बिहार कांग्रेस ने एनडीए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, लोकतंत्र पर गंभीर आरोप
सारांश
Key Takeaways
- राजेश राम ने एनडीए सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया।
- प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।
- भाजपा पर विधायकों को डराने और धमकाने का आरोप लगाया गया।
- कांग्रेस ने दमनकारी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
- राजेश राम ने कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज उठाती रहेगी।
पटना, १७ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को एनडीए सरकार के खिलाफ एक प्रदर्शन आयोजित किया। इस अवसर पर राजेश राम ने कहा कि एनडीए सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही है।
राजेश राम ने आरोप लगाया कि जनता द्वारा दिए गए जनादेश का सम्मान करने की बजाय, सत्ता में बने रहने के लिए सरकार विभिन्न साजिशें रच रही है। उन्होंने हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस विधायकों के वोट न दे पाने की स्थिति को एक सोची-समझी साजिश और 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया।
उन्होंने कहा कि पूरे देश में भाजपा का एक ही 'स्टाइल' बन चुका है, चुनी हुई सरकारों को गिराना और विपक्ष के विधायकों को तोड़ना। एकनाथ शिंदे प्रकरण और गोवा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा जहां भी सत्ता में होती है, वहां इसी तरह की रणनीतियाँ अपनाती है।
प्रदेश अध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने केंद्रीय एजेंसियों और जिला प्रशासन का उपयोग कर कांग्रेस विधायकों पर दबाव बनाया। उन्होंने बताया कि विधायकों को डराने, धमकाने और यहाँ तक कि 'हाउस अरेस्ट' जैसी स्थिति में रखने का प्रयास किया गया ताकि वे वोट न दे सकें। कई विधायकों के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
उन्होंने कहा कि जो विधायक भाजपा के प्रलोभनों में नहीं आए, उन्हें डराया-धमकाया गया और प्रशासनिक रास्तों से रोकने की कोशिश की गई। यह सीधे तौर पर जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के अधिकारों का हनन है।
राजेश राम ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इन दमनकारी नीतियों के सामने झुकने वाली नहीं है। उन्होंने कहा, "भाजपा चाहें कितनी भी दबाव डाल ले, हम जनता की आवाज उठाते रहेंगे और उनके इस 'अलोकतांत्रिक स्टाइल' का सामना करेंगे।" इस मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे और सभी ने एनडीए सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।