फर्जी डॉक्टर शेख सैदुल हक दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार, पश्चिम बंगाल में 4 साल के बच्चे की मौत का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को जानकारी दी कि पूर्वी बर्दवान जिले में एक 4 वर्षीय बच्चे की कथित गलत सर्जरी से हुई मौत के आरोप में फर्जी डॉक्टर शेख सैदुल हक को दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि सैदुल ने बिना वैध चिकित्सा योग्यता के नवाबहाट इलाके के एक निजी अस्पताल में बच्चे का ऑपरेशन किया, जिसके तुरंत बाद बच्चे की मौत हो गई।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, सर्जरी के बाद बच्चे की मृत्यु होते ही शेख सैदुल हक फरार हो गया और कुछ दिनों तक दुबई में छिपा रहा। बच्चे के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने उसके विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी किया था। मंगलवार रात जैसे ही वह दुबई से लौटकर दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरा, दिल्ली पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में ले लिया।
दिल्ली पुलिस ने आरोपी को पश्चिम बंगाल पुलिस को सौंपा, जिसके बाद बर्दवान पुलिस पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करके उसे फ्लाइट से कोलकाता लेकर आई। पुलिस दल बुधवार रात करीब 1.30 बजे कोलकाता एयरपोर्ट पहुँचा।
आरोपी की पृष्ठभूमि और अन्य आरोप
जाँच में शेख सैदुल हक की चिकित्सा योग्यता पर गंभीर सवाल उठे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसके खिलाफ इस मामले के अलावा कई अन्य आरोप भी हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'जाँच के दौरान वह दुबई भाग गया था। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। उसी नोटिस के आधार पर उसे दिल्ली हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया।'
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में फर्जी डॉक्टरों की समस्या नई नहीं है। राज्य में अनधिकृत चिकित्सकों द्वारा संचालित निजी क्लीनिकों और नर्सिंग होम के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी का फायदा उठाते हैं।
निजी अस्पताल संघ की प्रतिक्रिया
निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के संघ ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत करते हुए एक बयान जारी किया। संघ के एक सदस्य ने स्थानीय पत्रकारों से कहा, 'हमें उम्मीद है कि सैदुल की गिरफ्तारी के बाद फर्जी डॉक्टर जुल्फिकार और हमारी ओर से पहचाने गए चार अन्य लोगों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हमें पुलिस पर पूरा भरोसा है।'
यह बयान इस बात का संकेत है कि अकेले सैदुल तक यह नेटवर्क सीमित नहीं है और पुलिस जाँच के दायरे में और नाम आ सकते हैं।
आम जनता पर असर और आगे की राह
इस घटना ने पूर्वी बर्दवान जिले में स्वास्थ्य नियामक तंत्र की खामियों को उजागर किया है। आलोचकों का कहना है कि बिना योग्यता के ऑपरेशन करने वाले व्यक्ति को अस्पताल में प्रवेश कैसे मिला, यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है जिसकी जाँच होनी चाहिए। फिलहाल पुलिस सैदुल से पूछताछ के बाद आरोप पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया में है और मामले की व्यापक जाँच जारी है।