BJP नेता गौरव भाटिया की मांग: नशे पर इंसाफ नहीं दे सकते तो CM भगवंत मान दें इस्तीफा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता गौरव भाटिया ने 21 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता के दौरान पंजाब में बढ़ती नशे की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला। भाटिया ने मांग की कि यदि मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाबियों को न्याय और नशामुक्त राज्य नहीं दे सकते, तो उन्हें तत्काल पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
नशा-मुक्त पंजाब यात्रा का आगाज़
भाटिया ने बताया कि BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पंजाब की धरती से 'नशा-मुक्त पंजाब यात्रा' का शुभारंभ किया है। यह यात्रा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों से होकर गुज़रेगी और इसके तहत करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी।
यात्रा की शुरुआत 18 सितंबर 2026 से हुई है। BJP का कहना है कि इस अभियान का मकसद पंजाब के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालना और रोजगार के नए अवसर सुनिश्चित करना है।
संगरूर में जग्गा सिंह के मामले पर गंभीर आरोप
संगरूर — जो मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला है — से जुड़े एक मामले का हवाला देते हुए भाटिया ने आरोप लगाया कि जग्गा सिंह ने नशे के कारोबार के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद कथित तौर पर उन्हें धमकाया और प्रताड़ित किया गया। भाटिया के अनुसार, जग्गा सिंह ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
भाटिया ने इस पूरे प्रकरण को सरकारी दबाव और असंवेदनशीलता का प्रतीक बताया। उनका कहना था कि शिकायतकर्ता को न्याय मिलने के बजाय उसे ही निशाना बनाया गया।
गुलजार सिंह की आत्महत्या का संदर्भ
भाटिया ने एक अन्य मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि गुलजार सिंह ने भी पंजाब में नशे की समस्या के विरुद्ध आवाज़ उठाई थी, और बाद में उन्होंने आत्महत्या कर ली। हालाँकि इन दोनों मामलों की आधिकारिक जाँच की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। भाटिया ने इन दोनों परिवारों को न्याय दिलाने की ज़िम्मेदारी सरकार की बताई।
CBI जाँच और AAP के वादों पर सवाल
BJP नेता ने माँग की कि जग्गा सिंह और गुलजार सिंह — दोनों मामलों की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP ने वादा किया था कि सरकार बनने के एक महीने के भीतर पंजाब को नशामुक्त कर दिया जाएगा और छह महीने के भीतर प्रभावित लोगों के पुनर्वास और नशा मुक्ति की व्यवस्था की जाएगी।
भाटिया के अनुसार, ये वादे पूरे नहीं हुए और आज पंजाब में स्थिति और गंभीर हो गई है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की नीतियों को नशे की समस्या के विस्तार के लिए जिम्मेदार ठहराया।
युवाओं के लिए रोजगार का संकल्प
भाटिया ने स्पष्ट किया कि पंजाब के युवा नशा नहीं, रोजगार चाहते हैं। उन्होंने कहा कि BJP पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और राज्य को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अभी से शुरू होने लगी हैं और विपक्षी दलों की सक्रियता बढ़ रही है।