दौसा बस हादसे के बाद नितिन गडकरी बुधवार को करेंगे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बुधवार, 7 जुलाई को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। यह दौरा राजस्थान के दौसा जिले में 1 जुलाई को हुई उस दर्दनाक दुर्घटना के मद्देनज़र हो रहा है, जिसमें एक प्राइवेट स्लीपर बस और मल्टी-एक्सल ट्रेलर ट्रक की भीषण टक्कर के बाद लगी आग में 8 लोगों की मौत हो गई थी और 28 अन्य घायल हो गए थे।
निरीक्षण का मार्ग और कार्यक्रम
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकारियों के अनुसार, गडकरी दिल्ली से सड़क मार्ग से यात्रा शुरू करेंगे और एक्सप्रेसवे के रास्ते कोटा-रतलाम की दिशा में आगे बढ़ेंगे। अधिकारियों के अनुसार वे बुधवार दोपहर करीब 2 बजे दौसा जिले से गुजरने की संभावना है, जहाँ वे हादसे वाली जगह का दौरा कर सकते हैं।
निरीक्षण में एक्सप्रेसवे की भौतिक स्थिति, रखरखाव कार्य, चल रहे निर्माण, सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर और कोटा की मुकुंदरा पहाड़ियों में स्थित दारा टनल में की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा शामिल होगी। यह दौरा मध्य प्रदेश और गुजरात में एक्सप्रेसवे के हिस्सों तक भी विस्तारित रहेगा।
दौसा हादसे का घटनाक्रम
पुलिस की तकनीकी रिपोर्ट के मुताबिक, यह दुर्घटना 1 जुलाई की तड़के करीब 2:50 बजे हुई। हरिद्वार से इंदौर जा रही एक एयर-कंडीशंड स्लीपर बस उसी दिशा में चल रहे एक ट्रक से पीछे से टकरा गई। टक्कर के बाद बचे हुए यात्रियों के अनुसार जोरदार धमाका हुआ और कुछ ही पलों में बस आग की लपटों में घिर गई।
इस भीषण आग में 6 यात्री जिंदा जल गए, जिनकी पहचान करना भी दुरूह हो गया। 2 अन्य यात्रियों की बाद में सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मौत हो गई। मृतकों में अधिकांश मध्य प्रदेश के निवासी थे।
सुरक्षा चिंताएँ और प्रशासनिक तैयारी
इस हादसे ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हाईवे सुरक्षा, वाहनों की निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र (Emergency Response System) को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गडकरी के दौरे की घोषणा के बाद NHAI के अधिकारियों और संबंधित विभागों ने तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा शुरू कर दी है।
यह ऐसे समय में आया है जब एक्सप्रेसवे पर रात के समय वाहन चालन और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा मानकों पर बहस तेज़ हो गई है।
आगे क्या होगा
गडकरी के निरीक्षण के बाद एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा उपायों को और सुदृढ़ किए जाने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार मंत्री इस दौरे में एक्सप्रेसवे प्रबंधन से सीधे जवाब माँग सकते हैं और आवश्यक सुधारों के निर्देश दे सकते हैं।