गयाजी मुठभेड़: ज्वेलरी लूटकांड के दो आरोपी गोली लगने से घायल, 150 ग्राम सोना बरामद
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के गयाजी जिले में सोमवार देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में गुरुआ ज्वेलरी लूटकांड के दो आरोपियों को गोली लग गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से लूट का 150 ग्राम सोने के आभूषण भी बरामद किए गए हैं।
मुठभेड़ की पृष्ठभूमि
गयाजी के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुशील कुमार ने मंगलवार को बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गुरुआ ज्वेलरी लूटकांड से जुड़े अपराधी एक निश्चित स्थान पर एकत्र होकर किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की त्वरित घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की।
मुख्य घटनाक्रम
एसएसपी के अनुसार, पुलिस ने अपराधियों को चारों ओर से घेरकर आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन अपराधियों ने भागने का प्रयास करते हुए पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी गोलीबारी की।
मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी सुजीत चौधरी और दूसरे आरोपी श्रवण कुमार के पैर में गोली लगी। दोनों घायल होकर मौके पर गिर पड़े, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। मुठभेड़ के दौरान कुछ अन्य संदिग्ध मौके से फरार होने में सफल रहे, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
बरामदगी और अस्पताल में उपचार
गिरफ्तार दोनों आरोपियों के पास से 150 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं, जिन्हें पुलिस गुरुआ ज्वेलरी लूटकांड से जोड़ती है। दोनों घायलों को इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उनका उपचार जारी है।
गुरुआ ज्वेलरी लूटकांड की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि गुरुआ थाना क्षेत्र में 27 मई को चार हथियारबंद अपराधियों ने ज्वेलरी कारोबारी प्रभाकर बरनवाल को निशाना बनाते हुए ₹40 लाख मूल्य के सोने के आभूषण और नकदी लूट ली थी। उस घटना के बाद से पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही थी। यह मुठभेड़ उसी अभियान की परिणति है।
आगे की कार्रवाई
फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। जाँच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि लूट का शेष सोना कहाँ छुपाया गया है और इस गिरोह में कितने अन्य लोग शामिल हैं।