दीया मिर्ज़ा वीडियो विवाद: कांग्रेस विधायक ज्योति गायकवाड़ का भाजपा पर धार्मिक राजनीति का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस विधायक डॉ. ज्योति एकनाथ गायकवाड़ ने 2 नवंबर 2026 को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के पोर्टल से अभिनेत्री एवं पर्यावरण कार्यकर्ता दीया मिर्ज़ा का वीडियो हटाए जाने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को आड़े हाथों लिया। उनका आरोप है कि भाजपा मुंबई की बुनियादी समस्याओं — प्रदूषण, पानी, अस्पताल और सड़कें — पर जवाब देने के बजाय धार्मिक पहचान के आधार पर ध्यान भटका रही है।
दीया मिर्ज़ा वीडियो विवाद की पृष्ठभूमि
गायकवाड़ ने स्पष्ट किया कि मुंबई का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 से 300 के पार पहुँच चुका है, जो स्वास्थ्य के लिहाज़ से खतरनाक श्रेणी में आता है। उनके अनुसार, दीया मिर्ज़ा ने पर्यावरण कार्यकर्ता के रूप में प्रदूषण पर जो राय रखी, वह तथ्यसंगत और उचित थी।
गायकवाड़ ने सवाल उठाया कि जब भाजपा स्वयं प्रदूषण-मुक्त दिवाली की बात करती है, तो उसी विषय पर दिए गए मिर्ज़ा के वक्तव्य पर आपत्ति क्यों? उनका कहना था कि 'मिर्ज़ा' उपनाम देखकर वीडियो हटाया गया और मामले को हिंदू-मुस्लिम रंग देने की कोशिश की गई। उन्होंने भाजपा नेताओं को सलाह दी कि किसी के नाम के आधार पर निष्कर्ष निकालने की बजाय पहले पूरी जानकारी हासिल करनी चाहिए।
मुंबई के असली मुद्दे पीछे छूटे — विधायक का आरोप
कांग्रेस विधायक ने मुंबई की बुनियादी समस्याओं की लंबी फेहरिस्त गिनाई — पानी की किल्लत, अस्पतालों की जर्जर हालत, टूटी सड़कें और जंगल व मेट्रो परियोजना के नाम पर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई। उन्होंने कहा कि विकास की आड़ में होने वाली इन गतिविधियों से भी प्रदूषण में इज़ाफा हो रहा है।
गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि सरकार प्रदूषण के असली कारणों पर गंभीर चर्चा करने के बजाय करोड़ों रुपये खर्च कर अपना पक्ष प्रचारित करती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करना राष्ट्रद्रोह नहीं है और संविधान हर नागरिक को विचार, विश्वास एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है।
भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' रैली पर तंज
भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रैली और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उसमें भागीदारी पर गायकवाड़ ने व्यंग्य करते हुए कहा कि जब फ्लाईओवर तैयार था, तब मुख्यमंत्री के पास उद्घाटन के लिए समय नहीं था, लेकिन रैली के लिए समय निकाल लिया गया।
उन्होंने सीधा सवाल पूछा — जब मुंबई, महाराष्ट्र और केंद्र तीनों जगह भाजपा की सरकार है, तो यह रैली किसके खिलाफ निकाली जा रही है? गायकवाड़ का कहना था कि सरकार संविधान की रक्षा और कानून-व्यवस्था में नाकाम रही है और शहर में गोलीबारी जैसी घटनाओं के बीच लोगों को 'डरने की ज़रूरत नहीं' कहना उचित नहीं है।
अमित शाह और राहुल गांधी प्रसंग
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी पर गायकवाड़ ने कहा कि शाह की प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा से सभी परिचित हैं और इसी वजह से वे ऐसे बयान देते हैं।
उन्होंने राहुल गांधी को 'जननायक' बताते हुए कहा कि उन्होंने कश्मीर से कन्याकुमारी तक यात्रा की और लाखों लोगों से सीधा संवाद किया। गायकवाड़ ने रामलीला मैदान में हुई इंडिया गठबंधन की रैली का भी हवाला दिया, जहाँ उनके अनुसार भारी भीड़ उमड़ी थी और बाहर खड़े लोगों को भी अंदर आने की जगह नहीं मिली।
भाजपा पर विपक्ष को 'अर्बन नक्सल' बताने का आरोप
गायकवाड़ ने भाजपा पर विरोधियों को 'अर्बन नक्सल' और 'राष्ट्रद्रोही' बताने की राजनीति का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सरकार BMC की नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए धार्मिक मुद्दों का सहारा ले रही है। गायकवाड़ ने भाजपा पर एक व्यक्ति विशेष के हित में काम करने का आरोप भी लगाया।
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक माहौल पहले से तनावपूर्ण है और नगरीय शासन को लेकर सत्तारूढ़ दल व विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा मुंबई की राजनीति में और गर्माने की संभावना है।