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गोवा में एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी रही: सीईओ डॉ. संजय गोयल, 97 छूटे मतदाताओं का घर-घर सर्वे कर जोड़े नाम

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गोवा में एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी रही: सीईओ डॉ. संजय गोयल, 97 छूटे मतदाताओं का घर-घर सर्वे कर जोड़े नाम

सारांश

गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. संजय गोयल ने एसआईआर को पूरी तरह पारदर्शी करार दिया। फरवरी 2026 की अंतिम सूची से सॉफ्टवेयर खामी के कारण छूटे 97 मतदाताओं का घर-घर सर्वे कर पात्र लोगों के नाम बाद में जोड़े गए। राजनीतिक दलों को हर चरण में शामिल किया गया।

मुख्य बातें

संजय गोयल ने एसआईआर प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमसम्मत बताया।
फरवरी 2026 की अंतिम मतदाता सूची में सॉफ्टवेयर तकनीकी खामी के कारण 97 योग्य मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हो पाए।
बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर इन मामलों की जाँच की और पात्र व्यक्तियों से फॉर्म-6 भरवाया।
प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में विधिवत जोड़े गए।
एसआईआर के प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया और सूचियाँ मतदान केंद्रों पर प्रदर्शित की गईं।
योग्य मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 और अपील की प्रक्रिया अब भी उपलब्ध है।

गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) डॉ. संजय गोयल ने 25 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न की गई। उन्होंने बताया कि प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की गईं और संबंधित सूचियाँ मतदान केंद्रों पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की गईं।

एसआईआर प्रक्रिया का विवरण

डॉ. गोयल के अनुसार, एसआईआर के दौरान एएसडीडी और तार्किक विसंगतियों (लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी) से संबंधित सूचियाँ मतदान केंद्रों पर चस्पा की गई थीं, ताकि संबंधित मतदाता और अन्य हितधारक इसकी जानकारी प्राप्त कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि अंतिम मतदाता सूची जारी हुए सात महीने से अधिक का समय बीत चुका है और इस अवधि में प्राप्त सभी अपीलों का निपटारा भी कर दिया गया है।

97 छूटे मतदाताओं का घर-घर सर्वे

गोवा सीईओ कार्यालय के अनुसार, फरवरी 2026 में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 97 मतदाता शामिल नहीं हो पाए थे। ये वे मतदाता थे जिन्हें निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) ने योग्य पाया था, किंतु एक तकनीकी कारण से उनके नाम अंतिम सूची में दर्ज नहीं हो सके। डॉ. गोयल ने बताया कि बाद में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने इन 97 मामलों में घर-घर जाकर जाँच की, पात्र पाए गए व्यक्तियों से फॉर्म-6 भरवाया गया और प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उनके नाम मतदाता सूची में विधिवत जोड़े गए।

तकनीकी समस्या की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब सामने आया था कि सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामी के कारण पहले किए जा चुके डिलीशन को वापस लेने की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिससे 97 योग्य मतदाताओं के नाम अंतिम सूची से बाहर रह गए। गौरतलब है कि गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पूर्व इस तकनीकी समस्या के समाधान के लिए कई बार पत्राचार भी किया गया था।

अपील और फॉर्म-6 की व्यवस्था

डॉ. गोयल ने स्पष्ट किया कि योग्य मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की व्यवस्था अब भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत अपील करने का विकल्प भी मौजूद है।

राजनीतिक दलों की भागीदारी

सीईओ ने जोर देकर कहा कि एसआईआर के सभी प्रमुख चरणों में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया और उन्हें आवश्यक जानकारी समय पर दी गई। इससे प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई। आगे भी निर्वाचन आयोग की तय प्रक्रिया के तहत पात्र मतदाताओं को सूची में जोड़ने का कार्य जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

किंतु यह सवाल बना रहता है कि अंतिम सूची प्रकाशन से पहले ही इस तकनीकी समस्या का समाधान क्यों नहीं हो सका, जबकि पत्राचार के दस्तावेज़ मौजूद हैं। पारदर्शिता के दावे तभी विश्वसनीय होंगे जब भविष्य में ऐसी तकनीकी खामियों को रोकने के लिए ठोस प्रणालीगत सुधार सामने आएँ।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोवा में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण वह प्रक्रिया है जिसके तहत निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध करता है। गोवा में यह प्रक्रिया फरवरी 2026 की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले पूरी की गई थी।
गोवा में 97 मतदाताओं के नाम सूची से क्यों छूट गए?
रिपोर्टों के अनुसार, सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामी के कारण पहले किए जा चुके डिलीशन को वापस लेने की सुविधा नहीं थी, जिससे 97 योग्य मतदाताओं के नाम फरवरी 2026 की अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए। निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी ने इन्हें योग्य पाया था।
इन 97 छूटे मतदाताओं के लिए क्या कार्रवाई की गई?
बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर इन मामलों की जाँच की। पात्र पाए गए व्यक्तियों से फॉर्म-6 भरवाया गया और प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उनके नाम मतदाता सूची में जोड़े गए।
क्या अब भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाया जा सकता है?
हाँ, गोवा सीईओ डॉ. संजय गोयल ने स्पष्ट किया है कि योग्य मतदाता फॉर्म-6 भरकर अपना नाम सूची में शामिल करा सकते हैं। निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत अपील करने का विकल्प भी उपलब्ध है।
एसआईआर प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की क्या भूमिका रही?
गोवा सीईओ के अनुसार, एसआईआर के प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की गईं। संबंधित सूचियाँ मतदान केंद्रों पर प्रदर्शित की गईं ताकि सभी पक्षों को जानकारी मिल सके।
राष्ट्र प्रेस
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