7 जुलाई 2026
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झारखंड शराब घोटाला: ईडी ने पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ की

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झारखंड शराब घोटाला: ईडी ने पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ की

सारांश

झारखंड के पूर्व उत्पाद मंत्री और कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव से ईडी ने 7 जुलाई को रांची में कथित शराब और बालू सिंडिकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ की। एक दिन पहले उनके पुत्र रोहित उरांव से भी लंबी पूछताछ हो चुकी है।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय ने 7 जुलाई को पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव से रांची में कथित शराब और बालू सिंडिकेट मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ की।
यह दूसरा समन था; पहला समन 30 जून को जारी हुआ था जिस पर उन्होंने समय माँगा था।
एक दिन पहले उनके पुत्र रोहित उरांव से भी लंबी पूछताछ की गई; सूत्रों के अनुसार कई सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
ईडी ने 23 अगस्त 2023 को 'रागिनी विला' पर छापा मारकर करीब ₹30 लाख नकद, बैंक लॉकर और डिजिटल उपकरण जब्त किए थे।
एजेंसी 2021 की झारखंड उत्पाद नीति और निजी कंपनियों को दिए गए थोक शराब लाइसेंसों की भी जाँच कर रही है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 7 जुलाई को झारखंड के पूर्व उत्पाद एवं वित्त मंत्री तथा कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक रामेश्वर उरांव से रांची स्थित अपने क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ शुरू की। कथित अवैध बालू और शराब सिंडिकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एजेंसी ने उन्हें दूसरा समन जारी कर तलब किया था, जिसके बाद वे पूर्वाह्न करीब 11 बजे ईडी कार्यालय पहुँचे।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी ने 23 अगस्त 2023 को रांची के बरियातू स्थित सरहुल नगर में रामेश्वर उरांव के आवास 'रागिनी विला' पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा की बरियातू शाखा में स्थित उनके बैंक लॉकर की भी जाँच कर उसे जब्त किया गया था। एजेंसी ने बाद में 19 सितंबर 2023 को डिजिटल उपकरणों और जब्त सामग्री के संरक्षण के लिए रिटेंशन आदेश जारी किया, जिसे 20 सितंबर 2023 को दिल्ली स्थित एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने मंजूरी दी।

पुत्र रोहित उरांव से भी पूछताछ

इससे एक दिन पहले सोमवार को ईडी ने रामेश्वर उरांव के पुत्र रोहित उरांव से भी लंबी पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने उनसे अगस्त 2023 की छापेमारी में बरामद करीब ₹30 लाख नकद, बैंक लॉकर, डिजिटल उपकरणों और वित्तीय दस्तावेजों के बारे में सवाल किए। कथित बेनामी निवेश, बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेन-देन को लेकर भी जानकारी माँगी गई। सूत्रों का कहना है कि कई महत्वपूर्ण सवालों पर रोहित उरांव स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।

2021 की उत्पाद नीति पर जाँच

सूत्रों के अनुसार, ईडी ने पूछताछ के दौरान वर्ष 2021 की झारखंड उत्पाद नीति और निजी कंपनियों को थोक शराब लाइसेंस दिए जाने के फैसलों को लेकर भी सवाल किए। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तत्कालीन उत्पाद मंत्री रामेश्वर उरांव के कार्यकाल में कथित शराब सिंडिकेट को लाभ पहुँचाने में उनके पुत्र या परिवार की कोई भूमिका थी या नहीं।

पहले समन पर नहीं हुए थे पेश

गौरतलब है कि ईडी ने रामेश्वर उरांव को इससे पहले 30 जून को भी समन जारी किया था। उस समय उन्होंने आवश्यक दस्तावेज तैयार करने के लिए समय माँगा था, जिसके बाद एजेंसी ने दूसरा समन जारी कर उन्हें मंगलवार 7 जुलाई को उपस्थित होने का निर्देश दिया। यह मामला झारखंड की राजनीति में उस वक्त और अहमियत रखता है जब राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर विपक्ष लगातार दबाव बनाए हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पारिवारिक वित्तीय नेटवर्क को खंगाल रही है। कांग्रेस के लिए यह मामला ऐसे समय में राजनीतिक रूप से असहज है जब पार्टी झारखंड में अपनी साख बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामेश्वर उरांव से ईडी किस मामले में पूछताछ कर रही है?
ईडी कथित अवैध बालू और शराब सिंडिकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ कर रही है। जाँच का केंद्र 2021 की झारखंड उत्पाद नीति और निजी कंपनियों को दिए गए थोक शराब लाइसेंस हैं।
ईडी ने रामेश्वर उरांव के घर पर छापा कब मारा था?
ईडी ने 23 अगस्त 2023 को रांची के बरियातू स्थित 'रागिनी विला' पर पीएमएलए के तहत तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान करीब ₹30 लाख नकद, बैंक लॉकर और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे।
रोहित उरांव से ईडी की पूछताछ में क्या निकला?
सूत्रों के अनुसार सोमवार को हुई पूछताछ में रोहित उरांव कई महत्वपूर्ण सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। ईडी ने उनसे कथित बेनामी निवेश, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन के बारे में जानकारी माँगी।
रामेश्वर उरांव को पहले समन कब जारी हुआ था?
ईडी ने उन्हें पहला समन 30 जून को जारी किया था, लेकिन उन्होंने दस्तावेज तैयार करने के लिए समय माँगा। इसके बाद दूसरा समन जारी कर 7 जुलाई को पेश होने का निर्देश दिया गया।
झारखंड शराब घोटाला मामला राजनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
रामेश्वर उरांव कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और झारखंड के पूर्व उत्पाद एवं वित्त मंत्री हैं। उनके कार्यकाल में बनी 2021 की उत्पाद नीति पर सवाल उठने से कांग्रेस और सत्तारूढ़ गठबंधन दोनों के लिए यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है।
राष्ट्र प्रेस
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