क्या फिल्म 'शतक' का ट्रेलर इतिहास के अनछुए पहलुओं को उजागर करेगा?
सारांश
Key Takeaways
- फिल्म 'शतक' आरएसएस के अनछुए पहलुओं को उजागर करती है।
- यह फिल्म विभिन्न मिथकों को चुनौती देती है।
- निर्देशक आशीष मॉल का मानना है कि कुछ कहानियां खुद को बताती हैं।
- फिल्म की टैगलाइन ‘ना रुके, ना थके, ना झुके’ है।
- फिल्म 19 फरवरी 2026 को रिलीज होगी।
मुंबई, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर आधारित आगामी फिल्म 'शतक' का ट्रेलर शुक्रवार को मुंबई में प्रस्तुत किया गया। यह ट्रेलर आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक और अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल के सदस्य डॉ. मनमोहन जी द्वारा कई विशिष्ट मेहमानों की उपस्थिति में जारी किया गया।
इस ट्रेलर में आरएसएस से जुड़े पुराने मिथकों और गलतफहमियों को चुनौती दी गई है। फिल्म में इतिहास के ऐसे कई पहलुओं को दर्शाया गया है, जिन पर पहले कभी बात नहीं की गई।
ट्रेलर में आरएसएस पर लगाए गए विभिन्न प्रतिबंध, स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका और आपातकाल जैसे महत्वपूर्ण लेकिन संवेदनशील विषयों को उजागर किया गया है।
डॉ. मनमोहन जी ने कहा, "यह एक बड़ी खुशी की बात है कि फिल्म 'शतक' के जरिए संघ से जुड़ी जानकारी समाज तक इस प्रभावशाली माध्यम से पहुंचेगी। एक सामाजिक चिंतक ने कहा था कि 1875 से 1950 तक भारत में जितने आंदोलन हुए, उनमें केवल आरएसएस ही ऐसा संगठन है जो कभी नहीं टूटा और लगातार आगे बढ़ता रहा। यही निरंतरता, विस्तार और प्रासंगिकता इसकी सबसे बड़ी ताकत है। फिल्म की टैगलाइन ‘ना रुके, ना थके, ना झुके’ इसी भावना को दर्शाती है।"
निर्देशक आशीष मॉल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "यह फिल्म मेरे लिए बहुत व्यक्तिगत है। मेरा मानना है कि कुछ कहानियां आपको चुनती हैं और 'शतक' ने मुझे चुना। लंबे शोध के दौरान मुझे आरएसएस के कई नए पहलू पता चले। समाज में इसको लेकर गलतफहमियां और अफवाहें फैली हुई हैं। उन्हें ईमानदारी से सामने लाना आवश्यक था।"
निर्माता वीर कपूर ने भी फिल्म को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "रचनाकार और विचारक हमेशा रहे हैं, और आगे भी रहेंगे। हमारे लेखकों ने किताबों और साहित्य के आधार पर कहानी विकसित की। इन विचारों को मोतियों की तरह पिरोकर सिनेमा का रूप दिया गया है। यह फिल्म उसी सामूहिक प्रयास का परिणाम है।"
यह फिल्म 19 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है।