8 जुलाई 2026
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गढ़चिरौली में माओवादियों की गुप्त हथियार फैक्ट्री ध्वस्त, लेथ मशीन-जनरेटर समेत भारी सामग्री बरामद

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गढ़चिरौली में माओवादियों की गुप्त हथियार फैक्ट्री ध्वस्त, लेथ मशीन-जनरेटर समेत भारी सामग्री बरामद

सारांश

गढ़चिरौली के घने जंगलों में जमीन के नीचे छिपी माओवादियों की भूमिगत हथियार फैक्ट्री ध्वस्त — लेथ मशीन से लेकर सोलर पैनल तक का पूरा सेटअप बरामद। 'ऑपरेशन अंतिम प्रहार' के तहत आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों की जानकारी पर आधारित यह कार्रवाई नक्सल नेटवर्क की आत्मनिर्भर हथियार क्षमता पर सीधा प्रहार है।

मुख्य बातें

गढ़चिरौली पुलिस ने 23 मई को पोमके–बिनागुंडा के जंगलों में माओवादियों की भूमिगत हथियार निर्माण सामग्री बरामद कर नष्ट की।
बरामदगी में लेथ मशीन , जनरेटर , इन्वर्टर , सोलर पैनल , ड्रिलिंग मशीन , ग्राइंडिंग मशीन , 12 बोर पाइप और बीजीएल पाइप सहित भारी तकनीकी उपकरण शामिल।
कार्रवाई 'ऑपरेशन अंतिम प्रहार' के तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली गोपनीय जानकारी पर आधारित थी।
बड़ी मात्रा में माओवादी साहित्य भी बरामद कर मौके पर ही नष्ट किया गया।
अभियान पुलिस अधीक्षक एम.
रमेश के नेतृत्व में संचालित; उन्होंने माओवाद विरोधी अभियान जारी रखने की बात कही।

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में 23 मई को सुरक्षा बलों ने पोमके–बिनागुंडा क्षेत्र के घने जंगलों में जमीन के नीचे छिपाई गई माओवादियों की कथित गुप्त हथियार निर्माण सामग्री बरामद कर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई 'ऑपरेशन अंतिम प्रहार' के तहत आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली गोपनीय जानकारी के आधार पर की गई, और अधिकारियों के अनुसार इसे माओवादी नेटवर्क की हथियार निर्माण क्षमता पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

कैसे मिली जानकारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में 'ऑपरेशन अंतिम प्रहार' के तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि संगठन जंगल क्षेत्रों में भूमिगत तरीके से हथियार बनाने और विस्फोटक सामग्री छिपाने का काम करता था। कथित तौर पर इन सामग्रियों का उपयोग नक्सल सप्ताह, चुनाव और अन्य संवेदनशील अवसरों पर सुरक्षाबलों पर हमले करने के लिए किया जाता था।

सर्च ऑपरेशन और बरामदगी

सूचना मिलते ही गढ़चिरौली पुलिस ने पोमके–बिनागुंडा के जंगलों में विशेष सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटों तक चले इस अभियान में सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर संदिग्ध स्थानों की गहन तलाशी ली। जवानों को जमीन के भीतर छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में तकनीकी और हथियार निर्माण से जुड़ी सामग्री मिली।

बरामद सामान में लेथ मशीन, 12 बोर पाइप, बीजीएल पाइप, इन्वर्टर, जनरेटर, बैटरी, ग्राइंडिंग मशीन, ड्रिलिंग मशीन, जिग सॉ मशीन, प्रेशर पंप, सोलर पैनल और अन्य उपकरण शामिल हैं। इसके साथ ही जमीन के नीचे दबाकर रखा गया बड़ी मात्रा में माओवादी साहित्य भी बरामद किया गया, जिसे बाद में नष्ट कर दिया गया।

मौके पर ही नष्ट की गई सामग्री

सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने बरामद सामग्री को घटनास्थल पर ही नष्ट कर दिया। गौरतलब है कि इस तरह की भूमिगत हथियार फैक्ट्रियाँ माओवादी संगठन की आत्मनिर्भर रणनीति का हिस्सा मानी जाती हैं, जिससे वे बाहरी आपूर्ति पर निर्भर हुए बिना हथियार तैयार कर सकते हैं।

पुलिस अधीक्षक का बयान

यह पूरा अभियान गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। उन्होंने अभियान में शामिल जवानों की सराहना करते हुए कहा कि जिले में माओवाद के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से माओवादियों की हथियार निर्माण क्षमता को गंभीर नुकसान पहुँचा है।

आगे की रणनीति

पुलिस का स्पष्ट लक्ष्य गढ़चिरौली के जंगलों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को पूरी तरह निष्क्रिय करना और क्षेत्र में स्थायी शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र सरकार और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियाँ वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में समन्वित अभियान तेज कर रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन साथ ही यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि जंगल में अभी और कितने ऐसे ठिकाने सक्रिय हो सकते हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गढ़चिरौली में माओवादियों की हथियार फैक्ट्री कहाँ मिली?
यह भूमिगत हथियार निर्माण सामग्री महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के पोमके–बिनागुंडा क्षेत्र के घने जंगलों में जमीन के नीचे छिपाकर रखी गई थी। 23 मई को सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान इसे बरामद कर मौके पर ही नष्ट किया।
'ऑपरेशन अंतिम प्रहार' क्या है?
'ऑपरेशन अंतिम प्रहार' गढ़चिरौली पुलिस का माओवाद विरोधी अभियान है, जिसके तहत माओवादियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसी अभियान के तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों की पूछताछ से इस भूमिगत फैक्ट्री की जानकारी मिली थी।
बरामद सामग्री में क्या-क्या शामिल था?
बरामद सामान में लेथ मशीन, 12 बोर पाइप, बीजीएल पाइप, इन्वर्टर, जनरेटर, बैटरी, ग्राइंडिंग मशीन, ड्रिलिंग मशीन, जिग सॉ मशीन, प्रेशर पंप, सोलर पैनल और बड़ी मात्रा में माओवादी साहित्य शामिल था। पुलिस के अनुसार इन उपकरणों का उपयोग हथियार निर्माण के लिए किया जाता था।
इस हथियार सामग्री का उपयोग माओवादी किस लिए करते थे?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन मशीनों और सामग्री का उपयोग हथियार बनाने और माओवादी गतिविधियाँ संचालित करने के लिए किया जाता था। कथित तौर पर इन हथियारों का इस्तेमाल नक्सल सप्ताह, चुनाव और अन्य संवेदनशील अवसरों पर सुरक्षाबलों पर हमले करने के लिए होता था।
इस अभियान का नेतृत्व किसने किया?
यह पूरा अभियान गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में चलाया गया। उन्होंने जवानों की सराहना करते हुए कहा कि जिले में माओवाद के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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