गिरिडीह हत्याकांड: लक्ष्मी कुमारी की गला दबाकर हत्या, प्रेमी विनोद मंडल और पत्नी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के गिरिडीह जिले में 20 सितंबर 2026 को चिचाकी रेलवे स्टेशन के निकट रेलवे ट्रैक पर मिली युवती की लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान लक्ष्मी कुमारी के रूप में हुई है, जिसकी गला दबाकर हत्या की गई और शव को दुर्घटना का रूप देने के लिए ट्रैक पर फेंक दिया गया। इस मामले में विनोद मंडल और उसकी पत्नी सविता देवी को गिरफ्तार किया गया है।
मामले का पूरा घटनाक्रम
बगोदर-सरिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) धनंजय राम ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को बताया कि मृतका लक्ष्मी कुमारी और विनोद मंडल के बीच पिछले छह-सात वर्षों से प्रेम-प्रसंग था। विनोद उसकी पढ़ाई, खान-पान और अन्य ज़रूरतों के लिए नियमित रूप से आर्थिक मदद करता था, यहाँ तक कि परीक्षा देने आने-जाने का खर्च भी वहन करता था।
पुलिस के अनुसार, 19 सितंबर की रात विनोद, लक्ष्मी को एक सुनसान कमरे में ले गया। जांच में यह सामने आया कि सोते समय उसने लक्ष्मी को दबोचकर गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद हत्या को रेल दुर्घटना का रूप देने की साजिश रची गई।
हत्या की वजह: डेढ़ लाख रुपए की मांग
पुलिस के अनुसार, लक्ष्मी को आंध्र प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए ₹1.5 लाख की एकमुश्त ज़रूरत थी। घर से आर्थिक सहायता न मिलने के कारण उसने यह रकम विनोद से माँगी थी। पुलिस का दावा है कि लगातार बढ़ती पैसों की मांग से विनोद दबाव में था, जिसके चलते उसने हत्या की योजना बनाई।
गौरतलब है कि यह मामला उस वक्त और गंभीर हो जाता है जब पुलिस जांच में पता चला कि इस अपराध में विनोद की पत्नी सविता देवी भी शामिल थी। आरोप के अनुसार, सविता ने शव को ट्रैक पर फेंककर हत्या को दुर्घटना का रूप देने में सक्रिय भूमिका निभाई।
शव की बरामदगी और जांच की कड़ियाँ
एसडीपीओ धनंजय राम के अनुसार, 20 सितंबर को चिचाकी रेलवे स्टेशन के पास पोल संख्या 335/31 के नजदीक लक्ष्मी कुमारी का शव रेलवे ट्रैक पर मिला था। शुरुआती जांच में पुलिस ने मृतका के संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटाई। इसी क्रम में विनोद तक पहुँचने के बाद तफ्तीश की कड़ियाँ जुड़ती चली गईं और अंततः दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने विनोद मंडल और उसकी पत्नी सविता देवी दोनों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के विरुद्ध हत्या और साक्ष्य मिटाने संबंधी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
यह मामला इस बात की ओर ध्यान दिलाता है कि उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक संघर्ष करती युवतियाँ किस तरह के खतरों का सामना करती हैं और पुलिस की त्वरित व तकनीकी जांच किस तरह से न्याय की राह प्रशस्त कर सकती है।