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गंडक नदी में उफान: वाल्मीकिनगर बराज पर शाम तक 5 लाख क्यूसेक जलस्राव की आशंका

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गंडक नदी में उफान: वाल्मीकिनगर बराज पर शाम तक 5 लाख क्यूसेक जलस्राव की आशंका

सारांश

वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक नदी का जलस्राव रविवार सुबह 4.16 लाख क्यूसेक दर्ज हुआ और शाम तक 5 लाख क्यूसेक पहुँचने की आशंका है। नेपाल में असामान्य बारिश वजह है, लेकिन गंगा का जलस्तर कम रहने से निकासी सुचारू है और बड़ी बाढ़ का खतरा फिलहाल कम बताया गया है।

मुख्य बातें

वाल्मीकिनगर बराज पर 27 सितंबर 2026 की सुबह 10 बजे गंडक नदी में 4.16 लाख क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया।
नेपाल के देवघाट में उच्चतम जलस्तर के प्रभाव से शाम तक 5 लाख क्यूसेक जलस्राव पहुँचने की संभावना।
नेपाल के गंडक जल अधिग्रहण क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में सामान्य से अधिक बारिश उफान की प्रमुख वजह।
गंगा नदी का जलस्तर कम रहने से गंडक का पानी सुचारू रूप से निकल रहा है — व्यापक बाढ़ की आशंका फिलहाल कम।
जल संसाधन विभाग ने संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता और निरंतर निगरानी के निर्देश दिए; जनता से अनावश्यक घबराहट न फैलाने की अपील।

बिहार के वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक नदी का जलस्राव तेज़ी से बढ़ रहा है। जल संसाधन विभाग, बिहार ने रविवार, 27 सितंबर 2026 को जारी अपडेट में बताया कि पूर्वाह्न 10 बजे गंडक में 4.16 लाख क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया और इसके शाम तक लगभग 5 लाख क्यूसेक तक पहुँचने की संभावना है। नेपाल के गंडक जल अधिग्रहण क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में सामान्य से अधिक वर्षा इस उफान की प्रमुख वजह बताई गई है।

जलस्राव क्यों बढ़ा

नेपाल के देवघाट में दर्ज उच्चतम जलस्तर का सीधा प्रभाव वाल्मीकिनगर बराज पर पड़ रहा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, नेपाल के गंडक जल अधिग्रहण क्षेत्र में असामान्य बारिश के कारण नदी में पानी की आवक लगातार बढ़ी है। यही कारण है कि जलस्राव की प्रवृत्ति ऊर्ध्वमुखी बनी हुई है।

गौरतलब है कि गंडक नदी प्रति वर्ष मानसून के दौरान नेपाल की पहाड़ियों से भारी जलराशि लेकर आती है और पश्चिम चंपारण सहित बिहार के कई जिलों में बाढ़ का कारण बनती है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की विदाई होने लगी है, फिर भी नेपाल में बारिश जारी है।

स्थिति कितनी गंभीर

जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और व्यापक स्तर पर जलजमाव या बाढ़ की संभावना कम है। इसका प्रमुख कारण गंगा नदी का जलस्तर कम होना है — गंगा में जगह होने से गंडक का पानी सुचारू रूप से निकल रहा है।

विभाग के अनुसार, पानी की निकासी की स्थिति अभी अनुकूल बनी हुई है। इस कारण नदी के आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जलजमाव की आशंका फिलहाल कम आंकी जा रही है। हालाँकि, जलस्राव की रफ़्तार पर विभाग की पैनी नज़र है।

प्रशासन की तैयारी

जल संसाधन विभाग ने संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने और लगातार निगरानी करने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों और संबंधित तंत्र को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है। नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में दर्ज बारिश और जलस्तर के आधार पर बराज पर आने वाले पानी की निगरानी जारी है।

कई इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। विभाग ने जनता से अपील की है कि अनावश्यक रूप से घबराएँ नहीं, क्योंकि प्रशासनिक और विभागीय स्तर पर सक्रिय निगरानी जारी है।

आगे क्या होगा

जल संसाधन विभाग ने कहा कि जलस्राव में होने वाले बदलाव के आधार पर आगे ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे। यदि 5 लाख क्यूसेक का जलस्राव शाम तक दर्ज होता है, तो अधिकारी स्थिति का पुनर्मूल्यांकन करेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, गंगा का जलस्तर स्थिर या कम रहना इस संकट का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है — यदि गंगा में जलस्तर बढ़ा, तो गंडक की निकासी बाधित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गंगा के जलस्तर पर पूरी निर्भरता एक कमज़ोर कड़ी है — अगर अगले 24-48 घंटों में गंगा में भी पानी बढ़ा, तो निकासी बाधित हो सकती है। असली सवाल यह है कि वाल्मीकिनगर बराज पर अर्ली वार्निंग सिस्टम कितना चुस्त है और निचले इलाकों के लोगों तक समय पर सूचना पहुँचती है या नहीं — क्योंकि बाढ़ प्रबंधन में अक्सर अंतिम मील की खामी सबसे महंगी पड़ती है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक नदी का जलस्राव कितना बढ़ा है?
27 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक नदी में 4.16 लाख क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया। जल संसाधन विभाग के अनुसार, शाम तक यह आँकड़ा लगभग 5 लाख क्यूसेक तक पहुँचने की संभावना है।
गंडक नदी में अचानक पानी क्यों बढ़ा?
नेपाल के गंडक जल अधिग्रहण क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इसके अतिरिक्त, नेपाल के देवघाट में दर्ज उच्चतम जलस्तर का सीधा प्रभाव वाल्मीकिनगर बराज पर पड़ रहा है।
क्या बिहार में गंडक नदी से बाढ़ का खतरा है?
जल संसाधन विभाग के अनुसार, फिलहाल व्यापक स्तर पर बाढ़ या जलजमाव की संभावना कम है। गंगा नदी का जलस्तर कम रहने से गंडक का पानी सुचारू रूप से निकल रहा है, जिससे स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
बिहार सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
जल संसाधन विभाग ने संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने और लगातार निगरानी के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है और कई इलाकों में लोगों को सतर्क रखा गया है।
गंडक और गंगा नदी का जलस्तर आपस में कैसे जुड़ा है?
गंगा नदी में गंडक का पानी मिलता है। जब गंगा का जलस्तर कम होता है, तो गंडक का पानी तेज़ी से गंगा में समाहित हो जाता है और निचले इलाकों में जलजमाव कम होता है। अगर गंगा का जलस्तर बढ़ता है, तो गंडक की निकासी बाधित हो सकती है और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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