नदिया में दर्दनाक हादसा: अंतिम संस्कार से लौटते चार युवकों पर गिरी दीवार, सभी की मौत
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में 31 जुलाई 2026 की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जो एक अंतिम संस्कार में शामिल होकर घर लौट रहे थे। पुलिस के अनुसार, बाइक का नियंत्रण खोने से वह एक पुरानी इमारत की दीवार से टकराई और दीवार ढहने से चारों उसके नीचे दब गए।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
पुलिस ने बताया कि चारों युवक एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर रानाघाट पुलिस स्टेशन क्षेत्र के साहेब डांगा इलाके से गुज़र रहे थे। चालक का अचानक नियंत्रण खो गया और बाइक सड़क किनारे बने एक जर्जर मकान की दीवार से जा भिड़ी। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पुरानी दीवार तत्काल ढह गई और चारों युवक उसके मलबे में दब गए।
दो युवकों की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि शेष दो को गंभीर हालत में रानाघाट सब-डिविजनल अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पीड़ित और उनकी पहचान
मृतकों की पहचान सौमेन हलदर, प्रताप प्रमाणिक, अजीत विश्वास और सबुज विश्वास के रूप में हुई है। चारों रानाघाट के मुसुंडा इलाके के निवासी थे।
यह ऐसे समय में आया है जब वे इलाके की एक बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रहे थे। बुधवार को उस महिला का निधन हुआ था, जिसके बाद उनके परिजन भागीरथी नदी के तट पर स्थित बालागढ़ श्मशान घाट पर अंतिम क्रिया के लिए गए थे।
पुलिस की कार्रवाई और जाँच
सूचना मिलते ही रानाघाट पुलिस स्टेशन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे। शवों को मलबे से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस अब यह जाँच कर रही है कि मोटरसाइकिल का नियंत्रण किन परिस्थितियों में खोया — क्या कोई यांत्रिक खराबी थी, अत्यधिक गति थी, या कोई अन्य कारण।
गौरतलब है कि एक ही मोटरसाइकिल पर चार सवार होना यातायात नियमों का उल्लंघन है, जो इस हादसे की एक संभावित वजह हो सकती है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
हादसे की जानकारी मिलने पर जिला भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष अपर्णा नंदी और अन्य स्थानीय BJP नेताओं ने अस्पताल पहुँचकर शोकाकुल परिवारों से मुलाकात की और सांत्वना दी। नेताओं ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन भी दिया।
आगे क्या होगा
पुलिस की जाँच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि दुर्घटना के लिए कौन-से कारक जिम्मेदार थे। परिवारों ने शवों को पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह हादसा एक बार फिर ओवरलोडेड दोपहिया वाहनों के खतरे और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी को उजागर करता है।