राजेश राम: भाजपा ने नीतीश कुमार को किया ‘डिजिटल अरेस्ट’
सारांश
Key Takeaways
- राजेश राम का आरोप: भाजपा ने नीतीश कुमार को ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया।
- नीतीश कुमार ने समाजवादी विचारधारा का साथ छोड़ दिया है।
- भाजपा की राजनीति में सहयोगी दलों को कमजोर करने की प्रवृत्ति है।
- आने वाले समय में चंद्रबाबू नायडू भाजपा के अगले निशाने पर हो सकते हैं।
पटना, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने सोमवार को यह दावा किया कि भाजपा ने नीतीश कुमार को “डिजिटल अरेस्ट” कर लिया है। जिन्होंने हमेशा समाजवादी विचारधारा की रक्षा के लिए संघर्ष किया, वे अब उस लड़ाई को भाजपा के हवाले कर चुके हैं और आरएसएस के एजेंडे के प्रति समझौता कर लिया है।
उन्होंने यह सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी है कि नीतीश कुमार अपने कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के आंसुओं से भी प्रभावित नहीं हो रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान राजेश राम ने कहा, "बिहार में नीतीश कुमार के साथ हाल में हुए घटनाक्रम से कांग्रेस को कोई आश्चर्य नहीं हुआ है। यह एक अपेक्षित परिणाम था, क्योंकि वर्तमान सरकार वोटों की चोरी के आधार पर बनी है और भाजपा लगातार पर्दे के पीछे से नीतीश कुमार को हटाने की साजिश कर रही है।"
राजेश राम ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति सहयोगी दलों को कमजोर करने की रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह भाजपा ने शिवसेना के नेता एकनाथ शिंदे को साथ रखकर मूल शिवसेना को कमजोर किया, उसी तरह अकाली दल को भी कमजोर किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने एनसीपी के नेता शरद पवार की पार्टी को तोड़ने का कार्य किया और बीजू जनता दल के नेता नवीन पटनायक के साथ-साथ कई क्षेत्रीय दलों को धीरे-धीरे समाप्त करने की योजना बनाई।
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा का इतिहास यह रहा है कि वह पहले अपने सहयोगियों को अपने साथ लाती है और बाद में उन्हें समाप्त कर देती है। बिहार में भाजपा और जद (यू) का गठबंधन पूरी तरह से एक बेमेल गठबंधन है, जो जनता के हितों के खिलाफ है।
उन्होंने यह दावा किया कि भाजपा की यही रणनीति अब अन्य सहयोगी दलों के साथ भी अपनाई जा रही है और भविष्य में इनका अगला निशाना आंध्र प्रदेश के नेता चंद्रबाबू नायडू होंगे।