शहडोल: रिटायर्ड फौजी ने खोए तोते 'गोपी' के लिए ₹21,000 का इनाम घोषित, वापसी तक व्रत का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के सोहागपुर में एक भावुक और अनोखी घटना ने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल छू लिया है। सोहागपुर थाना क्षेत्र के बाणगंगा मेला मैदान के पास रहने वाले रिटायर्ड फौजी चंदन मिश्रा ने अपने पालतू तोते की सुरक्षित वापसी में मदद करने वाले व्यक्ति को ₹21,000 का इनाम देने की घोषणा की है। 9 अगस्त को जारी इस अपील ने सोशल मीडिया पर तेज़ी से ध्यान खींचा है।
तोते से परिवार का भावनात्मक जुड़ाव
चंदन मिश्रा के अनुसार, यह हरे रंग का तोता करीब एक साल पहले पड़ोसी जिले अनूपपुर के अमरकंटक से लाया गया था। परिवार उसे प्यार से 'गोपी' और 'मिट्ठू' कहकर पुकारता था। धीरे-धीरे यह तोता घर के हर सदस्य से घुल-मिल गया और परिवार का अभिन्न हिस्सा बन गया।
तोते की खास पहचान यह है कि उसके गर्दन पर काला घेरा है और पीठ के पंख विशिष्ट हैं। वह परिवार के सदस्यों की आवाज़ की नकल करता था और कुछ शब्द भी बोल सकता था — जो उसे आम तोतों से अलग बनाता है।
कैसे हुआ तोता गायब
परिवार के बच्चे शनिवार को तोते के साथ खेल रहे थे, तभी वह अचानक उड़ गया। शाम तक परिवार को उम्मीद थी कि वह खुद लौट आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आसपास की छतों, पेड़ों और मोहल्लों में काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला।
इनाम राशि और व्रत का संकल्प
पहले परिवार ने ₹11,000 का इनाम घोषित किया था। जब तोता नहीं मिला तो रविवार को यह राशि बढ़ाकर ₹21,000 कर दी गई। भावुक चंदन मिश्रा ने वीडियो जारी कर घोषणा की कि जब तक गोपी सुरक्षित घर नहीं आ जाता, वे व्रत रखेंगे। परिवार ने एक स्थानीय पंडित से संपर्क कर तोते की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष हवन-पूजन कराने की भी योजना बनाई है।
सोशल मीडिया पर अपील
तोते की पहचान — काला घेरा, बोलने की क्षमता, और विशिष्ट पंख — को सोशल मीडिया पर जारी पोस्टरों में विस्तार से बताया गया है। कई लोग वीडियो और पोस्टर साझा कर रहे हैं ताकि गोपी का पता लगाया जा सके और वह अपने परिवार के पास वापस लौट सके।