26 जुलाई 2026
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भाजपा की 'वॉशिंग मशीन' पर गहलोत का तीखा वार, राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के 'आप' छोड़ने पर बड़ा बयान

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भाजपा की 'वॉशिंग मशीन' पर गहलोत का तीखा वार, राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के 'आप' छोड़ने पर बड़ा बयान

सारांश

राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के 'आप' छोड़ने पर पूर्व CM अशोक गहलोत ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा की 'वॉशिंग मशीन' का तंज कसा और हॉर्स ट्रेडिंग, राजस्थान विधानसभा को बम धमकी तथा बंगाल के मतदान पर भी सवाल उठाए।

मुख्य बातें

राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़ने की खबरों से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
अशोक गहलोत ने भाजपा पर 'वॉशिंग मशीन' का तंज कसते हुए कहा कि पार्टी में शामिल होते ही सभी आरोप साफ हो जाते हैं।
गहलोत ने अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए बताया कि अमित शाह पर हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगे थे और उनकी सरकार को एक माह से अधिक होटल में रहना पड़ा था।
पश्चिम बंगाल में 91% मतदान पर गहलोत ने चुनाव आयोग और एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
राजस्थान विधानसभा को बम धमकी मिलने पर गहलोत ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को कमजोर बताया।
सचिन पायलट और विधायकों के मानेसर जाने का जिक्र करते हुए गहलोत ने भाजपा पर राजनीतिक अस्थिरता फैलाने का आरोप दोहराया।

राजनीतिक भूचाल: राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों ने छोड़ी 'आप'

जयपुर, 24 अप्रैलआम आदमी पार्टी (आप) के लिए गुरुवार का दिन राजनीतिक रूप से बेहद कठिन साबित हुआ, जब राघव चड्ढा समेत सात सांसदों के पार्टी छोड़ने की खबरें सामने आईं। इस घटनाक्रम पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सीधे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को निशाने पर लिया। गहलोत ने कहा कि इस तरह की राजनीतिक तोड़फोड़ भाजपा की पुरानी आदत है और यह पार्टी कभी नहीं सुधरेगी।

गहलोत का भाजपा पर सीधा हमला — 'वॉशिंग मशीन' वाला तंज

अशोक गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा की तथाकथित 'वॉशिंग मशीन' में शामिल होते ही नेताओं के तमाम आरोप एकाएक साफ हो जाते हैं। उन्होंने राघव चड्ढा का उदाहरण देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ कई कार्रवाइयां कीं और कथित शराब घोटाले में उनका नाम उछाला गया। लेकिन जैसे ही कोई नेता भाजपा के करीब आता है, उसके सारे मामले ठंडे बस्ते में चले जाते हैं — यह विरोधाभास गहलोत ने बेबाकी से सामने रखा।

गहलोत ने यह भी कहा कि भाजपा ने 'आप' से जुड़े नेताओं और सांसदों को जानबूझकर प्रताड़ित किया, ताकि वे दबाव में आकर पाला बदलें। यह रणनीति नई नहीं है — यही हथियार पहले कांग्रेस शासित राज्यों में भी आजमाया गया था।

गहलोत ने खुद के कार्यकाल का दिया हवाला — होटल प्रकरण की याद

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने अपने राजस्थान के मुख्यमंत्री रहने के दौरान की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी भाजपा ने सरकार को अस्थिर करने की पूरी कोशिश की थी। उन्होंने याद दिलाया कि उनकी सरकार को एक महीने से अधिक समय तक होटल में रहना पड़ा था।

गहलोत ने स्पष्ट किया कि भाजपा के नेता अक्सर होटल प्रकरण का उल्लेख करते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि इसकी वजह क्या थी। उनके अनुसार, उस समय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए सरकार गिराने की कोशिश के आरोप लगे थे। इसी दौरान सचिन पायलट और कुछ विधायक मानेसर चले गए थे, जिससे राजनीतिक संकट और गहरा हो गया था।

