15 जुलाई 2026
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गोवा के 40वें स्थापना दिवस पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने पर्रिकर की सादगी और दूरदर्शिता को किया नमन

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गोवा के 40वें स्थापना दिवस पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने पर्रिकर की सादगी और दूरदर्शिता को किया नमन

सारांश

गोवा के 40वें स्थापना दिवस पर पणजी में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने पूर्व सीएम मनोहर पर्रिकर की सादगी और ईमानदारी को अमिट बताया, 'ब्लू इकोनॉमी' में गोवा की अग्रणी भूमिका रेखांकित की और कार्टूनिस्ट मारियो मिरांडा का स्मारक डाक टिकट जारी किया।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 30 मई 2026 को पणजी में गोवा के 40वें राज्य स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि रहे।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को 'दूरदर्शी नेता' बताते हुए उनकी सादगी, ईमानदारी और समर्पण को याद किया।
उपराष्ट्रपति ने 'ब्लू इकोनॉमी' को भारत की प्रगति का प्रमुख स्तंभ बताया और गोवा को इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य कहा।
प्रख्यात कार्टूनिस्ट मारियो मिरांडा का स्मारक डाक टिकट समारोह में जारी किया गया।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने राज्य की विकास परियोजनाओं का श्रेय PM नरेंद्र मोदी को दिया; कहा — योजनाएँ अगले 50 वर्षों की पीढ़ियों के लिए बनाई गई हैं।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शनिवार, 30 मई 2026 को पणजी में आयोजित गोवा के 40वें राज्य स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने गोवा के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी सादगी, ईमानदारी और राज्य के प्रति समर्पण को अविस्मरणीय बताया।

पर्रिकर को भावभीनी श्रद्धांजलि

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में कहा, 'आज जब हम गोवा राज्य स्थापना दिवस के गौरवपूर्ण अवसर का जश्न मना रहे हैं, तो हम आदरपूर्वक मनोहर पर्रिकर को याद करते हैं — एक ऐसे दूरदर्शी नेता, जिनकी सादगी, ईमानदारी और समर्पण ने गोवा की प्रगति पर एक अमिट छाप छोड़ी है।' यह उल्लेख उस नेता की विरासत को रेखांकित करता है जो मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री दोनों पदों पर अपनी सरलता के लिए जाने गए।

गोवा की सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत

राधाकृष्णन ने गोवा को विरासत और प्रगति, परंपरा और आधुनिकता तथा स्थानीय गौरव एवं वैश्विक दृष्टिकोण के संगम पर स्थित राज्य बताया। उन्होंने कहा कि प्राचीन मंदिरों और भव्य गिरजाघरों से लेकर संगीत, साहित्य और त्योहारों तक, गोवा भारत की बहुलवादी भावना का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने यह भी कहा कि गोवा को परशुराम की भूमि के रूप में भी जाना जाता है — एक उपाधि जो इसकी गहरी सभ्यतागत जड़ों को दर्शाती है।

उन्होंने जोर देकर कहा, 'गोवा कोई छोटा राज्य नहीं, बल्कि एक सुंदर राज्य है। छोटा हमेशा सुंदर होता है।' यह एक जीवंत सभ्यता है, जिसे सदियों के सांस्कृतिक आदान-प्रदान, बौद्धिक खुलेपन, समुद्री उद्यम और सामाजिक सद्भाव ने आकार दिया है।

'ब्लू इकोनॉमी' में गोवा की अग्रणी भूमिका

उपराष्ट्रपति ने 'ब्लू इकोनॉमी' को भारत की प्रगति के प्रमुख स्तंभों में से एक बताया और संतोष व्यक्त किया कि गोवा इस क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि गोवा भारत के विकास और नवाचार के अगले चरण में योगदान देने के लिए एक विशिष्ट स्थिति में है — केवल पर्यटन के कारण नहीं, बल्कि अपनी समुद्री क्षमता और बौद्धिक संसाधनों के कारण भी।

मारियो मिरांडा का स्मारक डाक टिकट जारी

समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने प्रख्यात कार्टूनिस्ट मारियो मिरांडा के सम्मान में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। मिरांडा गोवा की सांस्कृतिक पहचान के एक महत्वपूर्ण प्रतीक रहे हैं और उनका यह सम्मान राज्य की कलात्मक विरासत को मान्यता देता है।

मुख्यमंत्री सावंत का विकास पर जोर

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने राज्य में आई विकास की गति का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने और बड़े विकास परियोजनाओं को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही संभव बनाया जा सका है। सावंत ने यह भी कहा कि इन परियोजनाओं की योजना इस प्रकार बनाई गई है कि अगले 50 वर्षों तक आने वाली पीढ़ियाँ इनका लाभ उठा सकें। गौरतलब है कि गोवा का यह 40वाँ स्थापना दिवस राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, और इस अवसर पर विकास की दीर्घकालिक रूपरेखा प्रस्तुत करना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गोवा की तटीय पारिस्थितिकी पर बढ़ते दबाव और मछुआरा समुदायों की अनदेखी के सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। मुख्यमंत्री सावंत का हर बड़ी उपलब्धि का श्रेय केंद्र को देना राज्य की स्वायत्त पहचान को कमज़ोर करता है — जबकि गोवा की असली ताकत उसकी सांस्कृतिक विविधता और नागरिक सक्रियता में रही है, न कि केवल केंद्रीय अनुदानों में।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोवा का 40वाँ स्थापना दिवस कब और कहाँ मनाया गया?
गोवा का 40वाँ राज्य स्थापना दिवस 30 मई 2026 को पणजी में मनाया गया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने मनोहर पर्रिकर को क्यों याद किया?
उपराष्ट्रपति ने पर्रिकर को गोवा की प्रगति पर अमिट छाप छोड़ने वाले दूरदर्शी नेता बताया। उन्होंने पर्रिकर की सादगी, ईमानदारी और राज्य के प्रति समर्पण को विशेष रूप से रेखांकित किया।
मारियो मिरांडा कौन थे और उनके नाम पर डाक टिकट क्यों जारी हुआ?
मारियो मिरांडा गोवा के प्रख्यात कार्टूनिस्ट थे, जो भारतीय कला और व्यंग्य जगत में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। 40वें स्थापना दिवस पर उनकी सांस्कृतिक विरासत को सम्मानित करने के लिए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने उनका स्मारक डाक टिकट जारी किया।
'ब्लू इकोनॉमी' में गोवा की क्या भूमिका बताई गई?
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने 'ब्लू इकोनॉमी' को भारत की प्रगति के प्रमुख स्तंभों में से एक बताया और कहा कि गोवा इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है। उनके अनुसार गोवा की समुद्री क्षमता इसे देश के विकास और नवाचार के अगले चरण में महत्वपूर्ण भूमिका देती है।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने गोवा के विकास को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और बड़ी परियोजनाओं का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं की योजना इस प्रकार बनाई गई है कि अगले 50 वर्षों तक आने वाली पीढ़ियाँ इनका लाभ उठा सकें।
राष्ट्र प्रेस
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