धनबाद के शुभम ने तीसरी बार सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त की, मिली 142वीं रैंक
सारांश
Key Takeaways
- धनबाद के शुभम कुमार महतो ने 142वीं रैंक हासिल की।
- यह उनकी लगातार तीसरी सफलता है।
- शुभम ने बीएचयू से माइनिंग इंजीनियरिंग में बीटेक किया।
- उन्होंने अपने माता-पिता को सफलता का श्रेय दिया।
- अन्य टॉपर्स में अनुज अग्निहोत्री, राजेश्वरी सुवे और एकांश ढुल शामिल हैं।
नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) 2025 का अंतिम परिणाम घोषित किया है। आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर यूपीएससी सीएसई 2025 का फाइनल रिजल्ट पीडीएफ फॉर्मेट में प्रदान किया है, जिसमें कुल 958 चयनित उम्मीदवारों के नाम और रोल नंबर शामिल हैं।
यूपीएससी सीएसई 2025 की परीक्षा में चयनित 958 उम्मीदवारों में एक नाम झारखंड के धनबाद के शुभम कुमार महतो का है, जिन्होंने लगातार तीसरी बार सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने ऑल इंडिया 142वां रैंक हासिल किया है।
झारखंड के धनबाद के डुमरा जमुआटांड़, बाघमारा निवासी बीसीसीएल कर्मी हीरालाल महतो के 29 वर्षीय पुत्र शुभम कुमार महतो ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 142वीं रैंक प्राप्त कर धनबाद का नाम रोशन किया है।
इससे पहले शुभम ने दो बार यूपीएससी सीएसई में सफलता हासिल की थी, लेकिन उन्हें 2023 में 857वां और 2024 में 606वां रैंक प्राप्त हुआ था। हालांकि, अपने पहले दो प्रयासों के रैंक से शुभम संतुष्ट नहीं थे, इसलिए उन्होंने तीसरी बार प्रयास करने का निर्णय लिया।
शुभम की वर्षों की मेहनत, लगन और आत्मविश्वास ने उन्हें लगातार तीसरी बार यूपीएससी सीएसई की परीक्षा में सफलता दिलाई है। तीसरे प्रयास में अच्छा रैंक प्राप्त करने पर आज उनके साथ उनका पूरा परिवार संतुष्ट है।
शुभम के शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने चंद्रपुरा डी-नोबिली स्कूल से 10वीं की पढ़ाई की। फिर 12वीं डीपीएस बोकारो से पास किया। इंटरमीडिएट के बाद उन्होंने बीएचयू, बनारस से माइनिंग इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इस दौरान वे गोल्ड मेडलिस्ट रहे। ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद शुभम ने सिविल सर्विस की तैयारी करने का निर्णय लिया और वे दिल्ली चले गए।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। मां मंजू देवी अपने बेटे की सफलता पर खुश हैं। शुभम का कहना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। इसे पाने के लिए व्यक्ति को मेहनत करनी पड़ती है। कठिन मेहनत, अनुशासन और धैर्य बनाए रखने से सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने यूपीएससी एस्पिरेंट्स और छात्रों को सलाह दी कि अपने माता-पिता की बातों का सम्मान करें, क्योंकि वे हमेशा बच्चों के लिए बेहतर ही सोचते हैं।
बता दें कि इस वर्ष अनुज अग्निहोत्री ने यूपीएससी सीएसई में प्रथम स्थान, राजेश्वरी सुवे एम ने दूसरा स्थान, और एकांश ढुल ने तीसरा स्थान हासिल किया है। इसके अलावा राघव झुनझुनवाला ने चौथा, ईशान भटनागर ने पांचवां, और जिनिया अरोड़ा ने छठा स्थान प्राप्त किया है। वहीं, सातवां स्थान ए आर राजा मोहिद्दीन, आठवां पक्षल, नौंवा स्थान आस्था जैन, और दसवां स्थान उज्ज्वल प्रियांक ने हासिल किया है।