामीणों का आरोप है कि BCCL की अनदेखी और पुनर्वास में विफलता के कारण यह त्रासदी हुई।
धनबाद विधायक राज सिन्हा क्यों धरने पर बैठे?
धनबाद विधायक राज सिन्हा ने केंदुआडीह क्षेत्र में पूर्व भू-धंसान के कारण धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग के नौ दिनों से बंद रहने के विरोध में बेमियादी धरना शुरू किया। उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगम और BCCL पर लापरवाही का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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