सुरजेवाला ने ईडी कार्रवाई को बताया राजनीतिक, जारकीहोली के साथ खड़ी कांग्रेस
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को बेंगलुरु स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री सतीश जारकीहोली के विरुद्ध चल रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जाँच का कड़ा विरोध किया। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कांग्रेस नेताओं, विशेषकर अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय से आने वाले नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।
ईडी कार्रवाई पर आरोप
सुरजेवाला ने कहा कि मंत्री सतीश जारकीहोली को दो बार ईडी की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कर्नाटक के कई कांग्रेस नेताओं के नाम गिनाते हुए कहा, "मंत्री सतीश जारकीहोली को दो बार निशाना बनाया गया। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को भी निशाना बनाया गया। ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के खिलाफ भी कार्रवाई की। कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी, पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र, विधायक बसनगौड़ा दद्दाल, उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर और विधायक वीरेंद्र पप्पी के यहाँ भी छापे मारे गए।"
उन्होंने आगे कहा, "हम किसी भी परिस्थिति में केंद्र सरकार के सामने झुकने वाले नहीं हैं। हम सभी मंत्री सतीश जारकीहोली के साथ खड़े हैं।" यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और केंद्र के बीच तनाव कथित तौर पर अपने चरम पर है।
चुनावी मौसम में एजेंसियाँ सक्रिय: सुरजेवाला का आरोप
सुरजेवाला ने ED, CBI और आयकर विभाग पर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, तब ईडी, सीबीआई और आईटी सक्रिय हो जाते हैं और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य में आते हैं।" उन्होंने केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी, पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, पूर्व मंत्री जनार्दन रेड्डी और रेणुकाचार्य के मामलों का जिक्र कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) (JDS) नेताओं पर भी सवाल उठाए।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष ने जाँच एजेंसियों पर चयनात्मक कार्रवाई का आरोप लगाया हो। ऐसे आरोप पहले भी कई राज्यों में सुनाई दे चुके हैं।
महिला मंत्री पद पर सुरजेवाला ने ली जिम्मेदारी
कर्नाटक मंत्रिमंडल में महिला मंत्री का पद अब तक रिक्त रहने के मुद्दे पर सुरजेवाला ने खुले तौर पर जिम्मेदारी स्वीकार की। उन्होंने कहा, "कैबिनेट में कोई महिला मंत्री नहीं है। यह मेरी गलती है। यह हाईकमान की गलती नहीं है। मैं इस पद के लिए एक नाम पर सहमति नहीं बना पाया।" उन्होंने स्पष्ट किया कि एक से अधिक दावेदार होने के कारण अंतिम निर्णय में देरी हुई।
इस बीच कांग्रेस एमएलसी गायत्री शांतेगौड़ा ने बेंगलुरु में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात की। कैबिनेट विस्तार के समय उनका नाम मंत्रियों की सूची में था, लेकिन उन्होंने शपथ नहीं ली थी।
महिला सशक्तीकरण का आश्वासन
सुरजेवाला ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद से चर्चा कर एक महिला को मंत्रिमंडल में शामिल करने का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने आलोचकों पर पलटवार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली BJP JDS गठबंधन सरकार के कार्यकाल में महिला प्रतिनिधित्व की स्थिति पर भी सवाल उठाए।
महिला मंत्री के लिए आरक्षित कैबिनेट पद अभी भी रिक्त है और इस मुद्दे का जल्द समाधान होने का दावा किया जा रहा है।