क्या चुनाव आयोग ने ईसीआई नेट डिजिटल प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने के लिए सुझाव मांगे?
सारांश
Key Takeaways
- ईसीआई नेट ऐप का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को सरल बनाना है।
- सभी नागरिकों से सुझाव मांगे गए हैं।
- मतदाता सेवाएं तेजी से उपलब्ध कराई गई हैं।
- इस ऐप में लगभग 40 सेवाएं एकीकृत की गई हैं।
- अद्यतन प्लेटफॉर्म का औपचारिक लॉन्च जनवरी 2026 में होगा।
नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने अपने नवीनतम डिजिटल प्लेटफॉर्म 'ईसीआई नेट' ऐप को और अधिक उपयोगी और सहज बनाने के लिए आम जनता से सुझाव मांगे हैं। आयोग ने बताया कि सभी नागरिक 27 दिसंबर तक ईसीआई नेट ऐप डाउनलोड करें और 'सब्मिट अ सजेशन' टैब के माध्यम से अपने विचार साझा करें।
आयोग का मानना है कि बेहतर चुनावी अनुभव और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जनता की राय अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ईसीआई नेट ऐप का ट्रायल वर्जन पहले बिहार विधानसभा चुनाव 2025 और हाल ही में हुए उपचुनावों में इस्तेमाल किया गया था। इस नए डिजिटल प्लेटफॉर्म ने कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान करने में सफलता प्राप्त की है।
इस ऐप की सहायता से मतदाता वोटिंग से संबंधित सेवाओं को तेजी से प्राप्त कर पाए। मतदान प्रतिशत के ट्रेंड पहले की तुलना में जल्दी सामने आए और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इंडेक्स कार्ड मतदान समाप्त होने के 72 घंटों के भीतर प्रकाशित किए गए, जबकि पूर्व में यह प्रक्रिया कई सप्ताह या महीनों तक चलती थी।
चुनाव आयोग ने बताया कि बिहार चुनाव से मिली सीख और विभिन्न अधिकारियों की प्रतिक्रियाओं को ऐप में सुधार के लिए शामिल किया जा रहा है।
आयोग का कहना है कि नागरिकों द्वारा भेजे गए सभी सुझावों का ध्यानपूर्वक अध्ययन किया जाएगा और ऐप के इंटरफेस और सुविधाओं को अधिक उपयोगकर्ता-हितैषी बनाया जाएगा।
इस अद्यतन प्लेटफार्म का औपचारिक लॉन्च जनवरी 2026 में होने की योजना है।
ईसीआई नेट ऐप चुनाव आयोग की प्रमुख पहलों में से एक है, जिसका उद्देश्य तकनीक के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाना है।
यह परियोजना मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू तथा डॉ. विवेक जोशी के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ाई गई। इस ऐप के विकास की शुरुआत इसकी घोषणा के बाद 4 मई 2025 को हुई थी।
ईसीआई नेट ऐप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह नागरिकों के लिए चुनाव से संबंधित सभी सेवाओं को एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराता है।
इसमें पहले अलग-अलग चल रहे लगभग 40 एप्लिकेशन और वेबसाइट को एकीकृत कर दिया गया है, जिनमें वोटर हेल्पलाइन ऐप (वीएचए), सीविजिल, सक्षम, पोलिंग ट्रेंड्स (वोटर टर्नआउट), अपने उम्मीदवार को जानें (केवाईसी), और अन्य विकल्प शामिल हैं।
यह ऐप गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर दोनों पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है।