गिरधारी यादव को अयोग्य ठहराने के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का बयान
सारांश
Key Takeaways
- गिरधारी यादव के खिलाफ अयोग्यता का मामला चल रहा है।
- केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने इसे तथ्यों के आधार पर सही ठहराया है।
- जेडीयू के संसदीय नेता दिलेश्वर कामत ने लोकसभा अध्यक्ष को आवेदन दिया है।
नई दिल्ली, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में जेडीयू सांसद गिरधारी यादव के अयोग्य ठहराने के मामले ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी ने कोई एकतरफा निर्णय नहीं लिया है, बल्कि यह निर्णय तथ्यों के आधार पर लिया गया है।
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए बताया कि गिरधारी यादव ने २०२५ के विधानसभा चुनाव में आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे अपने बेटे के लिए सक्रिय रूप से प्रचार किया। इसे पार्टी के खिलाफ गतिविधि मानते हुए जेडीयू के संसदीय नेता दिलेश्वर कामत ने लोकसभा अध्यक्ष को आवेदन दिया है। अब इस पर अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष द्वारा लिया जाएगा।
जेडीयू के दिलेश्वर कामत ने भी इस मामले में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गिरधारी यादव के खिलाफ पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद ने पार्टी के खिलाफ काम किया और विपक्षी दल के उम्मीदवार के लिए प्रचार किया, जो कि दलबदल विरोधी नियमों का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार उनकी सदस्यता को समाप्त किया जाना चाहिए।
इस पूरे मामले पर आरजेडी सांसद मीसा भारती ने लोकसभा में कहा, "वो तो जेडीयू के सांसद हैं और मुझे लगता है कि उनका बेटा यदि चुनाव लड़ रहा है तो वह वयस्क है। इस पर देखते हैं कि क्या कार्रवाई होती है।"
ज्ञात हो कि जदयू के लोकसभा सांसद गिरधारी यादव की सदस्यता रद्द करने के लिए पार्टी के संसदीय दल के नेता और सुपौल से सांसद दिलेश्वर कामत ने लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस सौंपा है। नोटिस में उन्होंने गिरधारी यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण अयोग्य घोषित करने की मांग की है। जेडीयू के सूत्रों ने बताया कि बांका से सांसद गिरधारी यादव पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। उन्होंने एसआईआर के मुद्दे पर भी पार्टी की आधिकारिक राय के खिलाफ रुख अपनाया है। जेडीयू के इस कदम से बिहार के सियासी तापमान में वृद्धि हुई है।