10 जुलाई 2026
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नीलम मीणा बनीं पश्चिम बंगाल की नई मुख्य निर्वाचन अधिकारी, ECI ने तत्काल प्रभाव से दिया कार्यभार

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नीलम मीणा बनीं पश्चिम बंगाल की नई मुख्य निर्वाचन अधिकारी, ECI ने तत्काल प्रभाव से दिया कार्यभार

सारांश

चुनाव आयोग ने 1998 बैच की वरिष्ठ IAS अधिकारी नीलम मीणा को पश्चिम बंगाल का नया CEO नियुक्त किया है — सुवेंदु अधिकारी सरकार के गठन के बाद राज्य में प्रशासनिक फेरबदल की कड़ी में यह ताज़ा कदम है।

मुख्य बातें

चुनाव आयोग (ECI) ने 25 मई 2026 को नीलम मीणा को पश्चिम बंगाल का नया मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नियुक्त किया।
मीणा 1998 बैच की पश्चिम बंगाल कैडर की IAS अधिकारी हैं; इससे पहले उपभोक्ता मामले विभाग में प्रधान सचिव थीं।
तीन नामों में वे सबसे वरिष्ठ थीं; अन्य दो नाम तनमय चक्रवर्ती (2006 बैच) और मौमिता गोदारा बसु (2007 बैच) थे।
ECI के प्रधान सचिव राहुल शर्मा ने एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट माँगी है।
पूर्ववर्ती CEO मनोज कुमार अग्रवाल ( 1990 बैच ) अब पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव हैं।

चुनाव आयोग (ECI) ने 25 मई 2026 को 1998 बैच की पश्चिम बंगाल कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नीलम मीणा को पश्चिम बंगाल का नया मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नियुक्त किया। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू की गई है और एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट माँगी गई है।

नियुक्ति की पृष्ठभूमि

नीलम मीणा इससे पहले राज्य के उपभोक्ता मामले विभाग में प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत थीं। उनके पूर्ववर्ती मनोज कुमार अग्रवाल — जो 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं — को राज्य के नौवें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद पश्चिम बंगाल का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। अग्रवाल मार्च 2025 में पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बने थे।

तीन नामों में सबसे वरिष्ठ थीं मीणा

नई सरकार के गठन के बाद राज्य सरकार ने CEO पद के लिए तीन आईएएस अधिकारियों के नाम चुनाव आयोग को भेजे थे। इनमें 2006 बैच के आईएएस तनमय चक्रवर्ती और 2007 बैच की आईएएस मौमिता गोदारा बसु भी शामिल थे। वरिष्ठता के आधार पर नीलम मीणा की नियुक्ति पहले से लगभग तय मानी जा रही थी।

ECI का आधिकारिक निर्देश

चुनाव आयोग के प्रधान सचिव राहुल शर्मा ने 25 मई को मनोज कुमार अग्रवाल को पत्र भेजकर निर्देश दिया कि नीलम मीणा को तत्काल प्रभाव से नई CEO का कार्यभार सौंपा जाए। पत्र में एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया है।

राज्य में प्रशासनिक बदलावों का क्रम

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद प्रशासनिक फेरबदल का एक लंबा दौर चला है। गौरतलब है कि इसी साल मार्च में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के तुरंत बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निर्देश पर तत्कालीन मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को हटाकर दुश्यंत नारियाला को नियुक्त किया गया था। नई सरकार के गठन के बाद नारियाला को दिल्ली स्थित पश्चिम बंगाल भवन में रेजिडेंट कमिश्नर बनाया गया और उनकी जगह अग्रवाल को मुख्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई।

आगे क्या

नीलम मीणा के सामने आने वाले समय में राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रियाओं की निगरानी की बड़ी जिम्मेदारी होगी। नई सरकार के गठन के बाद यह नियुक्ति राज्य की चुनावी मशीनरी को स्थिरता देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह असाधारण है — मुख्य सचिव, CEO और रेजिडेंट कमिश्नर, सभी कुछ ही महीनों में बदल दिए गए। नीलम मीणा की नियुक्ति प्रक्रियागत रूप से सही है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या बार-बार के इन बदलावों से चुनावी तंत्र की संस्थागत स्मृति और निरंतरता प्रभावित होती है। सुवेंदु अधिकारी सरकार के लिए यह नियुक्ति अपनी पसंद की प्रशासनिक टीम बनाने की दिशा में एक और कदम है, जिसे विपक्ष संदेह की नज़र से देख सकता है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीलम मीणा कौन हैं और उन्हें क्यों नियुक्त किया गया?
नीलम मीणा 1998 बैच की पश्चिम बंगाल कैडर की वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं, जो इससे पहले राज्य के उपभोक्ता मामले विभाग में प्रधान सचिव थीं। चुनाव आयोग को भेजे गए तीन नामों में वे सबसे वरिष्ठ थीं, इसलिए उनकी नियुक्ति की गई।
पश्चिम बंगाल के पूर्व CEO मनोज कुमार अग्रवाल अब कहाँ हैं?
मनोज कुमार अग्रवाल अब पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव हैं। वे मार्च 2025 में राज्य के CEO बने थे और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद उन्हें मुख्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई।
नीलम मीणा को कार्यभार कब तक सौंपा जाएगा?
चुनाव आयोग के प्रधान सचिव राहुल शर्मा के पत्र के अनुसार नीलम मीणा को तत्काल प्रभाव से कार्यभार सौंपा जाना है और एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट माँगी गई है।
पश्चिम बंगाल में हाल के महीनों में प्रशासनिक बदलाव क्यों हुए?
मार्च 2026 में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निर्देश पर तत्कालीन मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को हटाया गया था। नई सरकार के गठन के बाद से राज्य में शीर्ष प्रशासनिक पदों पर लगातार फेरबदल हो रहे हैं।
CEO पद के लिए और कौन-से नाम विचाराधीन थे?
राज्य सरकार ने चुनाव आयोग को तीन नाम भेजे थे — नीलम मीणा (1998 बैच), तनमय चक्रवर्ती (2006 बैच) और मौमिता गोदारा बसु (2007 बैच)। वरिष्ठता के आधार पर नीलम मीणा को चुना गया।
राष्ट्र प्रेस
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