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फ्रांस ने इजरायली मंत्री इतामार बेन-गवीर पर लगाया प्रवेश प्रतिबंध, गाजा फ्लोटिला विवाद में बड़ा कदम

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फ्रांस ने इजरायली मंत्री इतामार बेन-गवीर पर लगाया प्रवेश प्रतिबंध, गाजा फ्लोटिला विवाद में बड़ा कदम

सारांश

फ्रांस ने इजरायल के मंत्री बेन-गवीर पर प्रवेश प्रतिबंध लगाकर एक स्पष्ट कूटनीतिक संदेश दिया है। गाजा-गामी फ्लोटिला के 428 कार्यकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में रोककर अशदोद ले जाने और हथकड़ी वाले वीडियो के बाद यूरोप में इजरायल के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो ने इजरायली मंत्री इतामार बेन-गवीर पर तत्काल प्रभाव से फ्रांस में प्रवेश प्रतिबंध लगाया।
इजरायली नौसेना ने 'ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला' को गाजा तट से 250 समुद्री मील दूर अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में रोका; 428 कार्यकर्ताओं को अशदोद बंदरगाह लाया गया।
बेन-गवीर द्वारा साझा वीडियो में कार्यकर्ताओं को ज़िप टाई से बंधे और घुटनों के बल बैठे दिखाया गया, पृष्ठभूमि में इजरायली राष्ट्रगान बज रहा था।
फ्रांस ने इजरायल में अपने राजदूत जोशुआ एल.
ज़ार्का को तलब करने की घोषणा की।
दक्षिण कोरियाई कार्यकर्ता किम आह-ह्युन और किम डोंग-ह्योन को इजरायल ने बाद में रिहा किया।
फ्रांस ने यूरोपीय संघ से भी बेन-गवीर पर प्रतिबंध लगाने की अपील की।

फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो ने 24 मई 2025 को घोषणा की कि इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर पर तत्काल प्रभाव से फ्रांस में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह निर्णय गाजा-गामी 'ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला' में सवार फ्रांसीसी और यूरोपीय नागरिकों के साथ बेन-गवीर की कथित 'अस्वीकार्य' हरकतों के बाद लिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

बैरो ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'हम किसी भी हालत में यह बर्दाश्त नहीं कर सकते कि फ्रांसीसी नागरिकों को धमकाया जाए, डराया जाए या उनके साथ हिंसा की जाए — खासकर जब ऐसा किसी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति की ओर से किया गया हो।' उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ को भी बेन-गवीर पर प्रतिबंध लगाने चाहिए।

बुधवार को इजरायली नौसेना ने 428 कार्यकर्ताओं को लेकर जा रहे फ्लोटिला को गाजा तट से लगभग 250 समुद्री मील दूर अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में रोक लिया। आयोजकों के अनुसार, सोमवार सुबह से शुरू हुई इस कार्रवाई में सभी जहाजों को अशदोद बंदरगाह पर लाया गया।

वीडियो विवाद और बेन-गवीर की भूमिका

इसी दौरान बेन-गवीर ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें दर्जनों कार्यकर्ता जमीन पर घुटनों के बल बैठे दिखाई देते हैं — उनके सिर नीचे झुके हुए और हाथ पीछे ज़िप टाई से बंधे हुए थे। वीडियो में तेज आवाज में इजरायल का राष्ट्रीय गान बजाया जा रहा था। यह दृश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी आलोचना का कारण बना।

दक्षिण कोरियाई कार्यकर्ताओं पर भी असर

इस हफ्ते की शुरुआत में इजरायली बलों ने दो अन्य मानवीय सहायता फ्लोटिला को भी रोका था। 'लीना अल नबुलसी' नामक जहाज, जिसमें दक्षिण कोरियाई कार्यकर्ता किम आह-ह्युन और कोरियाई-अमेरिकी कार्यकर्ता जोनाथन विक्टर ली सवार थे, तथा 'क्युरियाकोस एक्स' नामक फ्लोटिला, जिसमें दक्षिण कोरियाई कार्यकर्ता किम डोंग-ह्योन थे — दोनों को रोक लिया गया। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने बाद में पुष्टि की कि किम आह-ह्युन और किम डोंग-ह्योन को इजरायल ने रिहा कर दिया।

