बिहार CM सम्राट चौधरी का निजी स्कूलों को अल्टीमेटम: फीस सार्वजनिक करो, वरना होगी सख्त कार्रवाई

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बिहार CM सम्राट चौधरी का निजी स्कूलों को अल्टीमेटम: फीस सार्वजनिक करो, वरना होगी सख्त कार्रवाई

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निजी स्कूलों को अल्टीमेटम दिया है — फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करो, किताबें-यूनिफॉर्म कहीं से भी खरीदने दो, और फीस बकाया पर परीक्षा परिणाम न रोको। उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई तय है।

मुख्य बातें

बिहार CM सम्राट चौधरी ने 12 मई को निजी स्कूलों के लिए फीस पारदर्शिता अनिवार्य करने का निर्देश जारी किया।
निजी विद्यालयों को फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी; मनमानी बढ़ोतरी और अनावश्यक शुल्क पर रोक लगेगी।
छात्रों को किताबें और यूनिफॉर्म किसी भी दुकान से खरीदने की स्वतंत्रता होगी।
फीस बकाया होने पर भी परीक्षा परिणाम से वंचित नहीं किया जाएगा।
आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार, 12 मई को राज्य के निजी स्कूलों को कड़ी चेतावनी देते हुए फीस पारदर्शिता अनिवार्य करने का निर्देश जारी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी निजी विद्यालय मनमाने ढंग से फीस बढ़ाएगा या अनावश्यक शुल्क वसूलेगा, उसके विरुद्ध प्रशासन सख्त से सख्त कार्रवाई करेगा। इस कदम से बिहार के लाखों अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने निर्देशों की जानकारी साझा करते हुए लिखा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की है — क्योंकि बिना स्वतंत्र निगरानी तंत्र और शिकायत निवारण प्रक्रिया के, ऐसे आदेश अक्सर कागज़ों तक सीमित रह जाते हैं। यह भी ध्यान देने योग्य है कि किताबें-यूनिफॉर्म की बाध्यता जैसी शिकायतें दशकों पुरानी हैं और कई राज्यों में इन पर अंकुश लगाने के प्रयास अदालती चुनौतियों में उलझ गए। बिहार सरकार को ठोस दंडात्मक ढाँचा और पारदर्शी शिकायत पोर्टल स्थापित करना होगा, तभी यह पहल वास्तविक बदलाव ला सकती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार CM सम्राट चौधरी ने निजी स्कूलों को क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निजी स्कूलों के लिए फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य किया है और मनमानी फीस बढ़ोतरी तथा अनावश्यक शुल्क वसूली पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
क्या बिहार में अब छात्र किसी भी दुकान से किताबें और यूनिफॉर्म खरीद सकेंगे?
हाँ, मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार अब छात्रों और अभिभावकों को किताबें और यूनिफॉर्म किसी भी दुकान या विक्रेता से खरीदने की स्वतंत्रता होगी। निजी स्कूल किसी खास दुकान से खरीदारी के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे।
फीस बकाया होने पर क्या स्कूल परीक्षा परिणाम रोक सकते हैं?
नहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नए निर्देश के अनुसार फीस बकाया होने पर भी छात्रों को परीक्षा परिणाम से वंचित नहीं किया जा सकेगा। यह निर्देश छात्रों के शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए जारी किया गया है।
बिहार में निजी स्कूलों की मनमानी की शिकायतें क्यों बढ़ रही थीं?
पटना सहित अन्य जिलों के कई निजी स्कूल अभिभावकों पर महंगी पाठ्यपुस्तकें और यूनिफॉर्म केवल निर्धारित दुकानों से खरीदने का दबाव डालते थे और मनमाने ढंग से फीस बढ़ाते थे। इन शिकायतों की लंबे समय से सरकार के पास पहुँचती रही थीं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
इस निर्देश से बिहार के अभिभावकों को क्या फायदा होगा?
इस निर्देश से बिहार के उन लाखों अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है जो निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाते हैं और फीस के नाम पर मोटी रकम चुकाते थे। फीस पारदर्शिता, खरीदारी की स्वतंत्रता और परीक्षा परिणाम की सुरक्षा से शिक्षा अधिक सुलभ और न्यायसंगत बनेगी।
राष्ट्र प्रेस