गोवा एसआईआर विवाद: सीईओ संजय गोयल ने खामियों की खबरों को नकारा, कहा — प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी
सारांश
मुख्य बातें
गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) संजय गोयल ने शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को उन मीडिया रिपोर्टों को सिरे से खारिज किया, जिनमें राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) में गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया था। गोयल ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया 'पूरी तरह पारदर्शी' थी और जिन मतदाताओं के नाम सूची से छूट गए थे, उनमें से अधिकांश ने फॉर्म 6 भरकर अपना नाम पुनः मतदाता सूची में दर्ज करा लिया।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह बयान उस मीडिया रिपोर्ट के बाद आया, जिसमें दावा किया गया था कि गोवा सीईओ कार्यालय ने 'ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर' द्वारा हटाए गए 97 मतदाताओं को पुनः शामिल करने के लिए सात दिनों में आठ बार भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) को पत्र लिखा। रिपोर्टों में इसे प्रक्रियागत चूक के रूप में प्रस्तुत किया गया था। गौरतलब है कि राज्य में एसआईआर प्रक्रिया को पूरे हुए सात महीने बीत चुके हैं।
सीईओ का खंडन और स्पष्टीकरण
संजय गोयल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधियों ने एक ज्ञापन सौंपा, जिस पर उन्हें स्थिति से अवगत करा दिया गया। उन्होंने बताया कि हर राज्य में सीओ और डीओ स्तर पर राजनीतिक दलों के साथ बैठकें आयोजित की गईं, सभी तार्किक विसंगति सूचियाँ मतदान केंद्रों पर प्रदर्शित की गईं और अंतिम मतदाता सूची भी पार्टियों के साथ साझा की गई।
गोयल ने आगे कहा, 'हमें किसी भी राजनीतिक दल से कोई शिकायत नहीं मिली। यहाँ तक कि जब राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मौजूद थे, तब भी उन्होंने कोई आपत्ति नहीं उठाई।'
97 हटाए गए मतदाताओं का मामला
97 'हटाए गए' मतदाताओं के संबंध में पूछे जाने पर गोयल ने स्पष्ट किया कि बूथ स्तरीय अधिकारियों ने बाद में उन लोगों के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जो अंतिम मतदाता सूची से छूट गए थे। उन्होंने कहा कि जो लोग उपलब्ध थे और इच्छुक थे, उनसे मार्च-अप्रैल में फॉर्म 6 भरवाया गया। यदि अब भी कुछ पात्र मतदाता शेष हैं, तो वे फॉर्म 6 भरकर सूची में नाम दर्ज करा सकते हैं।
सीईओ ने जोर देते हुए कहा कि 'यह कोई बड़ी गलती या चूक नहीं है, न ही किसी का मतदान अधिकार स्थायी रूप से छीना गया है।' फॉर्म 6 भरने की यह प्रक्रिया पहले से ही उपलब्ध थी।
ईसीआई को आठ पत्र — 'संचार की प्रक्रिया'
एक सप्ताह के भीतर चुनाव आयोग को आठ ईमेल लिखे जाने के दावों पर गोयल ने इसे सामान्य 'संचार की प्रक्रिया' बताया। उन्होंने कहा, 'हमने स्पष्टीकरण माँगे और चुनाव आयोग ने निर्देश भेजे। यह सहयोग और टीम वर्क का हिस्सा है।' उन्होंने यह भी कहा कि जहाँ कहीं आवश्यकता पड़ी, ईसीआई से सहायता ली गई और प्रक्रिया उसी सहयोग से पूरी हुई।
आगे की स्थिति
सीईओ संजय गोयल ने स्पष्ट किया कि जो अपीलें मिली थीं, उनका निपटारा हो चुका है और फॉर्म 6 भरने वाले अधिकांश मतदाताओं के नाम समय पर मतदाता सूची में पुनः जोड़े जा चुके हैं। गोवा में यह विवाद आगामी चुनावी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और मतदाता सूची प्रबंधन पर बहस को नई दिशा दे सकता है।