पश्चिम बंगाल में 91% मतदान पर उठाए सवाल

पश्चिम बंगाल में 91 प्रतिशत से अधिक मतदान के आंकड़े पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि यह जरूर देखना होगा कि मतदान प्रतिशत इतना अधिक कैसे हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को प्रभावित कर मतदाता सूची में नाम काटे गए और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसे वास्तविक फायदा हुआ, यह चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

राजस्थान विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी — कानून-व्यवस्था पर सवाल

राजस्थान विधानसभा को फिर से बम से उड़ाने की धमकी मिलने के मामले में भी गहलोत ने राज्य की भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई बार हाईकोर्ट, एसएमएस स्टेडियम और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को धमकियां मिल चुकी हैं। यहां तक कि मुख्यमंत्री को भी जान से मारने की धमकी दी गई थी।

गहलोत ने सवाल उठाया कि तकनीक के इस दौर में भी पुलिस यह पता नहीं लगा पाई कि इन धमकियों के पीछे कौन है — यह राज्य में कानून-व्यवस्था की कमजोर स्थिति को उजागर करता है। इस मामले में आने वाले दिनों में राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय राजनीति में उस पुराने पैटर्न की पुनरावृत्ति है जहां केंद्रीय एजेंसियों का दबाव विपक्षी नेताओं को 'साइड बदलने' पर मजबूर करता है। गहलोत का 'वॉशिंग मशीन' वाला तंज सतह पर राजनीतिक व्यंग्य लगता है, लेकिन यह उस गहरी विडंबना को उजागर करता है जहां भ्रष्टाचार के आरोप पार्टी के आधार पर लगते और मिटते हैं। जब तक चुनाव आयोग और जांच एजेंसियों की स्वायत्तता पर सवाल उठते रहेंगे, तब तक लोकतंत्र की साख दांव पर रहेगी — और यही वह बड़ी कहानी है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नजरअंदाज कर देती है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी क्यों छोड़ी?
राघव चड्ढा समेत सात सांसदों के 'आप' छोड़ने की खबरें सामने आई हैं, हालांकि आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं हुए हैं। कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के दबाव और कथित शराब घोटाले में नाम उछाले जाने के बाद यह कदम उठाया गया।
अशोक गहलोत ने भाजपा की 'वॉशिंग मशीन' से क्या मतलब निकाला?
गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता भाजपा में शामिल होते हैं, उनके सारे भ्रष्टाचार के आरोप अचानक खत्म हो जाते हैं — इसे उन्होंने 'वॉशिंग मशीन' कहा। यह विपक्षी नेताओं द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग पर बार-बार उठाया जाने वाला आरोप है।
राजस्थान में गहलोत सरकार को होटल में क्यों रहना पड़ा था?
गहलोत के अनुसार, उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान भाजपा ने हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए सरकार गिराने की कोशिश की थी। इसी दौरान सचिन पायलट और कुछ विधायक मानेसर चले गए थे, जिससे सरकार को एक महीने से अधिक समय तक होटल में रहना पड़ा था।
राजस्थान विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी पर गहलोत ने क्या कहा?
गहलोत ने राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तकनीक के युग में भी पुलिस धमकी देने वालों का पता नहीं लगा पाई, जो कानून-व्यवस्था की कमजोरी दर्शाता है। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट, एसएमएस स्टेडियम और मुख्यमंत्री को भी पहले धमकियां मिल चुकी हैं।
पश्चिम बंगाल में 91 प्रतिशत मतदान पर गहलोत ने क्या आरोप लगाए?
गहलोत ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को प्रभावित कर मतदाता सूची में नाम काटे गए और एसआईआर प्रक्रिया के जरिए मतदान को प्रभावित किया गया। उन्होंने कहा कि इससे किसे वास्तविक फायदा हुआ, यह चुनाव परिणाम आने पर ही स्पष्ट होगा।
राष्ट्र प्रेस
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