चुनाव आयोग ने ASPS रवि प्रकाश को पुडुचेरी का नया मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया
सारांश
मुख्य बातें
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मंगलवार, 26 मई को 2011 बैच के आईएएस अधिकारी ASPS रवि प्रकाश को पुडुचेरी का नया मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नियुक्त किया। यह नियुक्ति पुडुचेरी सरकार द्वारा प्रस्तावित तीन आईएएस अधिकारियों के पैनल में से चयन के बाद की गई है।
नियुक्ति की प्रक्रिया
आयोग के प्रधान सचिव राहुल शर्मा ने पुडुचेरी के मुख्य सचिव को एक आधिकारिक पत्र लिखकर इस निर्णय की जानकारी दी। पत्र में स्पष्ट किया गया कि केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा सुझाए गए तीन नामों में से ASPS रवि प्रकाश का चयन किया गया है।
आयोग ने पुडुचेरी प्रशासन को निर्देश दिया कि इस नियुक्ति की अधिसूचना पुडुचेरी राज्य राजपत्र में पुनः प्रकाशित की जाए और उसकी एक प्रति आयोग को रिकॉर्ड के लिए भेजी जाए।
तत्काल कार्यभार ग्रहण का निर्देश
आयोग के पत्र में यह भी कहा गया कि रवि प्रकाश तत्काल प्रभाव से पुडुचेरी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कार्यभार ग्रहण करें। साथ ही, एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट आयोग को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
पुडुचेरी की नई सरकार का संदर्भ
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब इस महीने की शुरुआत में एन. रंगासामी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार ने पुडुचेरी में सत्ता संभाली है। रंगासामी ने रिकॉर्ड पाँचवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जो उन्हें केंद्र शासित प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक बनाता है।
शपथ ग्रहण समारोह पुडुचेरी लोक भवन में आयोजित किया गया, जहाँ उपराज्यपाल के. कैलासनथन ने रंगासामी और नवनियुक्त मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। नए मंत्रिमंडल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक ए. नमस्सिवयम और अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस के विधायक मल्लादी कृष्ण राव ने मंत्री के रूप में शपथ ली।
चुनावी आँकड़े
गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न पुडुचेरी विधानसभा चुनाव में 91.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसमें 8,66,932 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह उच्च मतदान प्रतिशत केंद्र शासित प्रदेश में लोकतांत्रिक भागीदारी की मज़बूत परंपरा को दर्शाता है।
आगे की राह
नए मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में ASPS रवि प्रकाश के सामने नवगठित सरकार के कार्यकाल के दौरान निर्वाचन प्रक्रियाओं की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी होगी। आयोग द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से पूर्ण मानी जाएगी।