राइजिंग बिहार समिट 2026: गडकरी बोले — उद्योग, नवाचार और कनेक्टिविटी से बदलेगी बिहार की तस्वीर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 1 अक्टूबर 2026 को पटना में आयोजित 'राइजिंग बिहार इन्वेस्टर समिट 2026 : भारत का उभरता निवेश केंद्र' को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में उद्योग, उद्यम और नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढाँचे के विस्तार, बेहतर कनेक्टिविटी, कुशल मानव संसाधन और मज़बूत निवेश पारिस्थितिकी तंत्र के बल पर राज्य में विकास की नई राहें खुल रही हैं।
उद्योग और रोजगार: आर्थिक बदलाव की बुनियाद
गडकरी ने कहा कि किसी भी राज्य के आर्थिक विकास के लिए उद्योग और व्यवसाय की केंद्रीय भूमिका होती है। उनके अनुसार, पानी, बिजली, परिवहन और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ होने से पूँजी निवेश आकर्षित होता है और रोज़गार के अवसर स्वतः बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि रोज़गार सृजन के ज़रिए गरीबी और आर्थिक पिछड़ेपन को दूर करने में स्थायी बदलाव लाया जा सकता है।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार देश के उन राज्यों में शुमार है जहाँ बेरोज़गारी दर राष्ट्रीय औसत से अधिक रही है और प्रवासी श्रमिकों की संख्या लगातार चर्चा में रहती है। इस संदर्भ में गडकरी का यह बयान निवेशकों को एक स्पष्ट संदेश देता है।
'नॉलेज टू वेल्थ' और 'वेस्ट टू वेल्थ' की अवधारणा
केंद्रीय मंत्री ने बिहार की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और ज्ञान की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे नई अर्थव्यवस्था से जोड़ने की ज़रूरत है। उन्होंने 'नॉलेज टू वेल्थ' और 'वेस्ट टू वेल्थ' की अवधारणाओं पर ज़ोर दिया — अर्थात् नवाचार, उद्यमिता, विज्ञान, तकनीक और शोध को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।
गडकरी ने कचरा प्रबंधन को भी नई अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उनके अनुसार, ठोस और तरल कचरे को संसाधन में बदलकर ऊर्जा उत्पादन और रोज़गार — दोनों हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने बायो-सीएनजी, एथेनॉल और अन्य वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने की वकालत करते हुए कहा कि किसानों को केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि ऊर्जा और ईंधन दाता के रूप में भी देखा जाना चाहिए।
बाढ़ और नदी प्रबंधन: स्थायी समाधान पर ज़ोर
गडकरी ने बिहार की बाढ़ समस्या का स्थायी समाधान निकालने की ज़रूरत पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि नदियों के बेहतर प्रबंधन, जल संरक्षण, ड्रेजिंग और एक नदी बेसिन से दूसरे तक जल पहुँचाने की योजनाओं पर गंभीरता से काम होना चाहिए। गौरतलब है कि बिहार हर वर्ष बाढ़ से भारी नुकसान उठाता है, जिससे उद्योग और कृषि — दोनों क्षेत्र प्रभावित होते हैं। मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से बिहार में नदी ड्रेजिंग के लिए सहयोग की पेशकश भी की।
सड़क, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार की सड़क और परिवहन कनेक्टिविटी में लगातार सुधार हो रहा है। नए राजमार्गों, ग्रीनफील्ड परियोजनाओं और कॉरिडोर के विकास से राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन सुगम होगा और उद्योगों को बाज़ार तक पहुँचने में आसानी मिलेगी। उन्होंने पटना में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए लॉजिस्टिक्स हब, गोदाम और थोक बाज़ारों को शहर के बाहरी क्षेत्रों में विकसित करने का सुझाव दिया।
गडकरी ने मखाना, हस्तशिल्प, वस्त्र और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उनके अनुसार, बिहार में श्रम, जल और भूमि जैसे संसाधन पर्याप्त हैं — बस ज़रूरत है बेहतर नीति, पारदर्शिता, समयबद्ध कार्यप्रणाली और मज़बूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की। उन्होंने विश्वास जताया कि एक समृद्ध और रोज़गारयुक्त बिहार 'राइजिंग बिहार' की संकल्पना को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।