16 सितंबर 2026
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फरीदाबाद में ₹15 करोड़ की कोकीन बरामद, क्राइम ब्रांच ने तीन विदेशी तस्करों को दबोचा

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फरीदाबाद में ₹15 करोड़ की कोकीन बरामद, क्राइम ब्रांच ने तीन विदेशी तस्करों को दबोचा

सारांश

फरीदाबाद के लक्कड़पुर में क्राइम ब्रांच की छापेमारी ने एक संभावित अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क को बेनकाब किया — ₹15 करोड़ की कोकीन और तीन विदेशी नागरिक गिरफ्तार। 9 और संदिग्धों की जाँच से यह मामला और गहरा होता दिख रहा है।

मुख्य बातें

फरीदाबाद क्राइम ब्रांच ने 16 सितंबर 2026 को लक्कड़पुर में छापेमारी कर ₹15 करोड़ मूल्य की कोकीन जब्त की।
गिरफ्तार तीनों आरोपी नाइजीरिया और कैमरून के नागरिक बताए जा रहे हैं, जो 2018 से फरीदाबाद में रह रहे थे।
एसीपी क्राइम अमन यादव के अनुसार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूरी सप्लाई चेन का खुलासा किया जाएगा।
आरोपियों के पास वैध दस्तावेज नहीं मिले; वीज़ा और पासपोर्ट की वैधता की जाँच जारी।
छानबीन के दौरान 9 अन्य विदेशी नागरिकों की पहचान हुई, जो इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस को संदेह है कि यह एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा है।

हरियाणा के फरीदाबाद में क्राइम ब्रांच ने 16 सितंबर 2026 को नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹15 करोड़ मूल्य की कोकीन बरामद की और तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। दिल्ली सीमा से सटे लक्कड़पुर इलाके में की गई यह छापेमारी गुप्त सूचना के आधार पर अंजाम दी गई, जिसमें भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद हुई।

गिरफ्तारी का विवरण

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार तीनों आरोपी नाइजीरिया और कैमरून के रहने वाले बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि ये तीनों 2018 में भारत आए थे और पिछले लगभग तीन वर्षों से लक्कड़पुर क्षेत्र में निवास कर रहे थे। क्राइम ब्रांच को इस बात की सूचना मिली थी कि इलाके में विदेशी नागरिकों द्वारा बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों का कारोबार संचालित किया जा रहा है।

सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और तलाशी अभियान के दौरान ₹15 करोड़ मूल्य की कोकीन जब्त की। यह कोकीन छोटी-छोटी पैकिंग में सप्लाई के लिए तैयार अवस्था में मिली, जो इस नेटवर्क की सुनियोजित कार्यप्रणाली को उजागर करती है।

पुलिस का बयान और जाँच की दिशा

एसीपी क्राइम अमन यादव ने बताया कि पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी में है, ताकि इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके। जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह माल कहाँ से आया, इसकी आपूर्ति श्रृंखला क्या थी और फरीदाबाददिल्ली में इसे किन-किन स्थानों पर पहुँचाया जाना था।

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की सक्रियता को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं। गौरतलब है कि लक्कड़पुर इलाके की दिल्ली सीमा से निकटता इसे तस्करी के लिए एक संवेदनशील गलियारा बनाती है।

दस्तावेजों की वैधता पर सवाल

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला जो यह प्रमाणित कर सके कि वे इतने लंबे समय से किस आधार पर भारत में रह रहे थे। 2018 में भारत प्रवेश के बाद उनके वीज़ा और पासपोर्ट की वैधता की भी गहन जाँच की जा रही है। यह पहलू मामले को महज ड्रग तस्करी से आगे ले जाकर अवैध प्रवास के कोण पर भी केंद्रित करता है।

नौ और विदेशी नागरिकों पर नज़र

गिरफ्तारी के बाद लक्कड़पुर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक छानबीन के दौरान 9 अन्य विदेशी नागरिकों के बारे में जानकारी सामने आई है। पुलिस अब उनके अभिलेखों और दस्तावेजों की जाँच कर यह निर्धारित कर रही है कि कहीं वे भी इस ड्रग नेटवर्क से संबद्ध तो नहीं हैं।

पुलिस का अनुमान है कि यह किसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा हो सकता है और रिमांड के दौरान पूछताछ में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। तीनों आरोपियों को शीघ्र न्यायालय में पेश कर रिमांड लिया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्थानीय सत्यापन प्रणाली की खामियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 9 अन्य संदिग्ध विदेशियों की पहचान यह संकेत देती है कि यह एक व्यापक नेटवर्क हो सकता है जो शायद वर्षों से सक्रिय था। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर छूट जाती है वह यह है — रिमांड और पूछताछ से जो सप्लाई चेन उजागर होगी, वही बताएगी कि यह महज स्थानीय रैकेट था या किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की एक कड़ी।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फरीदाबाद में क्राइम ब्रांच ने क्या कार्रवाई की?
फरीदाबाद क्राइम ब्रांच ने 16 सितंबर 2026 को लक्कड़पुर इलाके में छापेमारी कर ₹15 करोड़ मूल्य की कोकीन बरामद की और नाइजीरिया व कैमरून के तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी।
गिरफ्तार विदेशी नागरिक कौन हैं और कब से भारत में थे?
गिरफ्तार तीनों आरोपी नाइजीरिया और कैमरून के नागरिक बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जाँच के अनुसार ये 2018 में भारत आए थे और पिछले लगभग तीन वर्षों से फरीदाबाद के लक्कड़पुर इलाके में रह रहे थे।
पुलिस अब आगे क्या कदम उठाएगी?
एसीपी क्राइम अमन यादव के अनुसार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड लिया जाएगा और गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस कोकीन की सप्लाई चेन, माल के स्रोत और दिल्ली-फरीदाबाद में संभावित वितरण नेटवर्क का पूरा ब्यौरा खंगालेगी।
क्या इस नेटवर्क से 9 और विदेशी नागरिक जुड़े हैं?
गिरफ्तारी के बाद लक्कड़पुर और आसपास की तलाशी में 9 अन्य विदेशी नागरिकों की जानकारी सामने आई है। पुलिस उनके दस्तावेजों और आपराधिक रिकॉर्ड की जाँच कर यह पता लगा रही है कि वे इस ड्रग नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं।
आरोपियों के दस्तावेजों की स्थिति क्या है?
पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला जो उनके इतने लंबे समय तक भारत में रहने को प्रमाणित कर सके। 2018 से उनके वीज़ा और पासपोर्ट की वैधता को लेकर भी अलग से जाँच की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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