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शांभवी चौधरी का ममता पर तंज: 'जनादेश स्वीकारना ही सच्चे नेता की पहचान', भवानीपुर उपचुनाव मांग खारिज

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शांभवी चौधरी का ममता पर तंज: 'जनादेश स्वीकारना ही सच्चे नेता की पहचान', भवानीपुर उपचुनाव मांग खारिज

सारांश

LJP (R) सांसद शांभवी चौधरी ने पटना में ममता बनर्जी की भवानीपुर उपचुनाव माँग को खारिज करते हुए कहा कि जनादेश स्वीकारना ही सच्चे नेता की पहचान है। साथ ही उन्होंने मोदी-ट्रंप बैठक को सार्थक बताया और बिहार में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का स्वागत किया।

मुख्य बातें

शांभवी चौधरी ने 17 जून 2026 को पटना में ममता बनर्जी की भवानीपुर उपचुनाव माँग को सिरे से खारिज किया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनादेश स्वीकार करना ही किसी सच्चे नेता की पहचान है।
मोदी-ट्रंप प्रस्तावित बैठक को उन्होंने सार्थक बताया; व्यापार प्रमुख एजेंडा होने की संभावना।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 'अपराधियों को नेपाल भागना होगा' वाले बयान का स्वागत किया।
विपक्षी दलों पर आरोप — नकारात्मक सोच से राजनीति का स्तर गिरा रहे हैं।

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने बुधवार, 17 जून 2026 को पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट से उपचुनाव की माँग को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के फैसले को चुनौती देना किसी नेता को शोभा नहीं देता।

भवानीपुर उपचुनाव माँग पर तीखी प्रतिक्रिया

शांभवी चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'यह साफ जाहिर होता है कि ममता बनर्जी अपनी हार से तिलमिलाई हुई हैं। इस तरह के जनादेश को चुनौती देने से कुछ भी प्राप्त होने वाला नहीं है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के आदेश को स्वीकार करना अनिवार्य है और यही किसी सच्चे नेता की असली पहचान होती है।

गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव कराने की माँग उठाई थी, जिसे LJP (R) सांसद ने राजनीतिक हार को न पचा पाने की कोशिश बताया।

मोदी-ट्रंप बैठक पर सकारात्मक रुख

शांभवी चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच प्रस्तावित बैठक को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह बैठक सार्थक साबित होगी और दोनों नेताओं के बीच व्यापार सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहाँ कहीं भी जाते हैं, भारत के हित में कुछ न कुछ सकारात्मक लेकर आते हैं। उनके नेतृत्व में भारत तेज़ गति से विकास कर रहा है और आज हम दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में वैश्विक मोर्चे पर भारत की स्थिति और सकारात्मक होगी।

बिहार में कानून-व्यवस्था और अपराधियों पर कड़ा रुख

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस बयान पर भी शांभवी चौधरी ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अब बिहार के अपराधियों को नेपाल भागने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। शांभवी ने इस बयान का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी — दोनों के नेतृत्व में अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी को बचाया नहीं जाएगा।

विपक्ष पर निशाना

शांभवी चौधरी ने विपक्षी दलों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता राजनीति का स्तर गिराने पर तुले हैं और नकारात्मक सोच के साथ ही हर मुद्दे पर उँगलियाँ उठाते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी सांसद या विधायक संविधान के प्रावधानों के तहत अपनी इच्छा से किसी भी दल या विचारधारा से जुड़ सकता है — इसमें विपक्ष को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और मोदी-ट्रंप बैठक के नतीजों पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह NDA की उस रणनीति का हिस्सा है जो पश्चिम बंगाल में TMC की जमीन को कमज़ोर करने के लिए हर मंच का उपयोग करती है। भवानीपुर उपचुनाव की माँग को 'हार न पचा पाना' बताना राजनीतिक रूप से प्रभावी है, लेकिन यह उस संवैधानिक प्रश्न को दरकिनार करता है कि क्या उपचुनाव की माँग वैध हो सकती है। बिहार में 'जीरो टॉलरेंस' की भाषा चुनावी दृष्टि से उपयोगी है, पर राज्य के अपराध आँकड़ों की स्वतंत्र समीक्षा इस दावे की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शांभवी चौधरी ने ममता बनर्जी की भवानीपुर उपचुनाव माँग पर क्या कहा?
शांभवी चौधरी ने ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट से उपचुनाव की माँग को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनादेश को चुनौती देना उचित नहीं है और जनता के फैसले को स्वीकार करना ही सच्चे नेता की पहचान है।
शांभवी चौधरी ने मोदी-ट्रंप बैठक पर क्या राय दी?
उन्होंने प्रस्तावित मोदी-ट्रंप बैठक को सार्थक बताया और कहा कि दोनों नेताओं के बीच व्यापार सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री मोदी हमेशा भारत के हित में सकारात्मक परिणाम लेकर आते हैं।
सम्राट चौधरी के 'अपराधी नेपाल भागेंगे' वाले बयान पर शांभवी की क्या प्रतिक्रिया थी?
शांभवी चौधरी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस बयान का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दोनों के नेतृत्व में अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम हो रहा है।
शांभवी चौधरी ने विपक्षी दलों पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने कहा कि विपक्षी दल राजनीति का स्तर गिरा रहे हैं और नकारात्मक सोच के साथ हर मुद्दे पर उँगलियाँ उठाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी नेता संविधान के प्रावधानों के तहत अपनी मर्जी से किसी भी दल या विचारधारा से जुड़ सकता है।
LJP (R) सांसद शांभवी चौधरी कौन हैं?
शांभवी चौधरी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद हैं और बिहार की राजनीति में सक्रिय युवा नेताओं में शुमार हैं। वे NDA गठबंधन की प्रमुख प्रवक्ताओं में से एक हैं।
राष्ट्र प्रेस
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