फिरोजाबाद हाईवे पर कार पलटी, न्यायिक मजिस्ट्रेट सोनम चतुर्वेदी की मौके पर मौत
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में 4 नवंबर 2026 (बुधवार) को एक दर्दनाक सड़क हादसे में न्यायिक मजिस्ट्रेट सोनम चतुर्वेदी की मौके पर ही मौत हो गई, जब उनकी कार मक्खनपुर थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे पर दूसरे वाहन से टकराकर पलट गई। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की जाँच शुरू कर दी है।
हादसे का घटनाक्रम
न्यायिक मजिस्ट्रेट सोनम चतुर्वेदी अपनी स्विफ्ट डिज़ायर कार स्वयं चला रही थीं, जब मक्खनपुर थाना क्षेत्र स्थित नेशनल हाईवे पर दो कारों के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद स्विफ्ट डिज़ायर अनियंत्रित होकर पलट गई।
हादसे में सोनम चतुर्वेदी के सिर में गंभीर चोटें आईं और उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। सूचना मिलते ही मक्खनपुर पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
कौन थीं सोनम चतुर्वेदी
न्यायिक मजिस्ट्रेट सोनम चतुर्वेदी मूलतः आगरा के मैनपुरी जिले के चंदीकरा गाँव की रहने वाली थीं। वह वर्तमान में फिरोजाबाद में न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात थीं। उनकी असामयिक मृत्यु ने न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में शोक की लहर दौड़ा दी है।
छत्तीसगढ़ में भी बुधवार को हादसा
इसी दिन छत्तीसगढ़ के कोरबा में भी एक अलग सड़क दुर्घटना सामने आई। कुसमुंडा के गेवरा-टीपर मार्ग पर सुबह एक स्कूटी और बाइक के बीच भिड़ंत हुई, जिसके बाद दोनों वाहन सवार एक ट्रेलर की चपेट में आ गए। बाइक सवार युवक ट्रेलर के पहियों के नीचे आ गया, जबकि स्कूटी सवार युवती की भी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
गौरतलब है कि रेलवे अंडरब्रिज मरम्मत के लिए बंद होने के कारण भारी वाहनों का दबाव इस टीपर मार्ग पर बढ़ गया था, जिससे इस वैकल्पिक रास्ते पर यातायात असामान्य रूप से अधिक था। हादसे के बाद वैकल्पिक मार्ग पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने पर सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस जाँच जारी
कुसमुंडा पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पहचान की प्रक्रिया शुरू की। फिरोजाबाद में भी पुलिस ने हाईवे दुर्घटना की परिस्थितियों की जाँच शुरू कर दी है। दोनों मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के हाईवे पर सड़क सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंताएँ जताई जाती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैकल्पिक मार्गों पर अतिरिक्त यातायात के दौरान सुरक्षा इंतज़ाम पुख्ता करना आवश्यक है।