8 अक्टूबर 2026
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पंजाब में 'गुंडा राज': भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया का AAP सरकार पर नामांकन बाधा का आरोप

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पंजाब में 'गुंडा राज': भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया का AAP सरकार पर नामांकन बाधा का आरोप

सारांश

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने AAP की पंजाब सरकार पर नामांकन प्रक्रिया में बाधा, हाईकोर्ट के वीडियोग्राफी आदेश की कथित अवमानना और उम्मीदवारों के साथ मारपीट के गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि पंजाब में 'स्वराज' का वादा 'गुंडा राज' में बदल गया है।

मुख्य बातें

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर AAP की पंजाब सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
कथित तौर पर उम्मीदवारों के नामांकन पत्र छीने गए, फाड़े गए और उनके साथ मारपीट की गई।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने के आदेश का कथित तौर पर पालन नहीं किया गया।
सर्वोच्च न्यायालय में पंजाब सरकार के वकील ने आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज नहीं किया, ऐसा भाटिया ने दावा किया।
जाँच समिति की रिपोर्ट में भी नामांकन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर बाधा डाले जाने का उल्लेख बताया गया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमज़ोर करने और सरकारी तंत्र के कथित दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए। भाटिया ने कहा कि पंजाब में अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने 'स्वराज' के वादे को 'गुंडा राज' में बदल दिया है।

नामांकन प्रक्रिया में बाधा के आरोप

भाटिया ने आरोप लगाया कि जब उम्मीदवार नामांकन दाखिल करने पहुँचे, तो उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की गई, उनके कपड़े फाड़े गए और उन्हें नामांकन पत्र जमा करने से रोका गया। उनके अनुसार, कुछ उम्मीदवारों के नामांकन पत्र छीने गए, फाड़े गए या नष्ट कर दिए गए। कई उम्मीदवारों के साथ कथित मारपीट की गई, उन्हें हिरासत में लिया गया और धमकाया गया।

भाजपा नेता का कहना है कि जाँच समिति की रिपोर्ट में भी नामांकन प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर बाधा डाले जाने की पुष्टि हुई है। उन्होंने इसे विपक्षी और निर्दलीय उम्मीदवारों के लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।

हाईकोर्ट आदेश की अनदेखी का दावा

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया — नामांकन, स्क्रूटनी और नाम वापस लेने की प्रक्रिया — की वीडियोग्राफी कराने का आदेश दिया था। भाटिया ने दावा किया कि इस आदेश का पालन नहीं किया गया, जो उनके अनुसार अदालत की अवमानना के दायरे में आता है।

गौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में आया है जब पंजाब में स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया चल रही है और विपक्षी दलों ने कई ज़िलों में अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई है।

सुप्रीम कोर्ट में सरकार के रुख पर सवाल

भाटिया के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय में पंजाब सरकार की ओर से पेश वकील ने इन आरोपों या चुनाव प्रक्रिया से जुड़े निष्कर्षों को स्पष्ट रूप से गलत नहीं बताया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से यह नहीं कहा गया कि प्रत्येक उम्मीदवार को नामांकन दाखिल करने का अधिकार है और सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

AAP सरकार पर संवैधानिक दायित्व की अनदेखी का इल्ज़ाम

भाजपा नेता ने कहा, 'जो खुद संविधान को कमज़ोर कर रहा है, उसके द्वारा लगाए गए इन बेबुनियाद आरोपों में कोई दम नहीं है और इनमें सबूत का एक भी अंश नहीं है।' उल्लेखनीय है कि AAP की ओर से अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

यह मामला आगामी दिनों में न्यायिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर और गहरा हो सकता है, क्योंकि भाजपा ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को सर्वोच्च न्यायालय और चुनाव आयोग के समक्ष उठाती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों मिलकर इन आरोपों को विशेष वज़न देते हैं। असली सवाल यह है कि क्या AAP सरकार न्यायिक निर्देश के बावजूद चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में विफल रही? यदि जाँच समिति की रिपोर्ट में बाधा की पुष्टि होती है, तो यह मामला राजनीतिक आरोप की सीमा पार कर संवैधानिक जवाबदेही का प्रश्न बन जाता है। AAP की ओर से अब तक कोई विस्तृत खंडन न आना इस कहानी में एक महत्वपूर्ण रिक्तता है जिसे मीडिया को भरना चाहिए।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौरव भाटिया ने AAP की पंजाब सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया है कि पंजाब में उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया, उनके पत्र छीने व फाड़े गए और उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने AAP सरकार पर 'गुंडा राज' को बढ़ावा देने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का वीडियोग्राफी आदेश क्या था?
हाईकोर्ट ने नामांकन, स्क्रूटनी और नाम वापस लेने की संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने का आदेश दिया था। भाटिया का दावा है कि इस आदेश का पालन नहीं हुआ, जो उनके अनुसार अदालत की अवमानना के दायरे में आता है।
सर्वोच्च न्यायालय में पंजाब सरकार का क्या रुख रहा?
भाटिया के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय में पंजाब सरकार के वकील ने इन आरोपों या चुनाव प्रक्रिया से जुड़े निष्कर्षों को स्पष्ट रूप से गलत नहीं बताया। सरकार की ओर से यह भी नहीं कहा गया कि हर उम्मीदवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
इस मामले में जाँच समिति की रिपोर्ट क्या कहती है?
भाटिया के अनुसार, जाँच समिति की रिपोर्ट में नामांकन प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर बाधा डाले जाने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में कथित तौर पर उम्मीदवारों के साथ मारपीट, हिरासत और धमकी की घटनाओं का उल्लेख है।
क्या AAP ने इन आरोपों का जवाब दिया है?
8 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, AAP या पंजाब सरकार की ओर से इन विशिष्ट आरोपों पर कोई आधिकारिक खंडन सामने नहीं आया है। यह मामला आगे न्यायिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर और विकसित होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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