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गोवा मतदाता सूची: फाइनल रोल से छूटे 97 मामलों पर कार्रवाई, BLO ने घर-घर जाकर जोड़े नाम

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गोवा मतदाता सूची: फाइनल रोल से छूटे 97 मामलों पर कार्रवाई, BLO ने घर-घर जाकर जोड़े नाम

सारांश

गोवा में फरवरी 2026 की अंतिम मतदाता सूची में सॉफ्टवेयर की खामी के कारण छूटे 97 पात्र मतदाताओं के मामलों पर सीईओ कार्यालय ने अलग से कार्रवाई की। BLO ने घर-घर जाकर फॉर्म-6 भरवाया और कई नाम सूची में जोड़ दिए गए — लोकतांत्रिक प्रक्रिया में तकनीकी चूक को दुरुस्त करने की एक अहम पहल।

मुख्य बातें

गोवा सीईओ कार्यालय ने 24 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि फरवरी 2026 की अंतिम मतदाता सूची से छूटे 97 मामलों पर अलग से कार्रवाई की गई है।
BLO ने घर-घर जाकर इन मामलों में फॉर्म-6 भरवाया; कई मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जा चुके हैं।
छूटने का कारण सॉफ्टवेयर में पहले से किए गए डिलीशन को रिवर्ट करने की सुविधा का अभाव बताया गया।
गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने फाइनल रोल प्रकाशन से पहले इस तकनीकी खामी को ठीक करने के लिए आठ बार लिखा था।
शेष लंबित मामलों पर प्रक्रिया जारी; सीईओ कार्यालय ने आश्वासन दिया कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर नहीं रहेगा।

गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने 24 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि फरवरी 2026 में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में तकनीकी कारणों से शामिल नहीं हो पाए 97 मामलों पर अलग से कार्रवाई की जा चुकी है। बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने इन सभी मामलों में घर-घर जाकर फॉर्म-6 भरने की प्रक्रिया पूरी कराई, जिसके बाद कई योग्य मतदाताओं के नाम सूची में जोड़ दिए गए हैं।

मामला क्या था

गोवा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान 97 मतदाता ऐसे पाए गए थे, जिन्हें निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) ने पात्र घोषित किया था। इसके बावजूद फरवरी 2026 में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची (फाइनल रोल) में उनके नाम शामिल नहीं हो पाए थे।

यह चूक किसी प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि एक तकनीकी खामी का नतीजा थी। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया था कि इस्तेमाल किए जा रहे सॉफ्टवेयर में पहले से किए गए डिलीशन को वापस लेने (रिवर्ट) की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण इन मामलों में समस्या उत्पन्न हुई।

सीईओ कार्यालय की प्रतिक्रिया और समय पर चेतावनी

उल्लेखनीय है कि गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित होने से पहले ही इस तकनीकी समस्या को दुरुस्त करने के लिए आठ बार संबंधित अधिकारियों को लिखा था। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य स्तर पर समस्या की पहचान पहले ही कर ली गई थी, लेकिन समय पर समाधान नहीं हो सका।

सीईओ कार्यालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी प्रेस नोट में बताया कि सभी 97 मामलों को अब अलग से प्रोसेस किया गया है।

BLO की ज़मीनी कार्रवाई

सभी संबंधित बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर इन 97 मतदाताओं से संपर्क किया और उनसे फॉर्म-6 भरवाया, जो मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए अनिवार्य दस्तावेज़ है। कार्यालय ने बताया कि इस प्रक्रिया के बाद कई मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कर लिए गए हैं।

जिन मामलों की प्रक्रिया अभी लंबित है, उन पर भी काम जारी है। सीईओ कार्यालय ने आश्वासन दिया है कि कोई भी योग्य मतदाता मतदाता सूची से बाहर नहीं रहेगा।

आम मतदाताओं पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब गोवा में चुनावी तैयारियों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। गौरतलब है कि किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मतदाता सूची की सटीकता सबसे बुनियादी ज़रूरत होती है — यदि पात्र मतदाता सूची में नहीं हैं, तो उनका मताधिकार स्वतः प्रभावित होता है।

सीईओ कार्यालय का यह कदम सुनिश्चित करता है कि तकनीकी खामी की वजह से कोई भी नागरिक अपने संवैधानिक मताधिकार से वंचित न रहे।

आगे की राह

सीईओ कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि शेष लंबित मामलों पर प्रक्रिया पूरी होने तक काम जारी रहेगा। यह पहल दर्शाती है कि निर्वाचन तंत्र अपनी खामियों को स्वीकार करते हुए सुधार की दिशा में सक्रिय है — आगामी चुनावों से पहले यह पारदर्शिता का एक सकारात्मक संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी खामी अंतिम सूची तक पहुँच गई — यह जवाबदेही की कमी को उजागर करता है। BLO की घर-घर कार्रवाई राहत देने वाली है, लेकिन यह 'फायर-फाइटिंग' है, न कि 'फायर-प्रिवेंशन'। जब तक निर्वाचन तंत्र के सॉफ्टवेयर में ऐसी बुनियादी सुविधाएँ नहीं जोड़ी जातीं, ऐसी घटनाएँ बार-बार होती रहेंगी।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोवा मतदाता सूची से 97 मामले क्यों छूट गए थे?
चुनाव आयोग के अनुसार यह एक तकनीकी खामी थी — चुनावी सॉफ्टवेयर में पहले से किए गए डिलीशन को वापस लेने (रिवर्ट) की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसी कारण विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में ERO द्वारा पात्र पाए गए ये 97 मतदाता फरवरी 2026 की अंतिम सूची में शामिल नहीं हो सके।
अब इन 97 मतदाताओं के नाम कैसे जोड़े जा रहे हैं?
गोवा सीईओ कार्यालय ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को घर-घर भेजकर इन मतदाताओं से फॉर्म-6 भरवाया है, जो मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का निर्धारित माध्यम है। कई मतदाताओं के नाम जोड़े जा चुके हैं और शेष मामलों पर प्रक्रिया जारी है।
क्या सीईओ कार्यालय को पहले से इस समस्या की जानकारी थी?
हाँ। गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित होने से पहले इस तकनीकी समस्या को दुरुस्त करने के लिए आठ बार लिखा था, लेकिन समय पर समाधान नहीं हो सका।
क्या सभी 97 मतदाताओं के नाम अब मतदाता सूची में शामिल हो गए हैं?
सीईओ कार्यालय के अनुसार इनमें से कई मतदाताओं के नाम अब सूची में शामिल कर लिए गए हैं, जबकि कुछ मामले अभी भी प्रक्रियाधीन हैं। कार्यालय ने आश्वासन दिया है कि प्रक्रिया पूरी होने तक काम जारी रहेगा।
इस पूरे प्रकरण का क्या महत्व है?
यह मामला यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है कि पात्र नागरिक तकनीकी खामियों के कारण अपने संवैधानिक मताधिकार से वंचित न हों। साथ ही यह चुनावी सॉफ्टवेयर प्रणाली को अधिक मज़बूत बनाने की ज़रूरत को भी रेखांकित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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