गिरिडीह में छज्जा गिरने से मां-बेटे की मौत, राजमिस्त्री गंभीर रूप से घायल
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र के सलैया गांव में 12 जुलाई, शनिवार शाम एक निर्माणाधीन मकान का छज्जा अचानक ढह जाने से मलबे में दबकर एक मां और उनके बेटे की मौत हो गई। घटना में एक राजमिस्त्री भी गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों की पहचान सुनीता देवी और उनके पुत्र राजकुमार यादव के रूप में की गई है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुनीता देवी और राजकुमार यादव अपने निर्माणाधीन मकान का कार्य देख रहे थे और राजमिस्त्री प्रदीप यादव को काम के निर्देश दे रहे थे। जैसे ही राजमिस्त्री निर्माणाधीन छज्जे पर चढ़कर काम शुरू करने लगा, तेज आवाज के साथ छज्जा भरभराकर नीचे गिर गया। मलबा सीधे नीचे खड़े सुनीता देवी और राजकुमार यादव पर आ गिरा, जिससे दोनों गंभीर रूप से दब गए। प्रदीप यादव भी छज्जे के साथ नीचे आ गिरे और उनके हाथ-पांव व चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।
राहत एवं बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद मलबे में दबे तीनों लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक सुनीता देवी और राजकुमार यादव की मौत हो चुकी थी। घायल राजमिस्त्री प्रदीप यादव को इलाज के लिए जमुआ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस जांच और प्रारंभिक निष्कर्ष
सूचना मिलने पर हीरोडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी खामी या निर्माण संबंधी कमजोरी के कारण छज्जा ढहा हो सकता है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
आम जनता पर असर
इस दर्दनाक हादसे के बाद सलैया गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतकों के परिजनों का बुरा हाल है। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर एक बार फिर सवाल उठाती है। गौरतलब है कि झारखंड में कच्चे और अर्ध-निर्मित मकानों के ढहने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, जिनमें अकसर तकनीकी निगरानी का अभाव मुख्य कारण पाया गया है।
पुलिस के अनुसार, आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।