राजेश राम का बयान: विधायकों से संपर्क की हर संभव कोशिश की गई
सारांश
Key Takeaways
- राजेश राम ने विधायकों से संपर्क साधने की कोशिश की।
- महागठबंधन की हार के बाद आरोप लगे।
- राजेश राम ने अपनी वफादारी का दावा किया।
- पार्टी विधायकों पर एक्शन की संभावना।
- केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत की जाएगी।
पटना, १७ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर एनडीए ने पूर्ण विजय प्राप्त की है। महागठबंधन ने राज्य में एक सीट जीतने का दावा किया था, लेकिन उस सीट पर भी उसे हार का सामना करना पड़ा है। महागठबंधन की हार के बाद, कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश अध्यक्ष पर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने राज्यसभा प्रत्याशियों को लेकर अपनी नाराजगी और उन पर लगे आरोपों के बारे में कहा कि मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं पार्टी का सबसे वफादार सदस्य हूं। पद आते-जाते रहते हैं, लेकिन प्रतिष्ठा बहुत मुश्किल से मिलती है।
पटना में राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि जिन लोगों ने मुझ पर आरोप लगाए हैं, मैं केवल इतना कहूंगा कि मैं लगातार उन विधायकों से संपर्क में रहा। मैंने कई बार उन्हें फोन किया और उनके घर जाकर भी अनुरोध किया, लेकिन कोई नहीं मिला। इसके बाद भी, मैंने लगातार फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया। मैंने संदेश भी भेजे कि पार्टी की प्रतिष्ठा का सवाल है, कृपया एक बार बात कर लीजिए। लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाई और आज इस तरह का आरोप लगा दिया।
हम कांग्रेस पार्टी के वफादार सिपाही हैं, हमने जमीन पर काम किया है और आज पार्टी के महत्वपूर्ण पद पर हैं। इस पद पर रहते हुए मैं पार्टी के साथ विश्वासघात नहीं कर सकता। पहले प्रकरण में, अशोक चौधरी ने हमें एमएलसी और मंत्री बनाने का प्रलोभन दिया और फ्लैट का ऑफर किया। हमने उस समय लात मारकर भाग गए। भाजपा के द्वारा मुझे घेरने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वोट देना आपका अधिकार है। पार्टी का निर्देश है कि हम इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार का समर्थन करें और उनके पक्ष में बात करें। आप वोटर हैं। पार्टी की प्रतिष्ठा बढ़ाने में आपकी भूमिका है। आप सभी चीजों में खुद निर्णय लेते हैं, और अब हम पर दोष मढ़ रहे हैं। मैं आपको १४ तारीख की रात से कॉल कर रहा था, अगर यही बात थी तो बता देते। आप फोन क्यों नहीं उठा रहे थे।
राजेश राम ने कहा कि देखिए, यह निर्णय हमारे केंद्रीय नेतृत्व और आरजेडी के बीच होता है। हम फॉलोअर्स हैं। उस फैसले को मानना और उसे लागू करना हमारी जिम्मेदारी है। यह अलग बात है कि हमारे तीन विधायक नहीं आए, इसलिए यह सेटबैक आया है। इस जिम्मेदारी से कोई मुंह नहीं चुरा सकता।
उन्होंने कहा कि पार्टी विधायकों पर तो एक्शन लेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है। यह भी समझने वाली बात है कि जो लोग साथ रहे हैं, उनकी अंतरात्मा क्या कहती है। इस दुनिया में ऐसा भी होता है, यह सोचकर मैं आश्चर्यचकित हूं कि अपनी गलती को छुपाने के लिए किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना बेहद दुखद है। इस मामले में केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत की जाएगी और सभी तथ्यों को सामने रखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।