बांग्लादेश में खसरा प्रकोप: 24 घंटों में 7 और बच्चों की मौत, कुल मृतक 488 हुए
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में खसरे (मीजल्स) का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। 21 मई 2026 को गुरुवार सुबह 8 बजे तक के आँकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों में खसरे जैसे लक्षणों से सात और बच्चों की मौत हो गई, जिससे 15 मार्च से अब तक मरने वाले बच्चों की कुल संख्या 488 तक पहुँच गई है। ढाका स्थित स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) द्वारा जारी आँकड़े इस महामारी की गंभीरता को रेखांकित करते हैं।
ताज़ा मौतों का विवरण
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अनुसार, हालिया 7 मौतों में से 4 मामलों को खसरे से संदिग्ध श्रेणी में रखा गया है, जबकि 3 मामलों की प्रयोगशाला जाँच में पुष्टि हो चुकी है। ताज़ा मौतों में सर्वाधिक मामले चिटगांव से सामने आए हैं। 15 मार्च से अब तक देश में 405 संदिग्ध और 83 पुष्ट खसरा मौतें दर्ज की जा चुकी हैं।
संक्रमण के आँकड़े
इसी अवधि में 1,423 नए संदिग्ध मामले सामने आने के बाद कुल संदिग्ध संक्रमितों की संख्या बढ़कर 59,279 हो गई है। वहीं, 208 नए पुष्ट मामलों के साथ कुल प्रयोगशाला-पुष्टि संक्रमणों की संख्या 8,275 तक जा पहुँची है।
15 मार्च से अब तक 46,407 संदिग्ध मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 42,336 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश की स्वास्थ्य प्रणाली पहले से ही संसाधनों की कमी से जूझ रही है।
यूनिसेफ की चेतावनी और वैक्सीन संकट
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने दावा किया है कि उसने पूर्व अंतरिम सरकार — जिसका नेतृत्व मोहम्मद यूनुस कर रहे थे — को वैक्सीन की कमी को लेकर बार-बार आगाह किया था। ढाका में आयोजित एक प्रेस वार्ता में यूनिसेफ की बांग्लादेश प्रतिनिधि राना फ्लावर्स ने बताया कि एजेंसी ने स्वास्थ्य मंत्रालय को 5 से 6 पत्र भेजे थे और अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान इस मुद्दे पर 10 बैठकों में चिंता जताई थी।
राना फ्लावर्स ने कहा, '2024 से ही हम सरकार को चेतावनी दे रहे थे कि वैक्सीन की कमी बड़े स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है। 2024 से 2025 और फिर 2026 तक हमने कई पत्र भेजे और अलग-अलग बैठकों में इस समस्या की ओर ध्यान दिलाया, लेकिन वैक्सीन ऑर्डर नहीं दिए गए।'
उन्होंने यह भी बताया कि यूनिसेफ के डिप्टी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर टेड चाइबन ने भी पिछले साल अगस्त में बांग्लादेश दौरे के दौरान विदेश मंत्रालय के साथ बैठक में वैक्सीन संकट पर चिंता जताई थी।
जाँच और आगे की कार्रवाई
वर्तमान बीएनपी समर्थित सरकार ने खसरे के प्रकोप को लेकर एक जाँच शुरू की है। राना फ्लावर्स के अनुसार, यूनिसेफ इस जाँच में सबूत और सहयोग उपलब्ध कराएगा। गौरतलब है कि यह प्रकोप उस दौर में सामने आया है जब देश में राजनीतिक संक्रमण के बीच टीकाकरण अभियान बाधित हुआ था।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि टीकाकरण कवरेज में आई गिरावट और आपूर्ति श्रृंखला की विफलता इस महामारी के मुख्य कारण हैं। आने वाले हफ्तों में यदि टीकाकरण अभियान तेज़ नहीं किया गया, तो मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।