ईडी की बड़ी कार्रवाई: अवैध कोयला खनन मामले में ₹136.44 करोड़ की संपत्तियाँ कुर्क, कुल वसूली ₹815 करोड़ पार
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 16 अक्टूबर 2026 को ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के लीज़ क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन और चोरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ₹136.44 करोड़ की संपत्तियाँ अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है। इस ताज़ा कुर्की के बाद इस मामले में कुल कुर्क संपत्तियों का मूल्य बढ़कर ₹815.08 करोड़ हो गया है।
मुख्य घटनाक्रम
ईडी के अनुसार, यह मामला ECL के लीज़ क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर संचालित अवैध कोयला खनन और चोरी से जुड़ा है। जाँच एजेंसी का आरोप है कि इन गतिविधियों को अनूप माझी उर्फ लाला के नेतृत्व वाले एक संगठित सिंडिकेट द्वारा अंजाम दिया जाता था।
जाँच में सामने आया है कि यह सिंडिकेट अवैध रूप से निकाले गए कोयले की चोरी और बिक्री में संलिप्त था। आरोप है कि स्थानीय प्रशासन के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से इस कोयले को पश्चिम बंगाल की विभिन्न फैक्ट्रियों को नकद में बेचा जाता था।
शेल कंपनियों का जाल
अवैध कमाई को वैध दिखाने और उसके स्रोत को छिपाने के लिए कथित तौर पर कई शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। ईडी के मुताबिक, इन कंपनियों का वास्तविक नियंत्रण अनूप माझी के पास था, जबकि इन्हें उनके रिश्तेदारों, कर्मचारियों और करीबी सहयोगी गुरुपदा माझी के नाम पर संचालित किया जा रहा था।
अवैध कोयला कारोबार से प्राप्त नकदी को इन कंपनियों के माध्यम से विभिन्न बैंक खातों में जमा कराया गया, ताकि धन के वास्तविक स्रोत और लाभार्थियों की पहचान छिपाई जा सके।
कुर्क की गई संपत्तियाँ
ताज़ा कुर्की आदेश के तहत निम्नलिखित संपत्तियाँ जब्त की गई हैं:
पुरुलिया स्थित 'गढ़ पंचकोट इको टूरिज्म' और बांकुरा स्थित 'बिहारीनाथ इको टूरिज्म' नामक दो होटल-सह-रिसॉर्ट, कोलकाता की दो संपत्तियाँ, शेल कंपनियों के बैंक खातों में जमा राशि तथा माझी परिवार के सदस्यों के शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश। जाँच में यह भी सामने आया कि अपराध से अर्जित धन को विभिन्न संपत्तियों और पर्यटन परियोजनाओं में निवेश किया गया था।
पिछली कार्रवाइयाँ और कुल कुर्की
ईडी ने बताया कि इससे पहले इसी मामले में ₹678.64 करोड़ की संपत्तियाँ कुर्क की जा चुकी थीं। नई कार्रवाई के बाद मामले में कुल कुर्क संपत्तियों का मूल्य ₹815.08 करोड़ तक पहुँच गया है। गौरतलब है कि यह मामला पश्चिम बंगाल में वर्षों से चले आ रहे कोयला चोरी घोटाले से जुड़ा है, जिसे देश के सबसे बड़े संगठित खनन अपराधों में से एक माना जाता है।
आगे की जाँच
जाँच एजेंसी के अनुसार, वह मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की परतों को उजागर करने, अवैध कमाई के वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करने और अवैध कोयला खनन से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं संस्थाओं की भूमिका की जाँच जारी रखेगी। ईडी ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन और उससे जुड़े आर्थिक अपराधों के खिलाफ उसकी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।