भवानीपुर हार पर ममता का अदालती दांव: BJP के रोहन गुप्ता बोले — 'अहंकार है असली वजह'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रोहन गुप्ता ने बुधवार, 17 जून को नई दिल्ली में तीन अलग-अलग राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी — पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा भवानीपुर विधानसभा चुनाव परिणाम को उच्च न्यायालय में चुनौती देना, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत की विवादित टिप्पणी, और जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागीदारी। गुप्ता ने विपक्षी दलों पर तीखे राजनीतिक प्रहार करते हुए सत्तारूढ़ दल का पक्ष रखा।
भवानीपुर हार और अदालती चुनौती
भवानीपुर विधानसभा चुनाव परिणाम को उच्च न्यायालय में चुनौती दिए जाने पर रोहन गुप्ता ने कहा कि ममता बनर्जी अपनी हार को स्वीकार करने में अब भी असमर्थ हैं और इसके पीछे उनका 'राजनीतिक अहंकार' जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जनता ने पिछले 15 वर्षों तक ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर भरोसा किया, लेकिन उस विश्वास के साथ विश्वासघात हुआ।
गुप्ता के अनुसार, लोकतंत्र में जीत और हार एक स्वाभाविक प्रक्रिया है और प्रत्येक राजनीतिक दल का यह दायित्व है कि वह जनता के जनादेश का सम्मान करे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी पराजय के बाद आत्ममंथन करने के बजाय अदालत का दरवाज़ा खटखटाना इस बात का संकेत है कि पार्टी नेतृत्व वास्तविकता को स्वीकार करने को तैयार नहीं।
TMC पर राजनीतिक आरोप
BJP नेता ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस की राजनीति कथित तुष्टीकरण, घुसपैठ, कट-मनी और गुंडागर्दी जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती रही है, जिसे जनता ने इस बार नकार दिया। गुप्ता का दावा है कि पार्टी के मौजूदा संकट के लिए उसके नेतृत्व की कार्यशैली और ज़मीनी हकीकत से कटाव जिम्मेदार है।
संजय राउत की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में बागी नेताओं पर की गई टिप्पणी को लेकर गुप्ता ने कहा कि इस प्रकार की भाषा विपक्षी नेताओं की 'हताशा और राजनीतिक निराशा' को दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो पार्टी कभी बाला साहेब ठाकरे के सिद्धांतों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करती थी, वह आज कांग्रेस के साथ खड़ी नज़र आती है।
गुप्ता के अनुसार, राउत की बयानबाज़ी से शिवसेना (यूबीटी) को जितना नुकसान विपक्षी दल नहीं पहुँचा सके, उससे अधिक क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर बढ़ती असंतुष्टि और लगातार हो रहे राजनीतिक बदलाव उसके नेतृत्व संकट को उजागर करते हैं।
जी7 में मोदी की भागीदारी और भारत की कूटनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जी7 कार्य सत्र में भागीदारी पर प्रतिक्रिया देते हुए गुप्ता ने कहा कि यह भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा और सफल कूटनीति का प्रमाण है। उन्होंने दावा किया कि वैश्विक संकटों के बीच भारत ने जिस प्रकार आर्थिक स्थिरता बनाए रखी है, उसने विश्व समुदाय का ध्यान खींचा है।
गुप्ता ने फ्रांस के साथ रक्षा सहयोग और अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी सरकार की विदेश नीति में राष्ट्रीय हित सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उनके अनुसार, मजबूत विकास दर और नियंत्रित महंगाई के कारण भारत वैश्विक मंचों पर एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में उभरा है और आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक व कूटनीतिक ताकत और अधिक सुदृढ़ होने की संभावना है।