फ्रांस की कूटनीतिक प्रतिक्रिया

बैरो ने बुधवार को ही फ्लोटिला कार्यकर्ताओं के साथ हुए व्यवहार की निंदा की थी और इसे 'अस्वीकार्य' करार दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि इजरायल में फ्रांस के राजदूत जोशुआ एल. ज़ार्का को तलब किया जाएगा। यह कदम दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव में उल्लेखनीय वृद्धि का संकेत देता है।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब गाजा में मानवीय संकट को लेकर यूरोपीय देशों और इजरायल के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है। फ्रांस के यूरोपीय संघ से प्रतिबंध लगाने की अपील को यदि समर्थन मिलता है, तो यह इजरायल के लिए व्यापक कूटनीतिक अलगाव का कारण बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यूरोपीय देशों का उन्हें निशाना बनाना नेतन्याहू सरकार के भीतर दरारों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उजागर करता है। असली सवाल यह है कि क्या यूरोपीय संघ फ्रांस की अपील पर एकजुट होगा — क्योंकि बिना सामूहिक यूरोपीय दबाव के, यह प्रतिबंध प्रतीकात्मक ही रहेगा। गाजा संकट में मानवीय पहुँच का मुद्दा अब सीधे यूरोप-इजरायल संबंधों की धुरी बन चुका है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फ्रांस ने इतामार बेन-गवीर पर प्रतिबंध क्यों लगाया?
फ्रांस ने इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर पर प्रवेश प्रतिबंध इसलिए लगाया क्योंकि उन्होंने गाजा-गामी 'ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला' में सवार फ्रांसीसी और यूरोपीय नागरिकों के साथ कथित तौर पर 'अस्वीकार्य' व्यवहार किया। विदेश मंत्री बैरो ने कहा कि फ्रांसीसी नागरिकों को धमकाना या उनके साथ हिंसा करना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गाजा फ्लोटिला क्या है और इसे क्यों रोका गया?
'ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला' गाजा पट्टी में मानवीय सहायता पहुँचाने के उद्देश्य से रवाना हुआ एक जहाज़ी काफिला था, जिसमें 428 कार्यकर्ता सवार थे। इजरायली नौसेना ने इसे गाजा तट से लगभग 250 समुद्री मील दूर अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में रोककर अशदोद बंदरगाह पर लाया।
बेन-गवीर के वीडियो में क्या था जिसने विवाद खड़ा किया?
बेन-गवीर ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया जिसमें दर्जनों कार्यकर्ता घुटनों के बल जमीन पर बैठे हैं, उनके हाथ ज़िप टाई से बंधे हैं और सिर नीचे झुके हैं। पृष्ठभूमि में तेज आवाज में इजरायल का राष्ट्रगान बजाया जा रहा था, जिसे फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों ने अपमानजनक और अस्वीकार्य बताया।
दक्षिण कोरियाई कार्यकर्ताओं का क्या हुआ?
इजरायली बलों ने दो अन्य फ्लोटिला — 'लीना अल नबुलसी' और 'क्युरियाकोस एक्स' — को भी रोका था, जिनमें दक्षिण कोरियाई कार्यकर्ता किम आह-ह्युन, किम डोंग-ह्योन और कोरियाई-अमेरिकी जोनाथन विक्टर ली सवार थे। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने पुष्टि की कि किम आह-ह्युन और किम डोंग-ह्योन को बाद में रिहा कर दिया गया।
क्या यूरोपीय संघ भी बेन-गवीर पर प्रतिबंध लगाएगा?
फ्रांस के विदेश मंत्री बैरो ने यूरोपीय संघ से भी बेन-गवीर पर प्रतिबंध लगाने की अपील की है, लेकिन अभी तक EU की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय नहीं आया है। EU में किसी सदस्य देश के मंत्री पर सामूहिक प्रतिबंध के लिए सदस्य देशों की सहमति आवश्यक होती है।
राष्ट्र प्रेस
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