एक्सरसाइज सी विजिल-26: भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए नई दिल्ली में मुख्य योजना सम्मेलन संपन्न
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय नौसेना ने नई दिल्ली में 'एक्सरसाइज सी विजिल-26' के लिए मुख्य योजना सम्मेलन आयोजित किया, जिसका उद्देश्य 'संयुक्त तैयारियों के माध्यम से भारत की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना' है। नौसेना मुख्यालय के आधिकारिक एक्स हैंडल पर साझा जानकारी के अनुसार, यह सम्मेलन देश की तटीय रक्षा संरचना को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस बैठक में केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों, सुरक्षा बलों और राज्य एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सम्मेलन का नेतृत्व और भागीदार एजेंसियाँ
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की अध्यक्षता वाइस एडमिरल एएन प्रमोद, डीसीएनएस ने की। बैठक में रक्षा मंत्रालय, डीएमए, गृह मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारतीय थलसेना, भारतीय वायुसेना, भारतीय तटरक्षक बल, सीमा सुरक्षा बल (BSF), मत्स्य पालन विभाग, डीजीएलएल, आईडब्ल्यूएआई, डीजीएमए, एनएससीएस, डीआरआई तथा विभिन्न राज्यों के समुद्री सुरक्षा समन्वयकों और राज्य प्रशासनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इतने व्यापक प्रतिनिधित्व से स्पष्ट है कि यह अभ्यास केवल नौसेना तक सीमित नहीं, बल्कि एक बहु-एजेंसी राष्ट्रीय प्रयास है।
मुख्य चर्चाएँ और संपूर्ण-सरकार दृष्टिकोण
सम्मेलन में चर्चाओं का केंद्र विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय, परिचालन तालमेल और तैयारियों को परिष्कृत करना रहा। बैठक में भारत की तटीय रक्षा संरचना को मजबूत करने के लिए 'संपूर्ण-सरकार दृष्टिकोण' को पुनः रेखांकित किया गया। गौरतलब है कि समुद्री सुरक्षा में किसी एक विभाग की बजाय समग्र सरकारी तंत्र की एकजुट भागीदारी ही इस अभ्यास की रीढ़ है।
एक्सरसाइज सी विजिल क्या है
एक्सरसाइज सी विजिल भारतीय नौसेना का एक प्रमुख राष्ट्रीय तटीय रक्षा अभ्यास है, जिसमें देश की संपूर्ण तटीय सुरक्षा संरचना की परीक्षा की जाती है। यह अभ्यास समुद्री खतरों — जैसे अवैध घुसपैठ, तस्करी, आतंकवाद और प्राकृतिक आपदाओं — से निपटने की क्षमता को जाँचने और उसे बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह ऐसे समय में आयोजित होता है जब हिंद महासागर क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री सुरक्षा चुनौतियाँ लगातार बढ़ रही हैं।
भारत-श्रीलंका समुद्री सहयोग
इसी कड़ी में भारतीय नौसेना के पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के जहाज — आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी — कोलंबो पहुँचे, जहाँ श्रीलंकाई नौसेना ने उनका औपचारिक स्वागत किया। पोर्ट कॉल के दौरान नौसेना प्रशिक्षण के महानिदेशक और श्रीलंकाई नौसेना के पूर्वी नौसैनिक क्षेत्र के कमांडर ने जहाजों पर मौजूद समुद्री प्रशिक्षुओं से संवाद किया। इस यात्रा का लक्ष्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी सहयोग, प्रशिक्षण और परस्पर समझ को प्रगाढ़ करना है।
क्षेत्रीय सुरक्षा में भारत की भूमिका
भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पड़ोसी देशों के साथ निरंतर सहयोग बढ़ा रही है। एक्सरसाइज सी विजिल-26 इसी व्यापक रणनीतिक प्रयास का हिस्सा है, जो घरेलू तटीय सुरक्षा को क्षेत्रीय नौसैनिक कूटनीति से जोड़ता है। आने वाले हफ्तों में अभ्यास के विस्तृत संचालन कार्यक्रम की घोषणा अपेक्षित है।