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टीएमसी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी का अभिषेक पर वार: CAPF सुरक्षा माँगने और I-PAC से पार्टी चलाने का आरोप

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टीएमसी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी का अभिषेक पर वार: CAPF सुरक्षा माँगने और I-PAC से पार्टी चलाने का आरोप

सारांश

TMC से निष्कासन के एक दिन बाद विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर CAPF सुरक्षा माँगने और I-PAC के ज़रिए पार्टी को कॉरपोरेट ढंग से चलाने का आरोप लगाया। हस्ताक्षर विसंगति मामले में CID जाँच शुरू होने के बीच यह विवाद TMC की आंतरिक दरारों को उजागर करता है।

मुख्य बातें

ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को 1 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निष्कासित किया गया।
ऋतब्रत ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने 30 मई को सोनारपुर में जनविरोध के बाद CAPF सुरक्षा माँगी।
उन्होंने I-PAC के ज़रिए TMC को कॉरपोरेट शैली में चलाने का आरोप लगाया, जिससे पार्टी को नुकसान हुआ।
दोनों विधायकों ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के चार पदों के आवंटन-प्रस्ताव में हस्ताक्षर गड़बड़ी का मामला विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस के संज्ञान में लाया था।
हस्ताक्षर विसंगति मामले की जाँच पश्चिम बंगाल CID को सौंपी गई है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निष्कासित उलूबेरिया (पूर्व) के विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने मंगलवार, 2 जून 2026 को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद अभिषेक बनर्जी पर सीधा हमला बोला। निष्कासन के महज़ एक दिन बाद की गई इस तीखी प्रतिक्रिया में ऋतब्रत ने अभिषेक पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की सुरक्षा माँगने और इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के ज़रिए TMC को कॉरपोरेट ढंग से चलाने का आरोप लगाया।

CAPF सुरक्षा पर सवाल

ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि 30 मई को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में जनता के विरोध का सामना करने के बाद अभिषेक बनर्जी ने अपने लिए CAPF सुरक्षा की माँग की है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "वे किस तरह के जननेता हैं? पार्टी की करारी हार के बाद 26 दिनों तक घर में रहे। अब अपने लिए केंद्रीय बलों की सुरक्षा माँग रहे हैं। पहले कहते थे कि जनता उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त है, तो अब सुरक्षा कवच की ज़रूरत क्यों पड़ रही है?"

उन्होंने यह भी कहा, "हमने अपने लिए कभी ऐसी सुरक्षा नहीं माँगी। कुछ लोग मुझे गद्दार कह सकते हैं, लेकिन कोई मुझे चोर नहीं कह रहा।"

I-PAC और कॉरपोरेट शैली का आरोप

ऋतब्रत बनर्जी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने I-PAC के माध्यम से TMC को कॉरपोरेट शैली में संचालित करने की कोशिश की, जिसका पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने याद दिलाया कि यह वही पार्टी है, जिसे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने अथक परिश्रम से खड़ा किया था। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी जैसे नेता बहुत कम होते हैं। मैं उनका सम्मान करता था, आज भी करता हूँ और आगे भी करता रहूँगा।"

निष्कासन की पृष्ठभूमि

ऋतब्रत बनर्जी और कोलकाता की एंटाली विधानसभा सीट से TMC विधायक संदीपन साहा को सोमवार, 1 जून को पार्टी से निष्कासित किया गया था। यह कार्रवाई उस समय की गई जब विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने मीडिया को बताया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित चार महत्वपूर्ण पदों के आवंटन-प्रस्ताव में TMC विधायकों के हस्ताक्षरों में गड़बड़ी का मामला सबसे पहले इन्हीं दोनों विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस के कार्यालय के संज्ञान में लाया था।

CID जाँच का आदेश

हस्ताक्षर विसंगति मामले की जाँच अब पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जाँच विभाग (CID) को सौंपी गई है। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब TMC पश्चिम बंगाल में हाल के चुनावी झटकों के बाद आंतरिक एकजुटता बनाए रखने की कोशिश कर रही है। पार्टी के भीतर से उठती ये आवाज़ें नेतृत्व के लिए नई चुनौती बन सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पार्टी के भीतर उत्तराधिकार की लड़ाई को और पेचीदा बना सकता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऋतब्रत बनर्जी को TMC से क्यों निष्कासित किया गया?
ऋतब्रत बनर्जी और विधायक संदीपन साहा को 1 जून 2026 को TMC से निष्कासित किया गया। इससे पहले इन दोनों ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के चार पदों के आवंटन-प्रस्ताव में TMC विधायकों के हस्ताक्षरों में गड़बड़ी का मामला विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय के संज्ञान में लाया था।
ऋतब्रत बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
ऋतब्रत बनर्जी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने I-PAC के ज़रिए TMC को कॉरपोरेट शैली में चलाने की कोशिश की, जिससे पार्टी को नुकसान हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया कि 30 मई को सोनारपुर में जनविरोध के बाद अभिषेक ने अपने लिए CAPF सुरक्षा माँगी।
हस्ताक्षर विसंगति मामला क्या है?
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित चार महत्वपूर्ण पदों के आवंटन-प्रस्ताव में TMC विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित गड़बड़ी का यह मामला है। इसकी जाँच अब पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जाँच विभाग (CID) को सौंपी गई है।
I-PAC क्या है और TMC से इसका क्या संबंध है?
इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) एक चुनावी रणनीति संगठन है, जो कथित तौर पर अभिषेक बनर्जी की पहल पर TMC के चुनाव प्रबंधन में सक्रिय रही है। ऋतब्रत बनर्जी का आरोप है कि इस कॉरपोरेट शैली के हस्तक्षेप ने पार्टी की ज़मीनी संरचना को कमज़ोर किया।
इस विवाद का TMC पर क्या असर पड़ सकता है?
यह विवाद TMC के भीतर ममता बनर्जी की पारंपरिक नेतृत्व शैली और अभिषेक बनर्जी की रणनीति-केंद्रित पहुँच के बीच की खाई को उजागर करता है। हाल के चुनावी झटकों के बाद इस तरह की सार्वजनिक कलह पार्टी की एकजुटता और छवि दोनों के लिए चुनौती बन सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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