डीटीसी बस हड़ताल: दिल्ली मेट्रो ने जोड़े 20 अतिरिक्त फेरे, 17 सितंबर को भी रहेगी विशेष व्यवस्था
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने 16 सितंबर 2026 को दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के संविदा चालकों की हड़ताल के कारण बाधित बस सेवाओं के बीच यात्रियों की बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए पूरे मेट्रो नेटवर्क में 20 अतिरिक्त ट्रेन फेरे जोड़े हैं। बुधवार को आवश्यकता के अनुसार आठ अतिरिक्त ट्रेनें भी संचालित की गईं और यही व्यवस्था 17 सितंबर को भी जारी रखने की घोषणा की गई है।
मेट्रो की विशेष व्यवस्था का विवरण
डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि पीक आवर्स के दौरान बढ़ी हुई यात्री संख्या को देखते हुए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। नेटवर्क में 20 अतिरिक्त ट्रेन फेरे जोड़े गए, जबकि बुधवार को आठ अतिरिक्त ट्रेनें परिचालन में लाई गईं।
17 सितंबर को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे IST तक आठ अतिरिक्त ट्रेनें नेटवर्क में शामिल की जाएंगी। डीएमआरसी ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा की योजना पहले से बनाएं और मेट्रो सेवाओं का अधिकतम उपयोग करें।
डीटीसी हड़ताल की वजह और असर
डीटीसी के संविदा चालक अधिक वेतन, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा लाभों की माँग को लेकर हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण दिल्ली के कई बस डिपो और रूट प्रभावित हुए हैं, जिससे हज़ारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि ये चालक निजी ऑपरेटरों के माध्यम से डीटीसी के साथ अनुबंध पर कार्यरत हैं। यूनियन नेताओं के अनुसार, उन्हें स्थायी डीटीसी कर्मचारियों की तुलना में कम वेतन मिलता है और उन्हें चिकित्सा बीमा, सवेतन अवकाश, वार्षिक बोनस तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं नहीं दी जाती हैं।
आम यात्रियों पर असर
बस सेवाओं के ठप होने से नई दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हज़ारों दैनिक यात्री प्रभावित हुए हैं। मेट्रो की अतिरिक्त सेवाएं इस दबाव को कुछ हद तक कम करने में सहायक हो रही हैं, विशेष रूप से पीक आवर्स के दौरान।
यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी में कार्यदिवस पर लाखों लोग बस और मेट्रो के संयोजन पर निर्भर रहते हैं। बस सेवा बाधित होने पर मेट्रो पर अचानक अतिरिक्त भार पड़ना स्वाभाविक है।
डीएमआरसी की प्रतिबद्धता
डीएमआरसी ने भरोसा दिलाया है कि वह यात्रियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और प्रभावी परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। संचालन संबंधी आवश्यकता के आधार पर आगे भी सेवाएं बढ़ाई जा सकती हैं।
हड़ताल कब समाप्त होगी, इस पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। तब तक मेट्रो ही राजधानी के लाखों यात्रियों के लिए प्रमुख सहारा बनी रहेगी।