डोडा में बच्चों में मौसमी संक्रमण का प्रकोप, CMO डॉ. विनोद शर्मा ने अभिभावकों को दी ज़रूरी सलाह
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में 3 जुलाई 2025 को मौसमी संक्रमणों के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया है। कई बच्चों में बुखार, त्वचा पर छाले और सीने में संक्रमण जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं, जिन्हें कथित तौर पर खसरा या चिकनपॉक्स से जोड़ा जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. विनोद शर्मा ने अभिभावकों से तत्काल सतर्कता बरतने की अपील की है।
मुख्य घटनाक्रम
CMO डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि प्रभावित बच्चों के नमूने जाँच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं और उनकी रिपोर्ट शीघ्र आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह एक वायरल संक्रमण जैसा प्रतीत होता है, जिसमें बुखार, सीने में संक्रमण और त्वचा पर छाले प्रमुख लक्षण हैं। गंभीर स्थिति में आने वाले बच्चों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है और स्वस्थ होने पर छुट्टी दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
डॉ. शर्मा के अनुसार, डोडा जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाएँ, चिकित्सा सुविधाएँ और स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। विभाग गर्मी से जुड़ी बीमारियों — जैसे हीट स्ट्रोक — के साथ-साथ खसरा और चिकनपॉक्स जैसे मौसमी संक्रमणों के उपचार के लिए पूरी तरह तैयार है। यह ऐसे समय में आया है जब गर्मी के मौसम में तापमान में वृद्धि के कारण संक्रामक रोगों का प्रसार आमतौर पर बढ़ जाता है।
अभिभावकों के लिए ज़रूरी सलाह
CMO ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों का टीकाकरण समय पर करवाएँ और इसे टीकाकरण कार्ड में अवश्य दर्ज करवाएँ। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों को पर्याप्त आराम, पानी और समय पर भोजन दिया जाना चाहिए। बुखार, त्वचा संक्रमण या किसी भी अन्य लक्षण के मामले में तुरंत नज़दीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
गर्मी से बचाव के उपाय
डॉ. शर्मा ने सभी लोगों को सलाह दी कि शरीर में पानी की कमी न होने दें और अल्ट्रा-वायलेट किरणों के अत्यधिक संपर्क से बचें। गर्मी से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए उचित सावधानी बरतना अनिवार्य है। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में भी इस वर्ष गर्मी का प्रकोप सामान्य से अधिक रहा है।
आगे की स्थिति
प्रयोगशाला रिपोर्टें आने के बाद संक्रमण की सटीक प्रकृति स्पष्ट हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर निरंतर नज़र बनाए हुए है और समय पर इलाज व बचाव को प्राथमिकता दे रहा है।