28 जून 2026
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झारखंड शराब घोटाला: ईडी ने पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, बेटे रोहित और पूर्व उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश को समन भेजा

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झारखंड शराब घोटाला: ईडी ने पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, बेटे रोहित और पूर्व उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश को समन भेजा

सारांश

झारखंड शराब घोटाले की मनी लॉन्ड्रिंग जांच तेज होती दिख रही है — ईडी ने कांग्रेस विधायक और पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, उनके बेटे रोहित और सेवानिवृत्त उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश को समन भेजा है। एसीबी की प्राथमिकी के बाद यह जांच का अगला बड़ा कदम है।

मुख्य बातें

ईडी ने 28 जून 2026 को पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव , उनके बेटे रोहित उरांव और सेवानिवृत्त उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश को पूछताछ के लिए समन जारी किया।
ईडी ने एसीबी की कांड संख्या 9/2025 के आधार पर ईसीआईआर संख्या 10/2025 दर्ज की है।
एसीबी ने पिछले वर्ष मई में प्राथमिकी दर्ज कर 10 लोगों को नामजद किया था, जिनमें वरिष्ठ आईएएस विनय चौबे भी शामिल हैं।
जांच का केंद्र नई झारखंड आबकारी नीति के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताएं और सरकारी राजस्व को नुकसान है।
रामेश्वर उरांव वर्तमान में लोहरदगा विधानसभा से कांग्रेस विधायक हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 28 जून 2026 को झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत कांग्रेस विधायक एवं पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, उनके बेटे रोहित उरांव तथा उत्पाद विभाग के सेवानिवृत्त आयुक्त अमित प्रकाश को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। तीनों को निर्धारित तिथि पर ईडी के समक्ष उपस्थित होने और मामले से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

सूत्रों के अनुसार, ईडी ने इस प्रकरण में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में दर्ज कांड संख्या 9/2025 को आधार बनाते हुए इन्फोर्स केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) संख्या 10/2025 दर्ज की है। एसीबी ने पिछले वर्ष मई में शराब घोटाले के आरोपों को लेकर प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे, उत्पाद विभाग के तत्कालीन संयुक्त सचिव गजेंद्र सिंह, विनय सिंह समेत 10 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था।

मुख्य आरोप और जांच का दायरा

आरोप है कि झारखंड की नई आबकारी नीति के क्रियान्वयन के दौरान व्यापक अनियमितताएं हुईं, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा। सूत्रों के अनुसार, ईडी कथित वित्तीय लेन-देन और नई आबकारी व्यवस्था में विभिन्न निजी कंपनियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। एजेंसी को कथित तौर पर संदेह है कि छत्तीसगढ़ की कुछ कंपनियों को झारखंड में कार्य दिलाने की प्रक्रिया में रोहित उरांव की भूमिका रही हो सकती है।

गौरतलब है कि ईडी इससे पहले इस मामले में गिरफ्तार कुछ आरोपियों से जेल में भी पूछताछ कर चुकी है। हालांकि, एजेंसी की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

रामेश्वर उरांव की राजनीतिक पहचान

रामेश्वर उरांव झारखंड की राजनीति के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वे वर्तमान में लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के विधायक हैं और राज्य सरकार में पूर्व वित्त मंत्री रह चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में विपक्षी दल भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सत्तारूढ़ गठबंधन को घेरने में जुटे हैं।

मनी लॉन्ड्रिंग जांच का अगला चरण

ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अनियमितताओं से अर्जित धन का उपयोग किस प्रकार किया गया और इस प्रक्रिया में किन-किन व्यक्तियों की भूमिका रही। मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी नाम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

ईडी की ओर से आधिकारिक बयान न आना यह भी संकेत देता है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आरोपों को तथ्यात्मक रूप से स्थापित करने में समय लग सकता है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड शराब घोटाले में ईडी ने किसे समन भेजा है?
ईडी ने कांग्रेस विधायक और पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, उनके बेटे रोहित उरांव और उत्पाद विभाग के सेवानिवृत्त आयुक्त अमित प्रकाश को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। तीनों को दस्तावेजों सहित निर्धारित तिथि पर उपस्थित होने को कहा गया है।
झारखंड शराब घोटाला क्या है?
यह झारखंड की नई आबकारी नीति के क्रियान्वयन के दौरान कथित अनियमितताओं से जुड़ा मामला है, जिसमें सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं। एसीबी ने पिछले वर्ष मई में प्राथमिकी दर्ज कर 10 लोगों को नामजद किया था, जिनमें वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे भी शामिल हैं।
ईडी इस मामले में क्या जांच कर रही है?
ईडी मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत इस मामले की जांच कर रही है। एजेंसी कथित अनियमितताओं से अर्जित धन के उपयोग, निजी कंपनियों की भूमिका और छत्तीसगढ़ की कंपनियों को झारखंड में कार्य दिलाने के कथित कनेक्शन की जांच कर रही है।
रामेश्वर उरांव कौन हैं?
रामेश्वर उरांव झारखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता हैं, जो वर्तमान में लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वे राज्य सरकार में पूर्व वित्त मंत्री भी रह चुके हैं।
इस मामले में ईसीआईआर क्या है?
ईसीआईआर यानी इन्फोर्स केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट, ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू करने के लिए दर्ज की जाती है। इस मामले में ईडी ने एसीबी की कांड संख्या 9/2025 के आधार पर ईसीआईआर संख्या 10/2025 दर्ज की है।
राष्ट्र प्रेस
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