अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर शिक्षा को लेकर उठाए गंभीर सवाल

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अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर शिक्षा को लेकर उठाए गंभीर सवाल

सारांश

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर की सुमेर लाइब्रेरी के मामले में भाजपा सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं, शिक्षण संसाधनों की देरी से जनता के भविष्य पर पड़ने वाले असर की चर्चा की है।

Key Takeaways

  • सुमेर लाइब्रेरी को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का सपना अधूरा है।
  • भाजपा सरकार की नीयत पर गहलोत ने सवाल उठाए हैं।
  • शिक्षा में देरी से युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है।
  • गहलोत ने 'इंतजार शास्त्र' अभियान शुरू किया है।
  • लाइब्रेरी का निर्माण 7.96 करोड़ की लागत से हुआ है।

जयपुर, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर की ऐतिहासिक सुमेर लाइब्रेरी को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने में हो रही देरी को लेकर प्रदेश की भजनलाल सरकार पर तीखा हमला किया।

गहलोत ने कहा कि सरकार की शिक्षा और जन-जागरूकता को बढ़ावा देने की नीयत में गंभीर कमी है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने अपने अभियान “इंतजार शास्त्र: अध्याय 15” के अंतर्गत एक वीडियो जारी करते हुए बताया कि हमारी पूर्व कांग्रेस सरकार ने जोधपुर की ऐतिहासिक सुमेर लाइब्रेरी को हाईटेक, ई-लाइब्रेरी और आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का सपना देखा था। भवन तैयार है, लेकिन भाजपा सरकार की नीयत में कमी के कारण यह कार्य अधूरा है।

उन्होंने कहा कि आज जोधपुर की सुमेर लाइब्रेरी भाजपा सरकार की अदूरदर्शिता का शिकार हो गई है। 7.96 करोड़ की लागत से शानदार भवन बनकर तैयार है, परंतु फर्नीचर और फिनिशिंग के बजट को रोककर युवाओं के भविष्य पर ताला लगा दिया गया है।

उन्होंने यह भी पूछा कि आखिर भाजपा को शिक्षा और ज्ञान से इतना परहेज क्यों है?

सुमेर लाइब्रेरी की स्थापना 1935 में हुई थी, और यह जोधपुर के उम्मेद उद्यान में स्थित पुराने सुमेर भवन में थी। 2022-23 के दौरान नई इमारत के निर्माण के लिए सात करोड़ रुपए से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया था।

हालांकि, बुनियादी ढांचा, डिजिटलीकरण और ई-लाइब्रेरी की सुविधाएं कथित तौर पर पूरी हो चुकी हैं, लेकिन आंतरिक व्यवस्थाएं लंबित होने के कारण लाइब्रेरी अभी तक आम जनता के लिए नहीं खुल पाई है।

पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने जोर देते हुए कहा कि इस तरह की देरी छात्रों और युवा पाठकों को सीखने के महत्वपूर्ण संसाधनों से वंचित करती है। उन्होंने सरकार से अपील की कि शेष कार्यों में जल्द से जल्द तेजी लाए और इस सुविधा को जल्दी चालू करे।

गहलोत ने कहा, “ऐसा लगता है कि भाजपा सरकार नहीं चाहती कि जनता पढ़ने-लिखने के माध्यम से जागरूक हो।”

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार की कमियों को उजागर करने के लिए “इंतजार शास्त्र” नामक एक सोशल मीडिया श्रृंखला भी शुरू की है।

Point of View

यह दर्शाता है कि शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में राजनीतिक मुद्दे कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं। सरकार की शिक्षण संसाधनों में देरी, छात्रों के भविष्य पर असर डालने का संकेत देती है।
NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

सुमेर लाइब्रेरी कब स्थापित हुई थी?
सुमेर लाइब्रेरी की स्थापना 1935 में हुई थी।
सुमेर लाइब्रेरी का निर्माण किस बजट में हुआ?
सुमेर लाइब्रेरी के निर्माण के लिए 2022-23 में सात करोड़ रुपए से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया था।
गहलोत ने किस अभियान के तहत यह मुद्दा उठाया?
गहलोत ने अपने अभियान 'इंतजार शास्त्र: अध्याय 15' के तहत यह मुद्दा उठाया।
भाजपा सरकार के खिलाफ गहलोत ने कौन सा आरोप लगाया?
गहलोत ने भाजपा सरकार पर शिक्षा और ज्ञान के प्रति उदासीनता का आरोप लगाया।
क्या सुमेर लाइब्रेरी आम जनता के लिए खुली है?
नहीं, सुमेर लाइब्रेरी अभी तक आम जनता के लिए नहीं खुल पाई है।
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