5 अक्टूबर 2026
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डीए विवाद: पंजाब सरकार हाईकोर्ट को गुमराह कर रही है — BJP विधायक अश्विनी शर्मा का आरोप

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डीए विवाद: पंजाब सरकार हाईकोर्ट को गुमराह कर रही है — BJP विधायक अश्विनी शर्मा का आरोप

सारांश

पंजाब BJP विधायक अश्विनी शर्मा का बड़ा आरोप — AAP सरकार डीए मामले में हाईकोर्ट को गुमराह कर रही है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को तलब किया और अवमानना की चेतावनी दी। BJP ने 10 अक्टूबर की संगरूर कर्मचारी रैली को समर्थन दिया।

मुख्य बातें

पठानकोट विधायक अश्विनी शर्मा ने 5 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि पंजाब सरकार डीए मामले में हाईकोर्ट को गुमराह कर रही है।
हाईकोर्ट ने 3 अगस्त के डीए आदेश के अनुपालन में हलफनामा न दाखिल करने पर प्रिंसिपल सेक्रेटरी केपी सिन्हा से सीधे सवाल किए।
सरकार की SLP में कमियाँ दूर न करने पर कोर्ट ने अवमानना कार्रवाई की चेतावनी दी।
पंजाब के मुख्य सचिव को दोबारा पेश होकर जवाब दाखिल करने का निर्देश मिला।
BJP ने 10 अक्टूबर को संगरूर में होने वाली सरकारी कर्मचारी रैली का समर्थन किया।

पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व अध्यक्ष और पठानकोट से विधायक अश्विनी शर्मा ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि पंजाब सरकार महंगाई भत्ते (डीए) के मामले में उच्च न्यायालय को जानबूझकर गुमराह कर रही है और लाखों सरकारी कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि BJP 10 अक्टूबर को संगरूर में होने वाली कर्मचारी रैली का पूर्ण समर्थन करती है।

हाईकोर्ट में क्या हुआ

शर्मा ने सोमवार को हुई सुनवाई का विवरण देते हुए बताया कि उच्च न्यायालय ने पंजाब के प्रिंसिपल सेक्रेटरी केपी सिन्हा से सीधे सवाल किए। न्यायालय ने पूछा कि 3 अगस्त के उस आदेश के अनुपालन में — जिसमें 15 दिनों के भीतर डीए जारी करने का निर्देश दिया गया था — हलफनामा अब तक क्यों दाखिल नहीं किया गया।

जब सरकार ने कोर्ट को बताया कि उसने सर्वोच्च न्यायालय में एक स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) दायर की है, तो अदालत ने तीखे स्वर में पूछा कि पिटिशन में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। शर्मा के अनुसार, पिछली सुनवाई में भी सरकार को SLP की खामियाँ ठीक करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन वह इसमें नाकाम रही।

अवमानना की चेतावनी

शर्मा ने बताया कि उच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से पूछा कि सरकार के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। कोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव को दोबारा पेश होने और औपचारिक जवाब दाखिल करने का निर्देश भी दिया। इसके अलावा कोर्ट ने यह भी बताया कि उसने सर्वोच्च न्यायालय से इस मामले का पूरा रिकॉर्ड मंगाया है, जिससे सरकार की कार्रवाई की वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा।

BJP का रुख और कर्मचारी आंदोलन

पंजाब BJP ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के इस रवैये की कड़ी निंदा की है। अश्विनी शर्मा ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को उनका वाजिब बकाया देने के बजाय जानबूझकर इस मामले को अदालतों में उलझाए रखना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि ऐसी 'चालें' अब न्यायालय के सामने काम नहीं आएंगी।

गौरतलब है कि यह विवाद लाखों पंजाब सरकारी कर्मचारियों के डीए बकाए से जुड़ा है और काफी समय से अदालती संघर्ष का केंद्र बना हुआ है। कर्मचारी संगठन 10 अक्टूबर को संगरूर में एक बड़ी रैली आयोजित कर रहे हैं, जिसे BJP का खुला समर्थन मिला है।

आगे की राह

अदालत के मुख्य सचिव को फिर से तलब करने और SLP रिकॉर्ड मंगाने के फैसले से यह मामला निर्णायक मोड़ पर आता दिख रहा है। यदि सरकार अनुपालन हलफनामा और SLP सुधार में और देरी करती है, तो अवमानना कार्यवाही शुरू होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी संगरूर रैली इस मुद्दे को और व्यापक सार्वजनिक चर्चा में ला सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि AAP सरकार और पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के बीच बढ़ते अविश्वास का प्रतीक बनता जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब आम आदमी पार्टी खुद को कर्मचारी-हितैषी बताती रही है — SLP में जानबूझकर खामियाँ न सुधारना और हलफनामा न दाखिल करना इस छवि पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विपक्षी BJP इस मुद्दे को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जो स्वाभाविक है, लेकिन असली सवाल यह है कि न्यायालय की अवमानना की चेतावनी के बाद सरकार कितनी जल्दी अनुपालन सुनिश्चित करती है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब डीए विवाद क्या है?
यह मामला पंजाब सरकार द्वारा राज्य कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (डीए) के बकाए का भुगतान न करने से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने 3 अगस्त को 15 दिनों में डीए जारी करने का आदेश दिया था, जिसका सरकार ने अब तक अनुपालन नहीं किया है।
हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर की सुनवाई में क्या कहा?
कोर्ट ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी केपी सिन्हा से पूछा कि अनुपालन हलफनामा क्यों नहीं दाखिल किया गया और SLP की खामियाँ क्यों नहीं सुधारी गईं। इसके साथ ही कोर्ट ने सरकार के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने की चेतावनी भी दी।
BJP पंजाब डीए मामले में क्या रुख रखती है?
पंजाब BJP ने AAP सरकार के रवैये की कड़ी निंदा की है। BJP विधायक अश्विनी शर्मा ने सरकार पर जानबूझकर मामले को अदालतों में उलझाने का आरोप लगाया है और कर्मचारी आंदोलन के साथ एकजुटता जताई है।
संगरूर रैली कब और क्यों हो रही है?
10 अक्टूबर 2026 को संगरूर में सरकारी कर्मचारी अपने डीए बकाए की माँग को लेकर एक बड़ी रैली आयोजित कर रहे हैं। BJP ने इस रैली को अपना पूर्ण समर्थन दिया है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पंजाब के मुख्य सचिव को दोबारा अदालत में पेश होकर जवाब दाखिल करना है। कोर्ट ने सर्वोच्च न्यायालय से भी पूरा रिकॉर्ड मंगाया है; SLP में सुधार न होने पर अवमानना कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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