भाजपा की 'वॉशिंग मशीन' पर गहलोत का तीखा वार, राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के 'आप' छोड़ने पर बड़ा बयान
सारांश
Key Takeaways
- राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़ने की खबरों से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
- अशोक गहलोत ने भाजपा पर 'वॉशिंग मशीन' का तंज कसते हुए कहा कि पार्टी में शामिल होते ही सभी आरोप साफ हो जाते हैं।
- गहलोत ने अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए बताया कि अमित शाह पर हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगे थे और उनकी सरकार को एक माह से अधिक होटल में रहना पड़ा था।
- पश्चिम बंगाल में 91%25 मतदान पर गहलोत ने चुनाव आयोग और एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
- राजस्थान विधानसभा को बम धमकी मिलने पर गहलोत ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को कमजोर बताया।
- सचिन पायलट और विधायकों के मानेसर जाने का जिक्र करते हुए गहलोत ने भाजपा पर राजनीतिक अस्थिरता फैलाने का आरोप दोहराया।
राजनीतिक भूचाल: राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों ने छोड़ी 'आप'
जयपुर, 24 अप्रैल — आम आदमी पार्टी (आप) के लिए गुरुवार का दिन राजनीतिक रूप से बेहद कठिन साबित हुआ, जब राघव चड्ढा समेत सात सांसदों के पार्टी छोड़ने की खबरें सामने आईं। इस घटनाक्रम पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सीधे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को निशाने पर लिया। गहलोत ने कहा कि इस तरह की राजनीतिक तोड़फोड़ भाजपा की पुरानी आदत है और यह पार्टी कभी नहीं सुधरेगी।
गहलोत का भाजपा पर सीधा हमला — 'वॉशिंग मशीन' वाला तंज
अशोक गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा की तथाकथित 'वॉशिंग मशीन' में शामिल होते ही नेताओं के तमाम आरोप एकाएक साफ हो जाते हैं। उन्होंने राघव चड्ढा का उदाहरण देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ कई कार्रवाइयां कीं और कथित शराब घोटाले में उनका नाम उछाला गया। लेकिन जैसे ही कोई नेता भाजपा के करीब आता है, उसके सारे मामले ठंडे बस्ते में चले जाते हैं — यह विरोधाभास गहलोत ने बेबाकी से सामने रखा।
गहलोत ने यह भी कहा कि भाजपा ने 'आप' से जुड़े नेताओं और सांसदों को जानबूझकर प्रताड़ित किया, ताकि वे दबाव में आकर पाला बदलें। यह रणनीति नई नहीं है — यही हथियार पहले कांग्रेस शासित राज्यों में भी आजमाया गया था।
गहलोत ने खुद के कार्यकाल का दिया हवाला — होटल प्रकरण की याद
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने अपने राजस्थान के मुख्यमंत्री रहने के दौरान की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी भाजपा ने सरकार को अस्थिर करने की पूरी कोशिश की थी। उन्होंने याद दिलाया कि उनकी सरकार को एक महीने से अधिक समय तक होटल में रहना पड़ा था।
गहलोत ने स्पष्ट किया कि भाजपा के नेता अक्सर होटल प्रकरण का उल्लेख करते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि इसकी वजह क्या थी। उनके अनुसार, उस समय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए सरकार गिराने की कोशिश के आरोप लगे थे। इसी दौरान सचिन पायलट और कुछ विधायक मानेसर चले गए थे, जिससे राजनीतिक संकट और गहरा हो गया था।
पश्चिम बंगाल में 91%25 मतदान पर उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल में 91 प्रतिशत से अधिक मतदान के आंकड़े पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि यह जरूर देखना होगा कि मतदान प्रतिशत इतना अधिक कैसे हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को प्रभावित कर मतदाता सूची में नाम काटे गए और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसे वास्तविक फायदा हुआ, यह चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
राजस्थान विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी — कानून-व्यवस्था पर सवाल
राजस्थान विधानसभा को फिर से बम से उड़ाने की धमकी मिलने के मामले में भी गहलोत ने राज्य की भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई बार हाईकोर्ट, एसएमएस स्टेडियम और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को धमकियां मिल चुकी हैं। यहां तक कि मुख्यमंत्री को भी जान से मारने की धमकी दी गई थी।
गहलोत ने सवाल उठाया कि तकनीक के इस दौर में भी पुलिस यह पता नहीं लगा पाई कि इन धमकियों के पीछे कौन है — यह राज्य में कानून-व्यवस्था की कमजोर स्थिति को उजागर करता है। इस मामले में आने वाले दिनों में राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव और बढ़ने की संभावना है।