मुंबई इंफ्रा को नई रफ्तार: फडणवीस ने तीन फ्लाईओवर का उद्घाटन, '59 मिनट का मुंबई' सपने को बल
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 22 अक्टूबर 2026 को मुंबई में तीन अहम अवसंरचना परियोजनाओं का वर्चुअल उद्घाटन किया और कहा कि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के ज़रिए मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में हो रहे तीव्र बुनियादी ढाँचे के विकास से राज्य के '59 मिनट का मुंबई' विज़न को साकार करने में ठोस मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चल रही मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी परियोजनाएँ हाई-स्पीड आवागमन के साथ-साथ नागरिकों के जीवन स्तर को भी काफी हद तक सुगम बनाएंगी।
तीन परियोजनाएँ: क्या खुला, क्या बदलेगा
उद्घाटित परियोजनाओं में पहली है — विद्याविहार रेलवे स्टेशन (उत्तरी वार्ड) के पास लाल बहादुर शास्त्री (एलबीएस) मार्ग और रामचंद्र चेम्बुरकर (आरसी) मार्ग को जोड़ने वाला रेलवे ओवरब्रिज। यह फ्लाईओवर पूर्व के आरसी मार्ग को पश्चिम के एलबीएस मार्ग से जोड़ता है और पटरियों के आर-पार यात्रा का समय 30 मिनट से घटाकर मात्र 10 मिनट कर देता है। इससे घाटकोपर स्टेशन के निकट के भीड़भाड़ वाले फ्लाईओवर पर यातायात का दबाव भी कम होगा।
दूसरी परियोजना है पुनर्निर्मित सायन रेलवे ओवरब्रिज। 112 साल पुराने और असुरक्षित घोषित हो चुके इस पुल के पुनर्निर्माण से पूर्व-पश्चिम संपर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी फिर से जीवंत हुई है। मुख्यमंत्री फडणवीस के अनुसार, यह नया पुल डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर रोड और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को धारावी, बांद्रा और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) जैसे पश्चिमी मार्गों से जोड़ने वाली एक अहम कड़ी का काम करता है।
तीसरी परियोजना गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (जीएमएलआर) के अंतर्गत रत्नागिरी होटल जंक्शन से गोरेगांव पूर्व में दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी (फिल्म सिटी) तक का फ्लाईओवर है। यह परियोजना न केवल रत्नागिरी होटल जंक्शन और आसपास के चौराहों पर ट्रैफिक जाम कम करेगी, बल्कि संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे प्रस्तावित दो भूमिगत सुरंगों तक पहुँच भी सुनिश्चित करेगी।
सायन पुल का रणनीतिक महत्व
पुनर्निर्मित सायन रेलवे ओवरब्रिज से सेंट्रल रेलवे की पाँचवीं और छठी रेल लाइन के लिए भी मार्ग प्रशस्त हुआ है। पूरा होने पर इन अतिरिक्त पटरियों से लोकल ट्रेनों की संख्या और आवृत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि संभव हो सकेगी — जो मुंबई की लाखों रोज़मर्रा की ट्रेन यात्राओं को सीधे प्रभावित करेगा।
सरकारी प्रतिक्रिया और समन्वय की सराहना
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बीएमसी, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच मज़बूत समन्वय की सराहना की, जिसके कारण ये तीनों परियोजनाएँ समय पर पूरी हो सकीं। उन्होंने नगर प्रशासन, इंजीनियरों, ठेकेदारों और श्रमिकों को इस सफल क्रियान्वयन के लिए बधाई दी।
यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई के बुनियादी ढाँचे पर बढ़ते यातायात दबाव और पुराने पड़ते पुलों को लेकर लंबे समय से चिंताएँ जताई जाती रही हैं। गौरतलब है कि बीएमसी पिछले कुछ वर्षों से एमएमआर में उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर के एकीकृत विकास पर ज़ोर दे रही है।
आगे का रोडमैप
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महानगर में निर्बाध उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर सक्रिय रूप से विकसित किए जा रहे हैं। इन तीनों फ्लाईओवर के चालू होने से जीएमएलआर परियोजना के अगले चरण और सेंट्रल रेलवे की नई लाइनों जैसी आगामी योजनाओं को ज़मीनी समर्थन मिलेगा, जो '59 मिनट का मुंबई' लक्ष्य की दिशा में एक और कदम होगा।