मुंगेर में जॉलीवुड म्यूजिक कंपनी पर ईडी की छापेमारी, PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की जांच
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 6 अगस्त 2026 को बिहार के मुंगेर जिले के जमालपुर में जॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कथित करोड़ों रुपये की ठगी और धन शोधन मामले में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। एजेंसी ने कंपनी के निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव के आवास सहित कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर वित्तीय दस्तावेज़ और रिकॉर्ड खंगाले।
छापेमारी का घटनाक्रम
सूत्रों के अनुसार, गुरुवार की सुबह ईडी के आधा दर्जन से अधिक अधिकारी जमालपुर थाना क्षेत्र के नया टोला फुलका स्थित निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव के आवास पर पहुँचे। स्थानीय लोगों के जागने से पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी गई। घर में मौजूद लोगों से पूछताछ की गई और दस्तावेज़ों की गहन जाँच हुई।
कथित तौर पर ईडी की टीम ने कंपनी से जुड़े अन्य स्थानों पर भी तलाशी अभियान चलाया। जाँच के दौरान बैंक खाते, निवेश संबंधी दस्तावेज़, वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य खंगाले जा रहे हैं। कुछ आरोपियों और संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।
कंपनी पर क्या हैं आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने चिटफंड की तर्ज पर निवेशकों को ऊँचे रिटर्न का प्रलोभन देकर करोड़ों रुपये जमा कराए और बाद में कार्यालय बंद कर संचालक फरार हो गए। 18 नवंबर 2024 को कंपनी के कार्यालय पर ताला लगने के बाद बड़ी संख्या में निवेशकों ने जमालपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जाँच शुरू की थी।
निदेशक की स्थिति
पुलिस जाँच के दौरान कंपनी के निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव फरार हो गए थे। बाद में उन्होंने मुंगेर न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
ईडी की कानूनी कार्रवाई
ईडी अब इस मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कथित अवैध वित्तीय लेनदेन, निवेश की राशि के प्रवाह और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जाँच कर रही है। गौरतलब है कि यह मामला उस व्यापक पैटर्न का हिस्सा है जिसमें छोटे शहरों में फर्जी निवेश योजनाएँ आम लोगों को ठगती हैं। फिलहाल एजेंसी की ओर से छापेमारी में बरामदगी या आगे की कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब ईडी देशभर में चिटफंड और फर्जी निवेश योजनाओं के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर रही है। मामले में आगे की जाँच के नतीजे तय करेंगे कि कितने निवेशकों की रकम प्रभावित हुई और धन का प्रवाह कहाँ-कहाँ हुआ।