सोना ₹1,52,870 और चांदी ₹2,34,939 प्रति किलो पर पहुंची, एक हफ्ते में सोना ₹8,644 और चांदी ₹15,435 महंगी
सारांश
मुख्य बातें
एमसीएक्स पर सोमवार, 10 अगस्त 2026 को त्योहारी सीजन से पहले की मांग और वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों ने सोने-चांदी की कीमतों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। अक्टूबर 2026 डिलीवरी वाला सोना ₹1,52,870 प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा, जबकि सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी ₹2,34,939 प्रति किलोग्राम तक उछली। केवल पाँच कारोबारी सत्रों में सोना ₹8,644 और चांदी ₹15,435 प्रति किलोग्राम महंगी हो चुकी है।
सोने में तेजी का विवरण
सोमवार को एमसीएक्स पर सोना 0.69 प्रतिशत यानी ₹1,050 की बढ़त के साथ ₹1,52,870 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता देखा गया। दिन के दौरान इसने ₹1,52,946 का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि निचला स्तर ₹1,51,461 रहा। तुलना के लिए, 31 जुलाई 2026 को सोना ₹1,43,376 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। पिछले शुक्रवार तक यह ₹1,51,985 पर पहुंच चुका था — यानी पाँच कारोबारी सत्रों में ₹8,609 की बढ़त। सोमवार के भाव के आधार पर 31 जुलाई की तुलना में कुल वृद्धि ₹8,644 प्रति 10 ग्राम दर्ज की जा चुकी है।
चांदी ने सोने को पीछे छोड़ा
चांदी ने इस हफ्ते सोने से भी तेज रफ्तार दिखाई। सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी सोमवार को 1.50 प्रतिशत यानी ₹3,473 उछलकर ₹2,34,939 प्रति किलोग्राम पर पहुंची। कारोबार के दौरान इसने ₹2,35,221 का उच्चतम और ₹2,31,660 का निम्नतम स्तर छुआ। 31 जुलाई को चांदी ₹2,18,295 प्रति किलोग्राम पर थी, जो पिछले शुक्रवार तक ₹2,31,381 हो गई — पाँच सत्रों में ₹13,086 की बढ़त। सोमवार के भाव को आधार मानें तो 31 जुलाई के मुकाबले कुल ₹15,435 प्रति किलोग्राम की वृद्धि दर्ज हो चुकी है।
ऐतिहासिक संदर्भ: चांदी अभी भी रिकॉर्ड से दूर
हालिया तेजी के बावजूद चांदी अभी भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से काफी नीचे है। 29 जनवरी 2026 को चांदी ने ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम का ऑल-टाइम हाई बनाया था। मौजूदा भाव ₹2,34,939 के हिसाब से यह अपने रिकॉर्ड स्तर से अभी भी लगभग ₹1,85,109 प्रति किलोग्राम नीचे कारोबार कर रही है। यह आंकड़ा बताता है कि चांदी में अभी भी दीर्घकालिक निवेश की संभावना बनी हुई है, हालांकि इस पर बाजार विशेषज्ञों की राय अलग-अलग है।
विशेषज्ञों का नजरिया और आगे की राह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, त्योहारी सीजन से पहले ज्वेलरी और निवेश दोनों श्रेणियों में मांग बढ़ रही है, जिसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ रहा है। इसके साथ ही बाजार में लॉन्ग बिल्डअप का रुझान भी देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियाँ अनुकूल बनी रहती हैं और त्योहारी माँग मजबूत रहती है, तो आने वाले दिनों में दोनों धातुओं में तेजी का रुख जारी रह सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रुख पर टिकी है, जो आगे की दिशा तय करेंगे।